युवा पीढ़ी को नशे से बचाने के लिए पहल, 20 अप्रैल तक ड्रग नेटवर्क मैपिंग पूरी करने के निर्देश
हमारी पंचायत, शिमला
हिमाचल प्रदेश को नशे से मुक्त करने के लिए सरकार पंचायत स्तर पर काम कर रही है। युवाओं को चिट्टा से बचाने के लिए पंचायतों में ड्रग नेटवर्क मैपिंग होगी ताकि तस्करों पर कार्रवाई अमल में लाई जा सके। पंचायत प्रधानों व प्रतिनिधियों को पता रहता है कि उनके क्षेत्र में कौन व्यक्ति चिट्टा बेचता है और कौन लेता है।

ऐसे में सरकार पंचायतों में नशे को जड़ से खत्म करने जा रही है। पुलिस विभाग को सूचना है कि शहरों के अलावा चिट्टा तस्कर पंचायतों में युवाओं को नशा बेचते है। ऐसे में पुलिस विभाग 600 पंचायतों में मैपिंग की जाएगी। पुलिस विभाग ने जिला प्रशासन की मदद से इस पर काम शुरू कर दिया है।
पुलिस विभाग का मानना है कि थाना स्तर पर नशा निवारण समितियों के बाद पंचायत स्तर पर कमेटियां गठित कर नशे के कारोबार पर नकेल कसेगी। पुलिस मुख्यालय ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के साथ इस रणनीति के बारे में चर्चा की है। पंचायत स्तर पर ग्राम प्रधान व पंचायत सदस्यों का नेटवर्क खड़ा किया जा सकता है। जो ग्रामीण इलाकों में बढ़ते नशे के कारोबार को रोकने में अहम भूमिका निभाएगा।
पहले ग्र्रामीण इलाकों में होने वाली हर छोटी बड़ी सूचना का बेहतर आदान-प्रदान होगा। साथ ही बड़े पैमाने पर लोगों को जागरूक करने के लिए पुलिस के लिए मददगार साबित होंगी। इससे जहां नशे के कारोबार पर लगाम कसी जाएगी।

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने चिट्टा तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इनकी संपत्तियों को नष्ट किया जा रहा है। अब तक करोड़ों की संपत्तियों को जब्त किया गया है। सीएम ने नशा तस्करी में संलिप्त कर्मचारियों को भी बर्खास्त करने के निर्देश दिए हैं।
मृत्यु दंड, आजीवन कारावास के अतिरिक्त 10 लाख रुपये जुर्माना करने का प्रावधान
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने हिमाचल प्रदेश संगठित अपराध (निवारण एवं नियंत्रण) संशोधित विधेयक 2025 पेश किया। सदन में इसे सर्वसम्मति से मंजूरी दी गई है।
अब हिमाचल में नशा तस्करों को मृत्यु दंड, आजीवन कारावास के अतिरिक्त 10 लाख रुपये जुर्माना करने का प्रावधान किया गया है। विधेयक के प्रावधानों के अनुसार ऐसी निषिद्ध दवाओं, जिनसे नशे की लत लग सकती है उसके परिवहन, आपूर्ति तथा इन्हें रखने की स्थिति में पकड़े जाने पर सजा मिलेगी।
प्रदेश सरकार ने सभी जिला पुलिस अधीक्षकों को 20 अप्रैल तक ड्रग नेटवर्क मैपिंग पूरी करने को कहा है। इसको लेकर पुलिस की अलग अलग टीमें इस काम में लगी हुई है। पंचायत प्रतिनिधियों का सहयोग लिया जा रहा है।

