शिमला, संजौली मस्जिद की 3 मंजिल गिराने के आदेश

धार्मिक स्थल में अवैध निर्माण पर शिमला में भड़के लोग

संजौली और चौड़ा मैदान में जोरदार प्रदर्शन, मौके पर भारी पुलिस बल तैनात

हमारी पंचायत, शिमला

संजौली और चौड़ा मैदान में धार्मिक स्थल में अवैध निर्माण के विरोध में गुरुवार को स्थानीय लोगों की ओर से प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।

गौरतलब है कि राजधानी के संजौली में समुदाय विशेष के धार्मिक स्थल में अवैध निर्माण को गिराने की मांग को लेकर स्थानीय लोगों ने बीते रविवार को तीन घंटे तक जनप्रतिनिधियों की अगुवाई में प्रदर्शन किया था।

बताया गया कि शुक्रवार रात को मल्याणा में दो गुटों के बीच हुई मारपीट के बाद स्थानीय लोगों में भारी रोष था। पुलिस के मुताबिक यहां रात को मामूली कहासुनी से यह विवाद शुरू हुआ और बात बढ़ने के बाद दो पक्षों में हुई मारपीट में पांच लोग घायल हो गए।

आरोप है कि एक पक्ष ने लोहे की रॉड से हमला किया, जिसमें यशपाल नाम के व्यक्ति के सिर पर गंभीर चोटें आईं। पुलिस ने इस संबंध में केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी। वहीं मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया ।

प्रदर्शन के बाद निगम आयुक्त भूपेंद्र अत्री ने इस पर स्थिति स्पष्ट की। नगर निगम के अनुसार साल 2010 से यहां वक्फ बोर्ड की जमीन पर निर्माण शुरू हुआ था। तब से नगर निगम आयुक्त कोर्ट में इस पर सुनवाई चल रही है।

हालांकि, कोरोनाकाल के दौरान अचानक तीन मंजिलें तैयार हो गईं। इसकी भी सुनवाई चल रही है। यह निर्माण बिना नक्शे के किया गया है। नगर निगम के अनुसार हाल ही में संस्थान के पास एक शौचालय का निर्माण भी हो गया। इसे शिकायत मिलते ही तुड़वा दिया गया।

अवैध निर्माण के विरोध में गुरुवार को हिंदूवादी संगठनों, स्थानीय लोगों व भाजपा की ओर से उग्र प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।

अवैध निर्माण के विरोध में गुरुवार दोपहर 12:00 बजे संजौली चौक से ढली टनल और फिर चौक तक प्रदर्शन हुआ। इस दौरान जमकर नारेबाजी की गई। इसके बाद प्रदर्शनकारी 1:35 बजे दोबारा संजौली चौक पर पहुंचे। इससे ट्रैफिक जाम हो गया।

इसके बाद प्रदर्शनकारी संजौली चौक पर बैठ गए। वाहनों की लबी कतारें लग गईं। कई एंबुलेंस भी जाम में फंस गईं। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल रहीं। लोगों ने अवैध निर्माण गिराने के लिए दो दिन का अल्टीमेटम दिया है। शनिवार के एमसी कमिशनर कोर्ट के फैसले का इंतजार करेंगे। फैसला न होने की स्थिति में बड़े स्तर पर प्रदर्शन किया जाएगा।

इसी मामले पर देवभूमि क्षत्रिय संगठन सवर्ण मोर्चा ने चौड़ा मैदान में प्रदर्शन किया और इस दौरान सरकार के समक्ष मांगों को रखा। संगठन के प्रदेशाध्यक्ष रुमित ठाकुर ने बताया कि उनकी मांग अवैध ढांचे को गिराने की है। इसके अलावा प्रदेश में बाहरी राज्यों से आने वाले प्रवासी लोगों के पंजीकरण करने और अवैध रूप से सड़कों पर रेहड़ी-फड़ी सजाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग रखी जाएगी।

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