मिलेगा कैशलेस इलाज, 40 हजार का ट्रेन कूपन, पेट्रोल के लिए हर महने 30 हजार अलग, भत्ता भी बढ़ेगा
जनता की कमाई पर माननीयों को मलाई, पंचायत प्रतिनिधियों की अनदेखी
हमारी पंचायत, गैरसैंण
उत्तराखंड विधानसभा मानसून सत्र के दौरान सदन में 5600 करोड़ रुपये के अनुपूरक बजट समेत 8 विधेयक पेश किए जाएंगे, लेकिन सबसे अच्छी खबर विधायकों के लिए है। प्रदेश सरकार माननीयों के भत्ते में संशोधन करने के साथ ही विधायकों और पूर्व विधायकों को कैशलेस इलाज की सुविधा भी मिलेगी। तदर्थ समिति की सिफारिश का प्रतिवेदन के साथ राज्य विधानसभा विविध संशोधन विधेयक पटल पर रखा गया है।
नई व्यवस्था के मुताबिक विधायक और पूर्व विधायक समेत उनके आश्रितों को कैशलेस इलाज की सुविधा दी जाएगी। वर्तमान और पूर्व विधायक के इलाज के लिए यदि एम्स उन्हें विदेश में उपचार कराने के लिए सिफारिश करता है तो उन्हें भेजा सरकारी खर्च पर भेजा जाएगा। विधायकों को गोल्डन कार्ड पर कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी। इतना ही नहीं, इसके अलावा 40 हजार के रेलवे के कूपन और पेट्रोल के लिए 30 हजार रुपये हर महीने नकद मिलेंगे।

गौरतलब है कि सरकार और विपक्ष को अपने वेतन, भत्ते, यात्रा और इलाज आदि आवश्यकताएं तो बखूबी नज़र आती है और समय – समय पर इसमें बढ़ौतरी भी होती रहती है लेकिन पंचायत प्रतिनिधियों को उपयुक्त वेतन भी भारी महसूस होता है। सरकार ने हमेशा ही पंचायतों के साथ सौतेला व्यवहार किया है। उत्तराखंड में पंचायत प्रतिनिधियों का वेतन 1500 से 3500 रूपये करने पर अपनी पीठ थपथपाती रही, मानों पंचायतों को कुबेर का खजाना दे दिया हो।
सांसदों और विधायकों समय-समय पर अपने वेतन, भत्ते, स्वास्थ्य सुविधाएँ तो नज़र आती है लेकिन त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधियों को भी इन समस्याओं से गुज़रना पड़ता है इसके लिए कोई नहीं सोचता। शासन और प्रशासन ने पंचायतों को बंधक बनाकर रखा हुआ है। बदतर सुविधाओं में बेहतर परिणाम की आस लगाए सत्ताधारी कभी यह नहीं सोचते कि पंचायत प्रतिनिधियों के सामाजिक ज़िम्मेदारियों के अलावा पारिवारिक भी दायित्व होते हैं।
एक पंचायत प्रतिनिधि को ग्रामसभा से लेकर तहसील, क्लॉक, जिला कार्यालय और आवश्यकता अनुसार सचिवालय तक अनेक दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ते हैं उसके अलावा घर -परिवार का भरण-पोषण, जनता के सुख-दुःख, नेता – अधिकारीयों की आवभगत भी करनी पड़ती है। यहां यक्ष प्रश्न यह है कि क्या यह सब 3500 रूपये के वेतन में मुमकिन है..?

