हमारी पंचायत, नैनीताल
उत्तराखंड सचिवालय की अपनी आधिकारिक वेबसाइट न होने के मामले में नैनीताल हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है. हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को दो महीने के भीतर उत्तराखंड सचिवालय की आधिकारिक वेबसाइट तैयार करने का आदेश दिया है. इसी के साथ कोर्ट ने देहरादून की ‘समाधान’ संस्था द्वारा दायर जनहित याचिका को निस्तारित कर दिया है.
‘समाधान’ संस्था ने अपनी याचिका में कहा था कि उत्तराखंड सचिवालय की अपनी वेबसाइट का न होना सूचना अधिकार अधिनियम 2005 (Right to Information Act 2005) का खुला उल्लंघन है. याचिकाकर्ता ने कोर्ट को बताया कि इस संबंध में एक साल पहले भी प्रत्यावेदन दिया गया था और उन्हें एक साल के भीतर वेबसाइट बनाने का आश्वासन मिला था, लेकिन आज तक कोई प्रगति नहीं हुई है.
याचिकाकर्ता ने इस बात पर जोर दिया कि आधिकारिक वेबसाइट न होने से सूचना कार्यकर्ताओं और आम जनता को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि उन्हें उचित जानकारी नहीं मिल पा रही है.
वरिष्ठ न्यायाधीश मनोज कुमार तिवारी और न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए जनहित याचिका का निस्तारण कर दिया है और सामान्य प्रशासन विभाग को जल्द से जल्द सचिवालय की आधिकारिक वेबसाइट बनाने का निर्देश दिया है.

