शिमला, संजौली मस्जिद की 3 मंजिल गिराने के आदेश

शिमला, संजौली मस्जिद की 3 मंजिल गिराने के आदेश

आयुक्त बोले-अपने खर्च पर मस्जिद तोड़ेगी कमेटी, लोकल रेजिडेंट की अर्ची खारिज

हमारी पंचायत, शिमला

हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला की संजौली मस्जिद में हुए अवैध निर्माण को गिराने के आदेश जारी हो गए हैं। नगर निगम शिमला के आयुक्त कोर्ट में शनिवार को हुई सुनवाई में इस पांच मंजिला मस्जिद की ऊपरी तीन मंजिलों को गिराने के आदेश जारी किए हैं। दो माह के भीतर यह अवैध निर्माण गिराना होगा।

मस्जिद कमेटी खुद इस अवैध निर्माण को तोड़ेगी। कमेटी के अध्यक्ष मोहम्मद लतीफ का कहना है कि अभी उन्हें विस्तृत आदेशों का इंतजार है। लेकिन इस मामले में कोर्ट से जो आदेश आए हैं, उन्हें मंजूर हैं। कहा कि कमेटी या वक्फ बोर्ड इन आदेशों को चुनौती नहीं देंगे। पैसा जुटाकर अब अवैध मंजिलों को तोड़ा जाएगा।

संजौली के स्थानीय लोगों ने पिछली सुनवाई में आयुक्त कोर्ट में इस मामले में पार्टी बनाए जाने को लेकर आवेदन किया था। लोगों का कहना था कि यह मामला पिछले 15 साल से नगर निगम कोर्ट में लटक रहा है। स्थानीय लोग इस मामले में पार्टी बनकर कुछ जरूरी तथ्य देना चाहते हैं, जिससे इस मामले पर फैसला लेना आसान होगा।

शनिवार को नगर निगम आयुक्त कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान करीब डेढ़ घंटे तक स्थानीय लोगों की ओर से पेश हुए अधिवक्ता ने अपना पक्ष रखा। वहीं वक्फ बोर्ड की ओर से स्थानीय लोगों को इस मामले में पार्टी बनाए जाने का विरोध किया गया। नगर निगम ने भी अपना पक्ष रखा और इस मामले में संजौली के लोगों को तीसरी पार्टी के तौर पर शामिल नहीं करने का पक्ष रखा।

नगर निगम के कनिष्ठ अभियंता ने कोर्ट में जो स्टेटस रिपोर्ट दी है उस पर भी वक्फ बोर्ड और मस्जिद कमेटी से सवाल-जवाब हुए । बता दें, 7 सितंबर को हुई सुनवाई में वक्फ बोर्ड ने मस्जिद के भीतर हुए अवैध निर्माण को लेकर नगर निगम के अभियंता से रिपोर्ट मांगी थी। इनका कहना था कि निगम उन्हें बताए कि कुल कितना अवैध निर्माण हुआ है। इस पर आयुक्त ने कनिष्ठ अभियंता को ताजा रिपोर्ट देने के निर्देश दिए थे।

 अब इस मामले पर फैसला आया है। आयुक्त कोर्ट की सुनवाई से पहले मस्जिद कमेटी ने खुद नगर निगम को एक लिखित आवेदन दिया था कि यदि आयुक्त कोर्ट से मस्जिद में हुए अवैध निर्माण को गिराने के आदेश जारी होते हैं तो कमेटी खुद अवैध निर्माण गिराने को तैयार है।

पटवार सर्कल संजौली में वक्फ बोर्ड के पास 156 बीघा जमीन

सुनवाई के दौरान यह भी खुलासा हुआ कि पटवार सर्कल संजौली में वक्फ बोर्ड के पास 156 बीघा जमीन है। हालांकि, मस्जिद के पास कोई जमीन नहीं है। वक्फ बोर्ड को सलीम टेलर की वजह से नोटिस गया है।

