सरकार बनाने के सपने लेना छोड़कर अपने नौ विधायकों की चिंता करें जयराम : मुख्यमंत्री

सरकार बनाने के सपने छोड़कर अपने नौ विधायकों की चिंता करें जयराम : मुख्यमंत्री

हमीरपुर का पूर्व निर्दलीय विधायक आशीष सबसे बड़ा खनन माफिया

कांग्रेस उम्मीदवार पुष्पिंदर वर्मा की नामांकन रैली में शामिल हुए ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू, मांगा जनसमर्थन

हमारी पंचायत, हमीरपुर

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर सरकार बनाने के सपने लेना छोड़ दें। हमारे पास 38 विधायक हैं। हाईकोर्ट में चल रहे सीपीएस के मामले को लेकर जयराम लोगों को बहका रहे हैं। जयराम को अपने नौ विधायकों की चिंता करनी चाहिए, जिनके खिलाफ विधानसभा अध्यक्ष के पास याचिका लंबित है। भाजपा के नौ विधायकों ने बीते बजट सत्र के दौरान विधानसभा में गुंडागर्दी का नंगा नाच किया था, स्पीकर के सामने सदन पटल पर रखे कागजात को फाड़कर हवा में लहराया था।

उन्होंने कहा कि राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी की ओर से दी गई याचिका पर स्पीकर को फैसला लेना है। कांग्रेस विधायक दल ने इस मामले में जल्दी फैसला लेने का आग्रह किया है। अगर ये नौ विधायक अयोग्य घोषित हुए तो दोबारा चुनाव में एक-दो ही गलती से जीतकर आएंगे। जिससे कांग्रेस विधायकों की संख्या 50 तक पहुंच सकती है। 

मुख्यमंत्री यहां कांग्रेस उम्मीदवार डॉ. पुष्पिंदर वर्मा की नामांकन रैली को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पूर्व निर्दलीय विधायक आशीष शर्मा हमीरपुर का सबसे बड़ा खनन माफिया है। उसके 5-6 क्रशर हैं। सारी खड्डों को खाली कर दिया, बड़े पत्थर दिखते ही नहीं हैं। पूर्व बिकाऊ विधायक आशीष ने अपना प्रेरणास्रोत राजेंद्र राणा को बनाया हुआ है। अच्छा होता वह प्रेम कुमार धूमल को अपना प्रेरणास्रोत बनाते। क्योंकि उनके आशीर्वाद से ही आशीष ने पैसा कमाया है। 

उन्होंने कहा कि वह जनता की संपदा को लुटने नहीं देंगे। भ्रष्टाचार के हर चोर दरवाजे को बंद किया जाएगा। हमीरपुर में हमने पुष्पिंदर वर्मा को ईमानदार उम्मीदवार के तौर पर चुनाव मैदान में उतारा है। उसे जिताकर विधानसभा भेजें जो भी काम वह बताएंगे उन्हें किया जाएगा। हिमाचल प्रदेश की जनता का आभारी हूं जिसने बीते चुनाव में लोकतंत्र को जीवित किया।

उन्होंने कहा कि बिकाऊ पूर्व विधायक हमेशा टेंडर की बात करते थे, अफसरों पर अपनी विधायकी का रौब दिखाते थे। हमीरपुर के निर्दलीय पूर्व विधायक ने खुद को भाजपा की राजनीतिक मंडी में बेचा है। मैंने हमीरपुर में वह सब कुछ दिया जो पूर्व विधायक ने मांगा, क्योंकि हमीरपुर मेरा घर है। यहां के पूर्व विधायक को सबक सिखाने का वक्त है। तीनों सीटों पर हमने सबने शक्तिशाली उम्मीदवारों को उतारा है, ये सीटें हम जीतेंगे।हमीरपुर की जनता बहुत समझदार है, वह अपने मुख्यमंत्री को चाहती है, लेकिन उनके वोट से चुनकर बने विधायक राजनीतिक मंडी में खुद को बेच देते हैं। 

