लाल किले पर 78वें स्वतंत्रता दिवस समारोह के साक्षी बने पंचायत प्रतिनिधि

लाल किले पर 78वें स्वतंत्रता दिवस समारोह के साक्षी बने पंचायत प्रतिनिधि

हमारी पंचायत, दिल्ली

भारत के 78वें स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित एक ऐतिहासिक कार्यक्रम में, देश भर से पंचायती राज संस्थाओं के लगभग 400 निर्वाचित प्रतिनिधि विशेष अतिथि के रूप में प्रतिष्ठित लाल किले में एकत्रित हुए। केंद्र सरकार की अगुआई में शुरू की गई इस पहल ने ग्रामीण भारत की धड़कनों को राष्ट्रीय राजधानी तक पहुंचाया और एकता तथा साझा उद्देश्य की भावना को बढ़ावा दिया।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित करते हुए भारत की प्रगति और समृद्धि में स्थानीय शासन की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने पंचायतों सहित देश की तीन लाख संस्थागत इकाइयों से सालाना दो सार्थक सुधार लागू करने का आह्वान किया। प्रधानमंत्री ने कहा, “अगर हम एक साल में 25-30 लाख सुधार हासिल कर लेते हैं, तो आम आदमी का आत्मविश्वास बढ़ेगा और हमारा देश नई ऊंचाइयों पर पहुंचेगा।

प्रधानमंत्री ने भारतीय लोकतंत्र को मजबूत करने और हाशिए पर पड़े समुदायों के अधिकारों की रक्षा करने में संविधान की 75 साल की यात्रा पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कर्तव्य के महत्व पर जोर देते हुए कहा, “जब कर्तव्य निभाया जाता है, तो उसमें अधिकारों की रक्षा अंतर्निहित होती है।”लाल किले का प्रांगण भारत की विविधता के जीवंत कैनवास में बदल गया, जिसमें पंचायत प्रतिनिधियों ने विभिन्न क्षेत्रों की पारंपरिक पोशाक पहनी थी। तिरंगे और देशभक्ति के साझा उत्साह से एकजुट, इन जमीनी नेताओं ने ‘विविधता में एकता’ का सार प्रस्तुत किया।

78वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व-संध्या पर, पंचायती राज संस्थाओं (पीआरआई) की निर्वाचित महिला प्रतिनिधियों (ईडब्ल्यूआर) को सम्मानित करने के लिए एक विशेष सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में देश के विभिन्न हिस्सों से लगभग 400 प्रतिभागियों ने भाग लिया और इन बेहतर प्रदर्शन करने वाली पंचायत नेताओं को विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया था।

केंद्रीय पंचायती राज मंत्री श्री राजीव रंजन सिंह और केंद्रीय पंचायती राज राज्य मंत्री प्रो. एस.पी.एस. बघेल ने स्थानीय शासन में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका को महत्व देते हुए उनकी भागीदारी और नेतृत्व को और प्रोत्साहित किया। इस अवसर पर पंचायती राज मंत्रालय के सचिव विवेक भारद्वाज, विशेष सचिव डॉ. चंद्रशेखर कुमार, संयुक्त सचिव आलोक प्रेम नागर, ममता वर्मा, विकास आनंद, राजेश कुमार सिंह, आर्थिक सलाहकार डॉ. बिजय कुमार बेहरा, विभिन्न राज्यों के अधिकारी और अन्य प्रतिभागी मौजूद थे।

पंचायती राज मंत्रालय ने आने वाले पंचायत प्रतिनिधियों के लिए कार्यक्रम के बाद दोपहर के भोजन सहित एक समृद्ध अनुभव की सुविधा प्रदान की। इस मंच ने प्रतिनिधियों को अनुभव साझा करने, एक-दूसरे की सर्वोत्तम कार्य-प्रणालियों से सीखने और 14-15 अगस्त, 2024 के दौरान मंत्रालय की नवीन पहलों के बारे में जानकारी प्राप्त करने का अवसर दिया।

पंचायत प्रतिनिधियों को दिए गए इस अभूतपूर्व निमंत्रण ने पूरे देश में जमीनी स्तर पर शासन में एक नई ऊर्जा का संचार किया है। यह ग्रामीण स्थानीय निकायों को सशक्त बनाने और राष्ट्र निर्माण में उनकी अपरिहार्य भूमिका को मान्यता देने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता पर जोर देता है। जैसे-जैसे भारत अपनी स्वतंत्रता के 78वें वर्ष में आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है, इस ऐतिहासिक समारोह में पंचायत प्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी समावेशी विकास और सतत विकास की दिशा में देश की यात्रा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।

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