हमारी पंचायत, शिमला
करसोग, जिला मंडी (हिमाचल प्रदेश) के आपदाग्रस्त क्षेत्रों में प्लान फाउंडेशन, शिमला ने अपनी बड़ी राहत मुहिम चलाकर प्रभावित परिवारों को त्वरित सहायता पहुंचाई। प्राकृतिक आपदा के बाद स्थानीय लोगों के सामने उत्पन्न हुई बुनियादी जरूरतों की चुनौती को देखते हुए, फाउंडेशन ने राहत सामग्री वितरण के माध्यम से तत्काल मदद उपलब्ध कराई। इस पहल के माध्यम से संगठन ने एक बार फिर आपदा स्थितियों में अपनी सक्रिय भूमिका को मजबूत तरीके से साबित किया।

करसोग में आयोजित इस राहत कार्यक्रम का नेतृत्व फाउंडेशन की महासचिव प्रोमिला शर्मा ने किया। इस दौरान कुल 244 राहत किटें वितरित की गईं, जिनमें तिरपाल, व्यक्तिगत स्वच्छता किट, सुरक्षित पेयजल किट, मजबूत रस्सी, टॉर्च, बेडशीट और अन्य आवश्यक सामग्री शामिल थी। इन किटों को विशेष रूप से उन परिवारों को लक्षित कर तैयार किया गया था, जो आपदा के बाद आश्रय और दैनिक उपयोग की वस्तुओं के अभाव से जूझ रहे थे।

फाउंडेशन ने बताया कि यह अभियान अचानक आई आपदा से निपटने के लिए उनकी निरंतर राहत रणनीति का हिस्सा है। इसी क्रम में पिछले माह अमेरिकेयर फाउंडेशन, मुंबई के सहयोग से मंडी जिले के थुनाग, जोगिंदरनगर, मंडी सदर, नाचन और बल्ह क्षेत्रों में 1400 से अधिक राहत किटों का व्यापक वितरण किया गया था। इस बड़े अभियान से सैकड़ों परिवारों को तात्कालिक सहारा मिला, जिनके घर, सामान और आजीविका को गंभीर नुकसान पहुँचा था।

राहत कार्यों में पारदर्शिता, समयबद्धता और प्रभावशीलता को देखते हुए फाउंडेशन को जिला परिषद और क्षेत्रीय विधायक द्वारा प्रशंसा पत्र भी प्रदान किया गया है। यह सम्मान संस्था के प्रति स्थानीय समुदाय के भरोसे और उसकी सामाजिक प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

प्लान फाउंडेशन, शिमला लंबे समय से हिमाचल प्रदेश सहित देश के विभिन्न राज्यों में शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, कौशल विकास, आपदा राहत और सामुदायिक विकास के क्षेत्रों में सक्रिय है। संगठन का लक्ष्य प्रभावित परिवारों तक समय पर सहायता पहुंचाकर उन्हें सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन की ओर आगे बढ़ने में सहयोग प्रदान करना है।
फाउंडेशन ने यह भी स्पष्ट किया है कि वह भविष्य में भी आपदा प्रभावित परिवारों के साथ खड़ा रहेगा और राहत व पुनर्वास से जुड़े हर संभव प्रयास जारी रखेगा।

