ताड़ीखेत में सीएम धामी, 77.25 करोड़ की 32 विकास योजनाओं का लोकार्पण–शिलान्यास
हमारी पंचायत, रानीखेत
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को अल्मोड़ा जिले के ताड़ीखेत में आयोजित बहुउद्देश्यीय शिविर में प्रतिभाग कर “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान को नई गति दी। इस अवसर पर भारी संख्या में ग्रामीणों की उपस्थिति देखने को मिली। मुख्यमंत्री ने न केवल आमजन से सीधा संवाद किया, बल्कि विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण कर मौके पर ही जनसमस्याओं के समाधान के निर्देश भी दिए।
इस बहुउद्देश्यीय शिविर के दौरान पात्र लाभार्थियों को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रदान किया गया। प्रशासनिक सेवाओं को जनता तक सीधे पहुंचाने की इस पहल को लोगों ने सराहा और बड़ी संख्या में अपनी समस्याएं व सुझाव मुख्यमंत्री के समक्ष रखे।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री धामी ने अल्मोड़ा जनपद के लिए कुल 77.25 करोड़ रुपये की लागत वाली 32 विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इनमें 47.85 करोड़ रुपये की 9 योजनाओं का शिलान्यास तथा 29.40 करोड़ रुपये की 23 योजनाओं का लोकार्पण शामिल है। इसके साथ ही रानीखेत विधानसभा क्षेत्र के लिए कई महत्वपूर्ण विकास घोषणाएं भी की गईं।
मुख्यमंत्री ने विकासखंड भिकियासैंण में गगास और रामगंगा नदी पर तटबंध निर्माण व पैदल पथ निर्माण, देवलीखेत, चौनलिया, खिरखेत और भुजान स्थित राजकीय इंटर कॉलेजों में मिनी स्टेडियमों के निर्माण की घोषणा की। इसके अलावा सनणा सिंचाई लिफ्ट योजना के उच्चीकरण, रानीखेत में एनसीसी ग्राउंड/स्टेडियम के निर्माण के लिए एक करोड़ रुपये की स्वीकृति, रानीझील के विस्तार एवं सौंदर्यीकरण तथा रानीखेत विधानसभा क्षेत्र में हेलीपैड निर्माण की घोषणा भी शामिल रही।
मुख्यमंत्री धामी ने अपने संबोधन में कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि शासन और प्रशासन की सेवाएं जनता को उनके घर-द्वार पर ही उपलब्ध कराई जाएं। इसके लिए अधिकतर सेवाओं को ऑनलाइन किया गया है और न्याय पंचायत स्तर तक बहुउद्देश्यीय शिविर आयोजित कर समस्याओं का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने जनता से इन शिविरों का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उत्तराखंड निरंतर विकास की राह पर आगे बढ़ रहा है। पर्वतीय क्षेत्रों में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाओं को मजबूत किया जा रहा है। साथ ही देवभूमि उत्तराखंड को वैश्विक आध्यात्मिक केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में भी कार्य हो रहा है। मानसखंड के पौराणिक मंदिरों के पुनरुद्धार और सौंदर्यीकरण को सरकार की प्राथमिकता बताया।
पलायन के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि ठोस नीतियों और योजनाओं के चलते पहाड़ों से पलायन में कमी आई है। पलायन निवारण आयोग की रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में 44 प्रतिशत रिवर्स पलायन दर्ज किया गया है, जो सरकार की नीतियों की सफलता को दर्शाता है।
महिला सशक्तिकरण पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में सरकारी सेवाओं में महिलाओं को 30 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है। “लखपति दीदी” योजना के तहत 1 लाख 68 हजार से अधिक महिलाएं आत्मनिर्भर बन चुकी हैं, जो मातृशक्ति के सशक्तिकरण की मजबूत मिसाल है।
उन्होंने बताया कि रानीखेत क्षेत्र में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए 17 करोड़ रुपये की भवानी देवी पेयजल योजना और 5 करोड़ रुपये की भतरौजखान–रामगंगा पंपिंग पेयजल योजना पर कार्य प्रगति पर है।
कार्यक्रम में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री अजय टमटा, विधायक डॉ. प्रमोद नैनवाल, जिलाधिकारी अंशुल सिंह, एसएसपी देवेन्द्र पींचा, सीडीओ रामजीशरण शर्मा सहित अनेक जनप्रतिनिधि व अधिकारी मौजूद रहे।