आज तक कोई टैक्स भी नहीं दिया गया।15 साल में कोई प्रशासन ने कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की। उधर, सरकार के वकील ने अदालत में कहा कि लोकल रेजिडेंट प्रशासनिक गलतियों की दलील पेश कर रहे हैं। जो प्रशासन का आंतरिक मामला है।

प्रशासन को देखना है कि गलती किसने की। इस मामले में यह देखा जाए कि इसमें पार्टी कौन है। आर्कटेक्टर प्लानर है… रिकॉर्ड में सभी तथ्य दर्ज हैं। जो लोकल रेजिडेंट्स के वकील की और से बातें रखी गई हैं वो पार्टी बनने के लिए काफी नहीं हैं।

अभी ऐसी कोई स्थिति नहीं है, ऐसे मामलों में सुप्रीम कोर्ट की ओर से भी स्पष्ट किया गया है कि पार्टी कौन हो सकता है। अनावश्यक रूप से पार्टी बनाने को लेकर भी एक मामले से अदालत ने सप्ष्ट कहा है, यह अवैध निर्माण संबंधी मामला है।

राज्य सरकार ने भी रखा अपना पक्ष

राज्य सरकार के वकील ने लोकल रेजिडेंट्स को केस में पार्टी बनाने का विरोध किया। वहीं, वक्फ बोर्ड के वकील ने भी लोकल रेजिडेंट्स को पार्टी बनाने का विरोध जताया। वक्फ बोर्ड ने अदालत में कहा कि अर्जी में टॉप पर लिखा गया है कि लोकल रेजिडेंट्स ऑफ संजौली, जबकि ये कौन तय करेग, ऐसे तो कल को कोई भी आकर कहेगा कि मुझे भी पार्टी बनाया जाए।

मस्जिद के भीतर अवैध गतिविधि हो रही है या नही, वो इस केस में तय नहीं किया गया है। आज तक क्यों चुप बैठे थे। अगर ऐसा हो रहा था तो आज पार्टी बनने की जरूरत क्यों पड़ी।

वकील ने कहा कि जब निर्माण हो रहा था तो उस वक्त क्यों केस नहीं किया। ऐसे केस में हाई कोर्ट के भी निर्देश हैं। यहां पर लोग खुद ही जज बन गए हैं और फैसला दे रहे हैं कि मस्जिद अवैध है, यह अदालत तय करेगी की मस्जिद वैध है या अवैध।

15 साल से इस मामले में कुछ नहीं हुआ-लोकल रेजिडेंट्स

इस पर लोकल रेजिडेंट्स के वकील ने अदालत में कहा–हम वक्फ के खिलाफ नहीं हैंऔर न ही नगर निगम के खिलाफ हैं। हम केवल यह कह रहे हैं कि 15 साल से इस मामले में कुछ नहीं हुआ। मेरी एप्लीकेशन आज खारिज कर दो, लेकिन कार्रवाई की जाए। अगर इस मामले में लोकल रेजिडेंट्स पार्टी नहीं बन सकते हैं तो वक्फ बोर्ड भी नहीं बन सकता है।

इस बीच अदालत ने पूछा कि आपके पार्टी नहीं बनने से क्या नुकसान होगा तो लोकल रेजिडेंट्स के वकील ने जबाव में कहा कि यह लोग भी 15 साल कहां थे ? 11 नोटिस गए, जब सलीम टेलर चला गया तो यह आ गए।

लोकल रेजिडेंट्स ने आरती गुप्ता को ऑथराइज किया है। साथ ही कहा कि 12.9.2024 को मुस्लिम वेलफेयर कमेटी ने कमिश्नर को एप्लीकेशन दी कि अगर निर्माण अवैध है तो तोड़ दिया जाए।

इस दौरान 1 घंटा 14 मिनट तक दलीलें चलती रही। आखिरकार शाम को पांच बजे के करीब कोर्ट ने मस्जिद के अवैध निर्माण को गिराने के आदेश जारी कर दिए।

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