ब्लाक प्रमुख व ग्राम प्रधानों को प्रशासक बनाने की समयावधि पांच दिन और टली

ब्लाक प्रमुख व ग्राम प्रधानों को प्रशासक बनाने की समयावधि पांच दिन और टली

सीएम व शासन में वार्ता के बाद गठित पंत समिति जल्द देगी अपनी रिपोर्ट

हमारी पंचायत, देहरादून
सीएम धामी से मुलाकात व पंचायतीराज सचिव से हुई वार्ता के बाद भी ब्लाक प्रमुख व ग्राम प्रधानों के जिला पंचायत अध्यक्ष की तरह प्रशासक बनने का रास्ता पूरी तरह साफ नहीं हुआ है। सचिव चंद्रेश कुमार से चर्चा के बाद शासन स्तर पर एक अपर सचिव युगल किशोर पंत की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन कर दिया गया है।

कमेटी में पंचायती राज निदेशक निधि यादव व संयुक्त सचिव बतौर सदस्य कार्य करेंगी। यह समिति 9 दिसम्बर तक अपनी रिपोर्ट देगी। इस रिपोर्ट के बाद ही ब्लाक प्रमुख व ग्राम प्रधानों के प्रशासक बनने पर छाई धुंध हटेगी।

गौरतलब है कि बीते हफ्ते ही 12 जिलों की त्रिस्तरीय पंचायतों का कार्यकाल खत्म हुआ। ब्लाक व ग्राम पंचायतों में अधिकारियों को प्रशासक पद पर बैठा दिया। जबकि निवर्तमान जिला पंचायत अध्यक्षों को प्रशासक की जिम्मेदारी दी गयी।

शासन के दोहरे मापदण्ड वाले आदेश के बाद ब्लाक व ग्राम प्रधान संगठन ने सीएम से मिलकर अपनी बात रखी। कहा कि,कोविड काल में दो साल कार्य नहीं हो पाए। लिहाजा, उन्हें कार्यकाल को विस्तार दे दिया जाय। इसके अलावा एक साल से अधिक अवधि से निकायों में भी अधिकारियों को प्रशासक की जिम्मेदारी दी गयी है।

बुधवार की बैठक के बाद गठित त्रिसदस्यीय समिति पांच दिन के अंदर अपनी रिपोर्ट शासन को सौंपेगी। इसके बाद ही ब्लाक प्रमुख व ग्राम प्रधान की जिम्मेदारी के बाबत कोई ठोस फैसला लिया जाएगा। उधर, विपक्षी दल कांग्रेस ने भी पंचायतों के बाबत शासन के अलग अलग आदेशों को लेकर तीखा विरोध जताया गया।

त्रिस्तरीय पंचायत के अवसान के दृष्टिगत उत्तराखण्ड राज्य के समस्त जनपदों (जनपद-हरिद्वार को छोड़कर) में प्रशासक की नियुक्ति किये जाने के सम्बन्ध में प्रमुख, क्षेत्र पंचायत संघ, उत्तराखण्ड के ज्ञापन दिनांक 03.12.2024 एवं प्रदेश प्रधान संगठन, उत्तराखण्ड द्वारा दिये गये ज्ञापन दिनांक 04.12.2024 तथा गा० गुख्यमंत्री जी / उच्च स्तर से प्राप्त निर्देशों, के क्रम में उत्तराखण्ड पंचायतीराज अधिनियम 2016 के सुसंगत प्रावधानों के अन्तर्गत क्षेत्र पंचायत/ ग्राम पंचायतों में प्रशासक की तैनाती सम्बन्धी व्यवस्था के अध्ययन एवं नियमानुसार कार्यवाही की संस्तुति करने हेतु निम्नवत् समिति का गठन किया जाता है-

  1. श्री युगल किशोर पंत, अपर सचिव, पंचायतीराज विभाग, उत्तराखण्ड शासन / अध्यक्ष ।
  2. श्रीमती निधि यादव, निदेशक, पंचायतीराज निदेशालय, उत्तराखण्ड / सदस्य ।
  3. श्रीमती हिमानी जोशी पेटवाल, संयुक्त सचिव, पंचायतीराज निदेशालय, उत्तराखण्ड / सदस्य ।

उपरोक्त समिति उत्तराखण्ड पंचायतीराज अधिनियम 2016 के सुसंगत प्रावधानों के अन्तर्गत परीक्षणोंपरान्त दिनांक 09.12.2024 तक सम्बन्धित प्रकरण पर सुस्पष्ट आख्या (साक्ष्य सहित) अधोहस्ताक्षरी को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करेंगे ताकि प्रकरण पर अग्रेत्तर कार्यवाही की जा सके।

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