पंचायत चुनाव में नियमों का उल्लंघन

पंचायत चुनाव में नियमों का उल्लंघन

हाई कोर्ट का SDM से सवाल


हमारी पंचायत, देहरादून

उत्तराखंड हाई कोर्ट ने तेहरी गढ़वाल ज़िले के कुण्ड गांव पंचायत चुनाव में कथित अनियमितताओं पर गंभीर रुख अपनाया है। अदालत ने चुनाव प्रक्रिया में मोबाईल फोन इस्तेमाल करने और प्रत्याशी प्रतिनिधि को मतगणना स्थल पर प्रवेश न देने को लेकर सम्बंधित एसडीएम से जवाब तलब किया है।

मामला क्या है?

गाँव कुण्ड की प्रधान पद प्रत्याशी मधु देवी नौटियाल ने याचिका दायर कर आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान उनका एक वैध वोट जानबूझकर रद्द कर दिया गया। नतीजा टाई की स्थिति में पहुँचा और विजेता का फैसला लॉटरी से किया गया। नौटियाल के मुताबिक, यह प्रक्रिया पारदर्शी नहीं थी और प्रतिद्वंद्वी के पक्ष में गई।

मोबाइल फोन और पारदर्शिता पर सवाल

याचिका में यह भी आरोप लगाया गया कि एसडीएम ने मतगणना स्थल पर मोबाइल फोन का इस्तेमाल किया, जबकि चुनाव आयोग की गाइडलाइंस के अनुसार ऐसा प्रतिबंधित है। अदालत ने इस पहलू को गंभीर मानते हुए पूछा है कि जब निष्पक्षता सर्वोच्च प्राथमिकता है, तब इस तरह के कार्यों को कैसे उचित ठहराया जा सकता है।

अदालत का रुख

हाई कोर्ट ने कहा कि पंचायत चुनाव लोकतंत्र की जड़ हैं और यदि वहीं पारदर्शिता पर सवाल उठते हैं तो यह व्यवस्था पर सीधा आघात है। अदालत ने एसडीएम से लिखित स्पष्टीकरण माँगा है और जिला प्रशासन से भी इस मामले की विस्तृत रिपोर्ट पेश करने को कहा है।

क्यों अहम है यह मामला?

उत्तराखंड में हाल ही में पंचायत चुनाव सम्पन्न हुए हैं। प्रदेश भर में लगभग 32 हज़ार प्रतिनिधि चुने गए हैं। ऐसे में मतगणना प्रक्रिया और पारदर्शिता पर सवाल उठना केवल एक गांव तक सीमित मामला नहीं, बल्कि पूरे पंचायत चुनाव की विश्वसनीयता पर सवाल है। अगली सुनवाई में एसडीएम को अपना पक्ष अदालत में रखना होगा। यदि कोर्ट को गड़बड़ी की पुष्टि होती है तो चुनाव प्रक्रिया पर प्रभाव पड़ सकता है और ज़िम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई भी संभव है।

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