भाजपा- कांग्रेस को मिली इतनी सीटें
हमारी पंचायत, देहरादून
देश में गांव की संसद अर्थात पंचायत चुनाव के परिणाम घोषित हो गए है। प्रदेश के 12 जिलों में हुए त्रिस्तरीय पंचायतों के लिए जिला पंचायत सदस्य, क्षेत्र पंचायत सदस्य और ग्राम प्रधान के कुल 10831 पदों के लिए हुए चुनाव के परिणाम आ गए हैं। इनमें जिला पंचायत के 358 पद, क्षेत्र पंचायत के 2974 पद और ग्राम प्रधानों के 7499 पद शामिल हैं।
राज्य निर्वाचन आयोग ने इस बार प्रधान के 7,499, सदस्य क्षेत्र पंचायत के 2,974, सदस्य जिला पंचायत के 358 और सदस्य ग्राम पंचायत के 55,587 पदों को मिलाकर कुल 66,418 पदों के लिए चुनाव की अधिसूचना जारी की थी। इनमें से 22,429 प्रत्याशी निर्विरोध निर्वाचित हो गए थे। 32,907 पद रिक्त रह गए थे। 11,082 पदों के लिए दो चरणों में मतदान कराया गया था। इनके सापेक्ष 32,580 मैदान में थे।
बीजेपी कर रही जीत का दावा लेकिन परिवार हरे –
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी बेशक अपनी जीत का दावा कर रही है, लेकिन सच्चाई यह है कि परिवार हार गए। पार्टी ने जहां भी दिग्गजों के परिजन को मैदान में उतारा, वहीं जनता ने उन्हें नकार दिया। पंचायत चुनाव में पार्टी दिग्गजों के बहू, बेटे, पत्नी को मतदाताओं ने सिरे से नकार दिया।
नैनीताल में भाजपा विधायक सरिता आर्या के बेटे रोहित आर्या, सल्ट विधायक महेश जीना के बेटे करन को स्याल्दे बबलिया क्षेत्र पंचायत सीट, बदरीनाथ के पूर्व विधायक राजेंद्र भंडारी की पत्नी रजनी भंडारी, लोहाघाट के पूर्व विधायक पूरन सिंह फर्त्याल की बेटी, लैंसडोन विधायक दिलीप रावत की पत्नी, नैनीताल जिला में भाजपा की निर्वतमान जिला पंचायत अध्यक्ष बेला तोलिया, भीमताल विधायक राम सिंह कैड़ा की बहू, चमोली भाजपा जिलाध्यक्ष गजपाल भर्तवाल जैसे तमाम दिग्गजों को हार का सामना करना पड़ा।
तो चुनाव नतीजों की तस्वीर कुछ और होती
भाजपा चुनाव में कांग्रेस पर परिवारवाद को लेकर सियासी प्रहार करती रही। मतदाताओं ने कांग्रेस के परिवारवाद को स्वीकार किया, जबकि भाजपा को नकारा है। राजनीतिक दिग्गजों का मानना है कि भाजपा ने समर्थन देने में अगर परिवारवाद के बजाय मजबूत दावेदारों का चयन किया होता तो चुनाव नतीजों की तस्वीर कुछ और ही सामने होती।
पंचायतों में लाभ के लिए मिलकर प्रयास करेंगे
उत्तराखंड की देवतुल्य जनता का आभार व्यक्त करता हूं। मानसून के मौसम में शांतिपूर्ण चुनाव हुआ। करीब 70 प्रतिशत लोगों ने मतदान में भाग लिया। चुनाव जीतकर बड़ी संख्या में आए भाजपा समर्थित के अलावा अन्य विचारधारा के प्रत्याशियों को भी बधाई देता हूं। सबकी जिम्मेदारी है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प में अपना योगदान दें। ग्राम सभाएं विकसित होंगी तो भारत विकसित होगा। जल्द ही पंचायत प्रतिनिधियों का प्रशिक्षण शिविर होगा। पंचायतों में स्वच्छता, आत्मनिर्भरता के साथ ही केंद्र व राज्य की योजनाओं का लाभ अंतिम छोर तक पहुंचे, हम सब मिलकर ये प्रयास करेंगे।
- पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री, उत्तराखंड सरकार
पंचायत चुनाव की यह जीत न केवल उत्साहवर्धक है बल्कि ऐतिहासिक भी है। भाजपा को 2019 में 200 सीटें मिली थीं। उसमें हरिद्वार भी शामिल था। अब भाजपा को हरिद्वार छोड़कर 216 सीटें मिली हैं। उस लिहाज से हरिद्वार की 44 सीटों को जोड़कर यह आंकड़ा 260 है। यह अब तक सीएम पुष्कर सिंह धामी सरकार की पंचायतों में ऐतिहासिक जीत है। सभी जिलों में भाजपा का बोर्ड बनने जा रहा है।
-महेंद्र भट्ट, प्रदेश अध्यक्ष, भाजपा
जिला पंचायत अध्यक्ष जरूर कांग्रेस समर्थित बनेंगे
पंचायत चुनाव के परिणाम कांग्रेस के पक्ष में आए हैं। ग्रामीण क्षेत्र की जनता ने भाजपा सरकार की विरोधी नीतियों के खिलाफ मतदान किया। पंचायत चुनाव नतीजे बताते हैं कि 2027 में कांग्रेस सत्ता में आएगी। भाजपा छल कपट व प्रलोभन के हथकंडे न अपनाए तो कई जिलों में जिला पंचायत अध्यक्ष कांग्रेस समर्थित बनेंगे।
-करन माहरा, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष
जिला पंचायतों में भाजपा-कांग्रेस को पीछे छोड़ निर्दलीयों का डंका
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में सत्ताधारी भाजपा और विपक्ष के बीच निर्दलीयों ने अपनी जीत का डंका बजाया है। जिला पंचायत सदस्य के पदों पर जीतने वालों में सबसे बड़ी संख्या निर्दलीय प्रत्याशियों की उभरकर सामने आई।
बृहस्पतिवार से शुरू हुई मतगणना शुक्रवार को दोपहर में संपन्न हो गई। राज्य में जिला पंचायत सदस्य की 358 सीटों में से 145 पर निर्दलीयों ने कब्जा जमाया। 121 सीटों पर भाजपा समर्थित और 92 सीटों पर कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी जीते। 2019 के पंचायत चुनाव में भी भाजपा, कांग्रेस के मुकाबले निर्दलीयों ने ही बाजी मारी थी। तब निर्दलीय जीतने वाले प्रत्याशियों की संख्या करीब 150, भाजपा समर्थित प्रत्याशी करीब 125 और कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी करीब 88 जीते थे।
जिला पंचायत सदस्यों के जिलावार परिणाम
रुद्रप्रयाग 18 सीट
भाजपा समर्थित – 05
कांग्रेस समर्थित – 04
निर्दलीय – 09
चमोली 26 सीट
भाजपा समर्थित -04
कांग्रेस समर्थित -05
निर्दलीय -17
टिहरी 45 सीट
भाजपा समर्थित -13
कांग्रेस समर्थित -14
निर्दलीय -18
पौड़ी 38 सीट
भाजपा समर्थित -17
कांग्रेस समर्थित -16
निर्दलीय -05
उत्तरकाशी 28 सीट
भाजपा समर्थित -07
कांग्रेस समर्थित -00
निर्दलीय -21
देहरादून 30 सीट
भाजपा समर्थित -07
कांग्रेस समर्थित -13
निर्दलीय -10
ऊधमसिंह नगर 35 सीट
भाजपा समर्थित-12
कांग्रेस समर्थित-12
निर्दलीय-11
नैनीताल 27 सीट
भाजपा समर्थित-08
कांग्रेस समर्थित-02
निर्दलीय-17
अल्मोड़ा 45 सीट
भाजपा समर्थित-14
कांग्रेस समर्थित-13
निर्दलीय-18
पिथौरागढ़ 32 सीट
भाजपा समर्थित-15
कांग्रेस समर्थित-03
निर्दलीय-14
चंपावत 15 सीट
भाजपा समर्थित-10
कांग्रेस समर्थित-00
निर्दलीय-05
बागेश्वर 19 सीट
भाजपा समर्थित-09
कांग्रेस समर्थित-06
निर्दलीय-04

