चौथे दिन भी दूरस्थ गांवों तक पहुँची सरकार, हजारों लोग योजनाओं से लाभान्वित
हमारी पंचायत, देहरादून
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों पर संचालित “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान ने चौथे दिन भी राज्यभर में व्यापक असर दिखाया। शनिवार को उत्तराखंड की अनेक न्याय पंचायतों में आयोजित बहुउद्देशीय शिविरों के माध्यम से हजारों ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं, सेवाओं और त्वरित समाधान का लाभ मिला।
सीमांत पिथौरागढ़ से लेकर हिमाचल से सटे उत्तरकाशी के आराकोट तक प्रशासन सीधे जनता के बीच पहुँचा। अभियान के अंतर्गत अब तक 15 हजार से अधिक लोग लाभान्वित हो चुके हैं, जबकि 4 हजार से अधिक जन-शिकायतों का निस्तारण किया जा चुका है।
चंपावत
चंपावत जिले की न्याय पंचायत भुमलाई अंतर्गत चौड़ीराय एवं खर्ककार्की में आयोजित शिविरों में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया। चौड़ीराय में जिलाधिकारी मनीष कुमार ने ग्रामीणों के साथ जमीन पर बैठकर संवाद किया और मौके पर ही समस्याओं के समाधान के निर्देश दिए। यहां 500 से अधिक शिकायतें दर्ज की गईं। पंचेश्वर दुर्घटना में मृत स्व. लक्ष्मण चंद के परिजनों को मुख्यमंत्री राहत कोष से 4 लाख रुपये के साथ 1 लाख रुपये की अतिरिक्त सहायता दी गई। खर्ककार्की में 557 शिकायतों में से 450 का मौके पर निस्तारण किया गया।
अल्मोड़ा
अल्मोड़ा जिले की न्याय पंचायत लिंगुड़ता और बासोट में आयोजित शिविरों से कुल 1476 लोग लाभान्वित हुए। जिलाधिकारी अंशुल की अध्यक्षता में नौगांव में 858 और बासोट में 618 ग्रामीणों को विभिन्न योजनाओं और सेवाओं का लाभ प्रदान किया गया।
नैनीताल
विकास खंड बेतालघाट में आयोजित बहुउद्देशीय शिविर में 340 से अधिक ग्रामीणों को लाभ मिला। यहां 75 जनसमस्याएं दर्ज हुईं, जिनमें से 55 का समाधान मौके पर ही कर दिया गया।
बागेश्वर
बागेश्वर जिले की न्याय पंचायत देवलधार और गुरना में आयोजित शिविरों में 800 से अधिक ग्रामीणों ने सरकारी योजनाओं का लाभ उठाया।
पिथौरागढ़
पिथौरागढ़ जिले में चार न्याय पंचायतों में शिविर आयोजित किए गए। जिलाधिकारी आशीष भटगांई की अध्यक्षता में मलान पंचायतघर में हुए शिविर में प्रशासन और जनता के बीच सीधा संवाद हुआ और लगभग 700 लोग लाभान्वित हुए।
ऊधमसिंहनगर
गदरपुर ब्लॉक की न्याय पंचायत बराखेड़ा में आयोजित शिविर में 673 ग्रामीणों ने विभिन्न सेवाओं का लाभ लिया। 490 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। प्राप्त 50 शिकायतों में से 26 का समाधान मौके पर किया गया।
उत्तरकाशी
सुदूरवर्ती आराकोट (मोरी ब्लॉक) में आयोजित शिविर में 800 से अधिक ग्रामीणों को योजनाओं से लाभ मिला। 126 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण हुआ और 110 युवाओं को रोजगार एवं करियर काउंसलिंग दी गई। 10 प्रगतिशील किसानों को कृषि उपकरण तथा आगजनी संवेदनशील गांवों को 18 अग्निशामक उपकरण वितरित किए गए।
हरिद्वार व रुद्रप्रयाग
हरिद्वार जिले के रुड़की व लक्सर ब्लॉकों तथा रुद्रप्रयाग की फलई, मनसूना और चोपड़ा न्याय पंचायतों में भी शिविर आयोजित कर अधिकांश समस्याओं का मौके पर समाधान किया गया।
अभियान के माध्यम से सरकार की मंशा साफ दिखाई दी—प्रशासन को जनता के द्वार तक ले जाकर त्वरित, पारदर्शी और प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना।