उन्होंने कहा कि महिलाओं के खाते में 1500 रुपये डाले जा रहे हैं। हमीरपुर विधानसभा सीट को छोड़कर जिले के अन्य चारों विधानसभा क्षेत्रों की महिलाओं के खाते में 4500 रुपये 26 जून को डाल दिए जाएंगे। ज्वालामुखी में इसका कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने रैली के समापन पर जिला परिषद उपाध्यक्ष नरेश दर्जी को कांग्रेस में शामिल कराया। उन्होंने भाजपा छोड़कर कांग्रेस का दामन थामा। 

कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष प्रतिभा सिंह ने कहा कि पुष्पिंदर वर्मा सच्चे जनसेवक हैं। उन्हें जिताने के लिए दिन-रात एक करें। पूर्व निर्दलीय विधायक आशीष के अपना ईमान बेचने के कारण यह उपचुनाव हो रहा है, जिसकी जिम्मेदार भाजपा है। कांग्रेस सरकार के 16 महीने के कार्यकाल में अभूतपूर्व विकास कार्य हुए हैं। सरकार ने ओपीएस, 1500 रुपये महिला पेंशन सहित 5 गारंटी पूरी कर दी हैं। इसके अलावा अनेक योजनाएं लोगों के लिए लागू की हैं। 

उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि यह भगवान का दिया मौका है कि पुष्पिंदर वर्मा ने विधानसभा पहुंचना था। हमीरपुर के लोगों को साबित करना है कि वह मुख्यमंत्री के साथ हैं। हमीरपुर के मुख्यमंत्री को हटाने के लिए पता नहीं क्यों यहां के नेता सक्रिय हो जाते हैं। पहले प्रेम कुमार धूमल को हटाने की साजिश रची गई, अब सुखविंदर सिंह सुक्खू को हटाने व सरकार गिराने का षड्यंत्र रचा गया। हमीरपुर की जीत से यह संदेश पूरे हिमाचल प्रदेश में जाएगा कि मुख्यमंत्री के खिलाफ साजिश रचने वालों को जनता ने कड़ा सबक सिखाया है।

उन्होंने कहा कि सुक्खू सरकार स्थिर है, हमारे विधायक 34 से 38 हो चुके हैं। हमीरपुर में 60 करोड़ से बस अड्डा बन रहा है, 2000 करोड़ रुपये की पेयजल योजनाएं बनाई जा रही हैं। अगर मुख्यमंत्री हमीरपुर से नहीं होते तो किसी ने ये विकास कार्य नहीं कराने थे। अपने जिला के मुख्यमंत्री को जनता मजबूत करे। 

पुष्पिंदर वर्मा ने कहा कि यह हमीरपुर की जनता पर थोपा गया चुनाव है। इसकी नौबत पूर्व निर्दलीय विधायक के भाजपा की राजनीतिक मंडी में बिकने से आई है। पूर्व विधायक आशीष शर्मा ने मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू की पीठ में छुरा घोंपा है। मैंने 14 महीने जनता की सेवा की, जबकि पूर्व विधायक आशीष खड्डों से खनिज संपदा लूटकर अपनी सेवा में लगे रहे। यह लड़ाई माफिया और जनता के बीच है, जिसमें धनबल पर जनबल की जीत आपके आशीर्वाद से अवश्य होगी।

इस दौरान उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष प्रतिभा सिंह, तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी, कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष चंद्रशेखर, सुजानपुर के विधायक कैप्टन रणजीत सिंह, कुटलैहड़ के विधायक विवेक शर्मा, केसीसी बैंक के चेयरमैन कुलदीप पठानिया, चेयरमैन रामचंद्र पठानिया, हमीरपुर विधानसभा प्रभारी डॉ. धीरज देसाई, एपीएमसी चेयरमैन अजय शर्मा, पूर्व सीपीएस अनीता वर्मा, पूर्व मंत्री रणजीत वर्मा, जिला अध्यक्ष सुमन भारती, पूर्व विधायक मनजीत डोगरा, बड़सर से पूर्व उम्मीदवार सुभाष ढटवालिया, पूर्व जिलाध्यक्ष नरेश ठाकुर, सुजानपुर ब्लॉक अध्यक्ष राजेंद्र वर्मा, हमीरपुर नगर परिषद अध्यक्ष मनोज मिन्हास व जिला परिषद उपाध्यक्ष नरेश कुमार दर्जी इत्यादि उपस्थित रहे। 

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