रोजगार, कोविड पैकेज और वात्सल्य योजना बनी जन-जीवन का सहारा
हमारी पंचायत, देहरादून
उत्तराखंड की राजनीति में अक्सर मुख्यमंत्री के कार्यकाल की लंबाई और स्थायित्व पर बहस होती रही है। लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत का छोटा कार्यकाल (मार्च 2021 – जुलाई 2021) भी अपनी बड़ी उपलब्धियों के कारण चर्चा में है। इस दौरान लिए गए जन-हितैषी फैसलों का लाभ आज भी राज्य के युवाओं और नागरिकों को मिल रहा है।
रोजगार की नई राह: 22,340 पदों का सृजन
तीरथ सरकार ने अपने कार्यकाल में रोजगार पर विशेष ध्यान दिया। शिक्षा, स्वास्थ्य, पुलिस और प्रशासनिक सेवाओं में कुल 22,340 पद सृजित किए गए, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है।
विभाग / क्षेत्र नए पद (लगभग)
शिक्षा विभाग 9,000+
स्वास्थ्य विभाग 6,000+
पुलिस व गृह विभाग 4,000+
प्रशासनिक सेवाएँ 3,000+
अन्य विभाग (तकनीकी, ग्रामीण विकास, आदि) 300–400
वर्तमान में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सरकार ने इन पदों को भरने की प्रक्रिया को तेज़ी दी है।
“इतने बड़े पैमाने पर पद सृजन उत्तराखंड के युवाओं के लिए रोजगार की ठोस नींव है।” — राजनीतिक विश्लेषक
2000 करोड़ का कोविड राहत पैकेज
महामारी के कठिन समय में तीरथ सरकार ने जनता को राहत देने के लिए 2000 करोड़ रुपये का कोविड राहत पैकेज घोषित किया।
मुख्य बिंदु:
छोटे दुकानदारों, श्रमिकों और परिवहन व्यवसायियों को प्रत्यक्ष आर्थिक सहायता।
महिला स्वयं सहायता समूहों को राहत अनुदान और ऋण सुविधा।
किसानों और ग्रामीण परिवारों को सब्सिडी।
गरीब परिवारों को मुफ्त राशन।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस पैकेज से 15 लाख से अधिक लोगों को सीधा लाभ मिला।
‘वात्सल्य योजना’: बच्चों के लिए जीवनरेखा
महामारी में माता-पिता को खोने वाले बच्चों के लिए तीरथ सरकार ने मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना शुरू की।
प्रत्येक बच्चे को प्रतिमाह ₹3,000 की आर्थिक सहायता।
21 वर्ष तक शिक्षा और स्वास्थ्य की संपूर्ण जिम्मेदारी सरकार की।
आवासीय सुविधा और मानसिक सहयोग की व्यवस्था।
आज सैकड़ों बच्चे इस योजना के लाभ से पढ़ाई और जीवन की मुख्यधारा से जुड़े हैं।
कम समय, लेकिन मजबूत छाप
तीरथ सिंह रावत का कार्यकाल महज़ कुछ महीनों का रहा, लेकिन उनके फैसले लंबे समय तक असर डालते दिख रहे हैं। राजनीतिक पंडितों का मानना है कि उन्होंने जन-कल्याण और प्रशासनिक सुधारों की दिशा में ठोस पहल की, जिसे वर्तमान सरकार भी आगे बढ़ा रही है।
“तीरथ सिंह रावत ने सीमित समय में जो आधार तैयार किया, उसी पर वर्तमान सरकार विकास कार्यों को गति दे रही है।” — वरिष्ठ राजनीतिक पर्यवेक्षक
उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्य में विकास की चुनौतियां हमेशा बड़ी रही हैं। सीमित संसाधन और पलायन जैसी समस्याओं के बीच तीरथ सिंह रावत का कार्यकाल भले ही छोटा रहा, लेकिन 22,340 पदों का सृजन, 2000 करोड़ का कोविड पैकेज और वात्सल्य योजना जैसी पहलें आने वाले समय में राज्य के सामाजिक-आर्थिक ढांचे को मजबूत करने में मील का पत्थर साबित होंगी।

