हमारी पंचायत, देहरादून
कुसुम कांता फाउंडेशन और मंथन वेलफेयर सोसाइटी के संयुक्त तत्वावधान में “ज्ञान गंगा सम्मान 2025” का आयोजन सनराइज एकेडमी, देहरादून में भव्य रूप से किया गया। इस विशेष अवसर पर शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले 25 से अधिक शिक्षकों को सम्मानित किया गया।
समारोह में प्रदेशभर से आए शिक्षकों, शिक्षाविदों और शिक्षा प्रेमियों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को ऐतिहासिक और प्रेरणादायी बना दिया।
मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री एवं पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ शामिल हुए। उन्होंने कहा—
“शिक्षक समाज की आत्मा और रीढ़ हैं, उनका सम्मान केवल परंपरा नहीं बल्कि कृतज्ञता का भाव है।”
मंच पर विधायक राजपुर खजान दास, पर्यावरणविद् पद्मश्री कल्याण सिंह ‘मैती’, शिक्षाविद प्रेम कश्यप और अनुज एस. सिंह भी विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. ममता शर्मा ने किया, जबकि स्वागत भाषण कुसुम कांता फाउंडेशन व सनराइज एकेडमी की चेयरमैन विदुषी निशंक ने दिया। उन्होंने शिक्षा जगत में हो रहे नवाचारों और शिक्षकों की भूमिका पर प्रकाश डाला।
समारोह की प्रमुख विशेषताएँ:
राज्य के 25 से अधिक शिक्षकों का सम्मान।
शैक्षणिक गुणवत्ता और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में योगदान की सराहना।
सम्मान पत्र और अभिनंदन के साथ शिक्षकों को गौरवान्वित किया गया।
कार्यक्रम की संयोजिका और मंथन वेलफेयर सोसाइटी की सचिव पूजा पोखरियाल ने सभी शिक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि यह सम्मान न सिर्फ व्यक्तिगत गौरव है बल्कि समाज और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा भी है।
अंत में सभी अतिथियों ने एक स्वर में कहा कि “ज्ञान गंगा सम्मान” जैसे आयोजन शिक्षा जगत को नई ऊर्जा देते हैं और शिक्षकों की भूमिका को समाज में और सशक्त बनाते हैं।

