पंचायत चुनाव पर लग सकता है चारधाम यात्रा का ब्रेक

2025 दिसंबर में हो सकते हैं हिमाचल में पंचायत चुनाव

हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर तैयारी शुरू

आयोग को चाहिए 35 हजार बैलेट बॉक्स

हमारी पंचायत, शिमला

हिमाचल प्रदेश में पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव की तैयारी शुरू हो गई है। पंचायतों का चुनाव सबसे बड़ा चुनाव होता है, क्योंंकि गांव स्तर पर लोग इस चुनाव में लोकतंत्र को मजबूत करने में आहुति डालते हैं।

इस बड़े चुनाव के लिए आयोग को तैयारी भी साल या डेढ़ साल पहले से शुरू करनी पड़ती है। इस बार अभी से इसलिए तैयारियां शुरू कर दी गई हैं, क्योंकि सरकार नए वार्ड व पंचायतें बनाने जा रही है, जिसकी वजह से आयोग का काम बढ़ेगा।

लिहाजा यह भी विचार है कि दिसंबर में मौसम अब ठीक रहता है, तो हो सकता है कि अगले साल दिसंबर में ही चुनाव करवा दिए जाएं। हालांकि अभी इस पर सरकार से चर्चा होनी है।

वैसे बता दें कि हिमाचल प्रदेश में पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव फरवरी 2026 में होने तय हैं, लेकिन यह उससे पहले भी हो सकते हैं। इन्हीं संभावनाओं को देखते हुए राज्य चुनाव आयोग ने चुनावी तैयारी शुरू कर दी है।

राज्य चुनाव आयोग ने जिलों का दौरा शुरू कर दिया है। अभी हमीरपुर व बिलासपुर जिलों का दौरा आयोग द्वारा किया गया है, जहां पर तैयारियों का जायजा लिया गया।

इतना ही नहीं, चुनाव आयोग की तरफ से सभी जिलों में जाकर स्थानीय प्रशासनों को इस संबंध में जानकारी दी जाएगी और इसके बाद समय-समय पर उनसे रिपोर्ट ली जाएगी। इसके साथ ही इलेक्शन की अपनी तैयारियों के चलते राज्य चुनाव आयोग ने बैलेट बॉक्स तैयार कर लिए हैं, क्योंकि पंचायतों का चुनाव ईवीएम के माध्यम से नहीं होगा।

ईवीएम केवल शहरी निकायों के चुनाव में इस्तेमाल की जाती है। बताया जा रहा है कि राज्य चुनाव आयोग के पास 30 हजार पुराने बैलेट बॉक्स पड़े हुए थे, जिसमें से 23 हजार बैलेट बॉक्स अच्छी स्थिति में हैं और पूरी तरह से ठीक हैं, मगर 6000 बैलेट बॉक्स खराब स्थिति में थे, जिनको ठीक करवा दिया गया है।

इनकी रिपेयर का काम पूरा हो गया है। 1000 बैलेट बॉक्स को आयोग ने कंडम कर दिया है। इसके बावजूद चुनाव आयोग 6000 नए बैलेट बॉक्स की खरीद करेगा, जिसकी प्रक्रिया भी उसने शुरू कर दी है। इसके लिए बाकायदा टेंडर किए जा चुके हैंं।

आयोग के मुताबिक उसे अगले पंचायती चुनाव के लिए कुल 35 हजार बैलेट बॉक्स की जरूरत रहेगी, क्योंकि यहां पर नई पंचायतों का भी गठन किया जा रहा है और उनके बढऩे से यहां वार्ड भी बढ़ जाएंगे और उसके मुताबिक पोलिंग स्टेशन बढ़ेंगे।

अभी आयोग के पास कुल 21,500 वार्ड हैं, जिनमें 7200 पोलिंग पार्टियां इस्तेमाल की जाती हैं। प्रति पोलिंग पार्टी चार बैलेट बॉक्स इस्तेमाल किए जाते हैं। इसके साथ रिजर्व में भी बॉक्स रखने पड़ते हैं।

ऐसे में कुल 35 हजार के करीब बैलेट बॉक्स की जरूरत रहेगी और आयोग के पास अभी 29 हजार बॉक्स हैं। इसलिए वह 6000 नए बैलेट बॉक्स की खरीद करेगा, जिसकी प्रक्रिया भी उसने शुरू कर दी है।

मौसम की स्थिति देखेंगे

हिमाचल प्रदेश में लगातार मौसम में बदलाव हो रहा है। इस मौसम के बदलाव को देखते हुए राज्य चुनाव आयोग द्वारा चुनाव कब करवाए जाएंगे, इसको लेकर चर्चा की जा रही है। सामने यह आ रहा है कि फरवरी में चुनाव ड्यू हैं, मगर उस दौरान बर्फबारी हो जाती है।

क्योंकि चुनाव एक ही समय में सभी स्थानों पर करने हैं, तो दिसंबर महीने में ही इस प्रक्रिया को निपटाया जा सकता है। अभी सरकार इस पर क्या राय देती है, यह भी देखना होगा, लेकिन चुनाव को फरवरी से आगे नहीं टाला जा सकता।

नियमों में इसके लिए प्रावधान नहीं है। वैसे पिछली बार नियमों में परिवर्तन भी करना पड़ा था। ऐसे में उम्मीद है कि आगामी चुनाव में भी फेरबदल हो।

पंचायतों की संख्या बढ़ेगी

प्रदेश में इस समय पंचायतों की संख्या 3615 की है। पूर्व सरकार ने भी पंचायतों की संख्या को बढ़ाया था। अभी वर्तमान सरकार ने भी कई पंचायतों को तोडक़र शहरों में जोड़ दिया है, वहीं नई पंचायतों का गठन अभी किया जाना है।

लगभग इतनी ही पंचायतें प्रदेश में नई जोडऩे के बाद भी रहेगी, ऐसा अनुमान है। इसी अनुमान के हिसाब से यहां पर बैलेट बॉक्स तैयार किए गए हैं।

फिलहाल बिलासपुर में 1140, चंबा में 1771, हमीरपुर में 1436, कांगड़ा में 4802, किन्नौर में 389, कुल्लू में 1387, लाहुल स्पीति में 227, मंडी में 3271, शिमला में 2302, सिरमौर में 1601, सोलन में 1522, ऊना में 1555 वार्ड हैं।

Comments

No comments yet. Why don’t you start the discussion?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *