उद्यमिता की मिसाल : सृष्टि मित्तल

उद्यमिता की मिसाल : सृष्टि मित्तल

हमारी पंचायत, दिल्ली

चार्टर्ड अकाउंटेंसी की पढ़ाई पूरी करने के बाद अधिकांश युवा सुरक्षित नौकरी का रास्ता चुनते हैं, लेकिन सृष्टि मित्तल ने अलग राह अपनाते हुए उद्योग स्थापित करने का निर्णय लिया। सीमित संसाधनों के साथ शुरू हुआ उनका यह प्रयास आज विनिर्माण क्षेत्र में एक प्रेरक उदाहरण बन चुका है। वर्तमान में वे मित्तल ग्रीन रिसोर्सेज, मैजिकक्राफ्ट एप्लायंसेज और गिरधर अलॉयज जैसी कंपनियों में व्यवसाय प्रमुख के रूप में कार्य कर रही हैं और विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में अपनी पहचान बना चुकी हैं।

सृष्टि मित्तल ने अपने उद्यम की शुरुआत एक छोटे से किराए के कारखाने और मात्र तीन लोगों की टीम के साथ की थी। शुरुआती दौर में कच्चे माल की व्यवस्था, उत्पादन की निरंतरता और बाजार में भरोसा कायम करना उनके सामने बड़ी चुनौतियां थीं। हालांकि दृढ़ संकल्प और योजनाबद्ध प्रयासों के बल पर उन्होंने धीरे-धीरे अपने काम को आगे बढ़ाया और उद्योग जगत में अपनी जगह बनाई।

आज उनकी कंपनियां एल्युमीनियम और जिंक के द्वितीयक धातु उत्पादन, गैर-लौह धातु मिश्रधातु निर्माण तथा रसोई उपकरण निर्माण जैसे क्षेत्रों में सक्रिय हैं। इन क्षेत्रों को पारंपरिक रूप से तकनीकी और चुनौतीपूर्ण माना जाता है। धातु उद्योग में जहां लंबे समय से पुरुषों का वर्चस्व रहा है, वहीं सृष्टि मित्तल ने अपने नेतृत्व और प्रबंधन क्षमता से इस क्षेत्र में भी मजबूत पहचान स्थापित की है।

उद्यमिता की शुरुआत से पहले उन्होंने कॉरपोरेट क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण अनुभव प्राप्त किया। लेखा परीक्षण और वित्तीय विश्लेषण से जुड़े कार्यों ने उन्हें उद्योग संचालन और आर्थिक प्रबंधन की बेहतर समझ दी, जो आगे चलकर उनके व्यवसाय के विस्तार में सहायक सिद्ध हुई।

सृष्टि मित्तल अपने उद्योगों को पर्यावरण के अनुकूल बनाने पर भी विशेष ध्यान दे रही हैं। उनका लक्ष्य भविष्य में अपने संयंत्रों को स्वच्छ ऊर्जा पर संचालित करना है, ताकि उत्पादन प्रक्रिया अधिक टिकाऊ और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार बन सके। इसके साथ ही वे अपने संस्थानों में महिलाओं को अवसर देने और उन्हें महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपने के पक्ष में भी हैं।

सृष्टि मित्तल की यात्रा यह साबित करती है कि स्पष्ट लक्ष्य, मेहनत और साहस के साथ किसी भी क्षेत्र में नई पहचान बनाई जा सकती है। एक छोटे कारखाने से शुरू हुआ उनका यह सफर आज उद्योग जगत में महिला उद्यमिता की प्रेरक कहानी के रूप में देखा जा रहा है।

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