दिल्ली के मंच पर ‘एक राधा’ का ऐतिहासिक आगाज़

दिल्ली के मंच पर ‘एक राधा’ का ऐतिहासिक आगाज़

कमानी ऑडिटोरियम में ब्रॉडवे शैली के भव्य म्यूजिकल ने रचा नया इतिहास

हमारी पंचायत, दिल्ली

नई दिल्ली: राजधानी नई दिल्ली के प्रतिष्ठित कमानी ऑडिटोरियम में रविवार शाम उस समय इतिहास रचा गया, जब ब्रॉडवे शैली में तैयार म्यूजिकल शो ‘एक राधा – अ म्यूजिकल लव स्टोरी’ का भव्य मंचन हुआ। आधुनिक तकनीक, सशक्त अभिनय और सुरों की जादुई दुनिया से सजे इस शो ने दर्शकों को शुरू से अंत तक मंत्रमुग्ध बनाए रखा। यह प्रस्तुति केवल एक प्रेम कहानी नहीं थी, बल्कि पारंपरिक भारतीय भावनाओं और आधुनिक मंचीय तकनीक का अनूठा संगम भी थी। शो को मुंबई गौरव अवार्ड्स द्वारा ‘हाइली रिकमेंडेड’ का दर्जा मिल चुका है, जिसने इसके प्रति उत्सुकता और बढ़ा दी थी।

मंच पर जीवंत हुई प्रेमगाथा

मुख्य भूमिका में अभिनेता सिद्धार्थ निगम ने अपनी ऊर्जा और भावनात्मक अभिव्यक्ति से दर्शकों का दिल जीत लिया। उनके साथ रायो एस. बखिरता, गुल्की जोशी, संजय स्वराज और जया भट्टाचार्य जैसे अनुभवी कलाकारों ने मंच पर ऐसा वातावरण रचा, मानो दृश्य वास्तविक जीवन में घटित हो रहे हों। संवादों की गहराई, भाव-भंगिमाओं की सटीकता और दृश्यों की भावनात्मक तीव्रता ने दर्शकों को कई क्षणों में भावुक कर दिया। शो के दौरान कई बार ऑडिटोरियम तालियों की गूंज से भर उठा।

निर्देशन में दिखा विजन और भव्यता

इस म्यूजिकल शो की परिकल्पना और निर्देशन फिल्मकार रणधीर रंजन रॉय ने किया। फिल्मों और वेब सीरीज के क्षेत्र में पहचान बना चुके रॉय के लिए यह पहला ग्रैंड म्यूजिकल प्रोजेक्ट था। उन्होंने पारंपरिक प्रेम कथा को आधुनिक लाइटिंग, डिजिटल बैकड्रॉप और साउंड इफेक्ट्स के साथ इस तरह प्रस्तुत किया कि हर दृश्य सिनेमाई अनुभव जैसा प्रतीत हुआ। मंच पर बदलते दृश्य और तकनीकी सटीकता ने दर्शकों को एक अलग ही दुनिया में पहुंचा दिया।

आठ दिन की तैयारी, 14 घंटे का रियाज

प्रसिद्ध कोरियोग्राफर अरुणिमा रॉय की कोरियोग्राफी शो का प्रमुख आकर्षण रही। उन्होंने बताया कि मुख्य कलाकार मुंबई से थे, जबकि नृत्य कलाकारों की टीम दिल्ली से चुनी गई थी। महज आठ दिनों में टीम को तैयार करना बड़ी चुनौती थी। कलाकारों ने प्रतिदिन 12 से 14 घंटे तक अभ्यास किया। परिणामस्वरूप हर डांस प्रस्तुति में ऊर्जा, तालमेल और भावनात्मक गहराई स्पष्ट दिखाई दी।

सुर, संगीत और संवाद का जादू

शो का संगीत इसकी आत्मा साबित हुआ। पार्श्व गायन में शान, पापोन, जावेद अली और कीर्ति किलेदार की सुरीली आवाज़ों ने माहौल को रूहानी बना दिया। संगीतकार राहुल अंजन का मधुर संगीत, गीतकार अराफात महमूद के भावपूर्ण गीत और राकेश जोशी के प्रभावी संवादों ने कथा को ऊंचाई दी। बैकग्राउंड स्कोर में अभिनव कौशिक और कॉस्ट्यूम डिज़ाइन में नीतू भारद्वाज का योगदान उल्लेखनीय रहा, जिसने शो की भव्यता को और निखारा।

रंगमंच के लिए नया मानक

‘एक राधा’ का यह मंचन केवल एक सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि दिल्ली के रंगमंच के लिए एक नया मानक स्थापित करने वाला क्षण साबित हुआ। इसने यह संदेश दिया कि भारतीय थिएटर भी अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रस्तुति देने में सक्षम है, बशर्ते दृष्टि, तकनीक और समर्पण का सही मेल हो। कमानी ऑडिटोरियम में देर तक गूंजती तालियां इस बात की गवाही देती रहीं कि ‘एक राधा’ ने दर्शकों के दिलों में अपनी स्थायी जगह बना ली है।

2 Comments

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