तीन चरणों में होंगे मतदान, 128 पंचायतें निर्विरोध चुनी गईं
हमारी पंचायत, शिमला
हिमाचल प्रदेश में पंचायती राज चुनाव को लेकर चुनावी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। नामांकन वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब चुनावी मुकाबले की तस्वीर लगभग साफ हो चुकी है। राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार प्रदेशभर में अब 70,224 उम्मीदवार चुनाव मैदान में रह गए हैं। पंचायत चुनाव के लिए कुल 86,725 नामांकन पत्र दाखिल किए गए थे। इनमें 793 नामांकन पत्र जांच के दौरान निरस्त कर दिए गए, जबकि 15,708 उम्मीदवारों ने अपने नाम वापस ले लिए।
आयोग के मुताबिक कांगड़ा जिला सबसे ज्यादा चुनावी गतिविधियों वाला जिला बनकर उभरा है, जहां 17,643 उम्मीदवार मैदान में हैं। इसके बाद मंडी में 11,728 और शिमला में 6,118 प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे हैं। वहीं जनसंख्या और भौगोलिक परिस्थितियों के लिहाज से छोटे जिले लाहौल-स्पीति में सबसे कम 425 उम्मीदवार चुनावी मैदान में बचे हैं। ऊना जिले में 4,755 प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे हैं।
राज्य निर्वाचन आयोग ने जानकारी दी है कि पंचायत चुनाव के लिए मतदान तीन चरणों में कराया जाएगा। पहला चरण 26 मई, दूसरा चरण 28 मई और तीसरा चरण 30 मई 2026 को आयोजित होगा। सभी मतदान सुबह 7 बजे से शाम 3 बजे तक बैलेट पेपर और मतपेटियों के माध्यम से कराए जाएंगे। चुनाव को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासनिक तैयारियां भी तेज कर दी गई हैं।
आयोग ने बताया कि पंचायत चुनाव की अधिसूचना 29 अप्रैल 2026 को जारी की गई थी। नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया 7, 8 और 11 मई को पूरी हुई, जबकि 12 और 13 मई को नामांकन पत्रों की जांच की गई। 15 मई को नाम वापसी के बाद प्रत्याशियों को चुनाव चिह्न आवंटित कर दिए गए।
इस बीच प्रदेश की 128 पंचायतों में निर्विरोध निर्वाचन भी हुआ है। सरकार की ओर से इन पंचायतों को प्रोत्साहन स्वरूप 25-25 लाख रुपये की राशि दिए जाने की घोषणा की गई है। इसे लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में खासा उत्साह देखा जा रहा है।
उधर, राज्य की 51 शहरी निकायों में भी चुनावी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इनमें चार नगर निगम और 47 नगर परिषद तथा नगर पंचायतें शामिल हैं। 449 वार्डों में मतदान कराया जाएगा और सभी मतदान दल संबंधित केंद्रों तक पहुंच चुके हैं।

