हमारी पंचायत
संजय राउत ने कहा कि बीजेपी ने हारी हुई बाजी जीती है. मानना पड़ेगा बीजेपी का एक मैनेजमैंट सिस्टम है, लेकिन महाराष्ट्र में आप कुछ भी कर लें, यहां कुछ नहीं हो सकता।
हरियाणा विधानसभा चुनाव का रिजल्ट आने के बाद महाराष्ट्र में सियासत गरमा गई है। कांग्रेस की हार पर शिवसेना-यूबीटी के सांसद संजय राउत ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में कांग्रेस अगर अकेले चुनाव लड़ना चाहती है तो वो अपनी भूमिका स्पष्ट करें।
कांग्रेस के गर्व ने उन्हें हरियाणा चुनाव हराया. मुख्यमंत्री पद का चेहरा महाविकास आघाडी की तीन पार्टीयों को मिलकर अब घोषित करना चाहिए। संजय राउत ने कहा, “बीजेपी ने 370 का मुद्दा उछाला, जहां से हटाया वहां बीजेपी हार गई।

हरियाणा में INDIA गठबंधन नहीं जीत पाई, उनको लगा हम अकेले जीत जाएंगे। बीजेपी ने हारी हुई बाजी जीती है, मानना पड़ेगा कि बीजेपी का एक मैनेजमैंट सिस्टम है। महाराष्ट्र में आप कुछ भी कर लें, यहां कुछ नहीं हो सकता। सीट शेयरिंग हो चुकी है, हरियाणा में गलती हुई है, रीजनल पार्टी के समर्थन के बिना कुछ नहीं होता। उसके बिना नरेंद्र मोदी पीएम नहीं बन पाते।”
सीट बंटवारे पर संजय राउत ने कहा, “महाराष्ट्र में सीट शेयरिंग लगभग तय हो गई है, लेकिन हरियाणा में जो हुआ उससे हमें सबक लेने की जरूरत है। हरियाणा में कुछ ऐसा हुआ जो नहीं होना चाहिए था।
महाराष्ट्र में उसे दुरुस्त करना पड़ेगा। फिलहाल, ऐसा हमें लगता है, शायद कांग्रेस को नहीं लगता होगा। इसलिए मैं एमवीए और इंडिया गठबंधन की बात कर रहा हूं, तो हमें महाराष्ट्र में उस हिसाब से काम करना होगा।”
उन्होंने कहा, “बिना रीजनल पार्टी के सहयोग से कोई भी पार्टी देश में राज नहीं कर सकती है। चाहे वो कांग्रेस हो या बीजेपी हो। आज मोदी सरकार रीजनल पार्टी के सहयोग से चल रही है। अटल बिहारी वाजपेयी की भी सरकार रीजनल पार्टी के सहयोग से बनी थी। मनमोहन सिंह की सरकार भी रीजनल पार्टी के सहयोग से बनी थी इसलिए रीजनल पार्टी की जरूरत है और रहेगी।”

