सरकार गांव के द्वार: डोडरा क्वार में बोले मुख्यमंत्री
हमारी पंचायत, शिमला
शनिवार को डोडरा क्वार पहुंचने पर सीएम सुक्खू का गर्मजोशी से स्वागत किया।
सुक्खू ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि डोडरा क्वार का जिला परिषद का वार्ड अलग किया जाएगा।
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू आज शिमला के दुर्गम क्षेत्र डाेडरा क्वार के प्रवास पर हैं। स्थानीय लोगों के साथ ही मुख्यमंत्री रात्रि भोज करेंगे। क्वार में ही मुख्यमंत्री का रात्रि ठहराव होगा। यहां सरकार गांव के द्वार योजना में स्थानीय लोगों के बीच रहकर मुख्यमंत्री उनकी समस्याओं को जानेंगे।

समस्याओं का मौके पर निपटारा करने के लिए अफसरशाही भी वहां मौजूद रहेगी। शनिवार को डोडरा क्वार पहुंचने पर सीएम सुक्खू का गर्मजोशी से स्वागत किया। इस दाैरान छात्राओं ने नाटी की शानदार प्रस्तुति दी।
मुख्यमंत्री ने चैधार मैदान में गसांगो से जिसकुन तक संपर्क सड़क का उद्घाटन किया। डोडरा से चमधार तक सड़क और गांव पुजारली (डोडरा क्वार) से टाल पुल होते हुए उत्तराखंड सीमा तक संपर्क मार्ग का शिलान्यास किया।
उन्होंने लाभार्थियों को इंदिरा गांधी प्यारी बहना सम्मान निधि के तहत 29 अक्तूबर से पहले डोडरा क्वार की सभी पात्र महिलाओं को 1500-1500 रुपये भी किश्त वितरित करने की घोषणा की। साथ ही महिलाओं को सम्मान निधि के चेक वितरित किए। भविष्य में यह तीन साल में तीन किश्तों में मिलेंगे। कहा कि हर साल 18 हजार रुपये दिए जाएंगे।

सुक्खू ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि डोडरा क्वार का जिला परिषद का वार्ड अलग किया जाएगा। क्षेत्र की पांच ग्राम पंचायतों को एक-एक करोड़ देने की घोषणा की। बेली ब्रिज के लिए साढ़े चार करोड़ रुपये की घोषणा की। जाखा में पुल के लिए राशि उपलब्ध करवाई जाएगी। अस्पताल में नर्सों व डाॅक्टरों की भर्ती की जाएगी। चिढ़गांव से ऊपर सड़क को तुरंत पक्का किया जाएगा।
सुक्खू ने कहा कि हमारी सरकार ने सारे चोर दरवाजे बंद किए। हमने सरकार के धन को बचाया। एक साल में 2200 करोड़ का राजस्व अर्जित किया। पांच साल में भाजपा सरकार ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था के बारे में नहीं सोचा। सीएम सुक्खू ने कहा कि भाजपा के किसी भी सांसद ने आपदा में राज्य सरकार की मदद क्यों नहीं की? क्यों केंद्र सरकार से मदद नहीं मांगी गई? कहा कि डोडरा क्वार में रात गुजारने के बाद पांगी व चाैपाल के कुपवी का दाैरा भी करेंगे।
मुख्यमंत्री ने आम लोगों से सीधा संवाद स्थापित करने और प्रदेश सरकार की नीतियों और कार्यक्रमों के कार्यान्वयन का धरातल पर स्वयं आकलन करने के लिए यह पहल की है। मुख्यमंत्री कार्यालय से मंत्रिमंडल के सभी सदस्यों को भी इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं कि वह ग्रामीण क्षेत्रों का दौरा करें और लोगों के बीच जाकर उनकी समस्याओं का समाधान करें।
हिमाचल प्रदेश में ऐसा पहली बार होने जा रहा है, जब मुख्यमंत्री खुद लोगों के साथ जन समस्याएं सुनते हुए समय बिताएंगे। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि व्यवस्था परिवर्तन से आत्मनिर्भरता की ओर सरकार के इस अभियान में अब गांव का रुख किया जाएगा

