ओलों की मार से तबाह बागान, सेब की फसल चौपट
हमारी पंचायत, देहरादून
देहरादून जिले की त्यूणी तहसील में हुई भीषण ओलावृष्टि ने सेब उत्पादकों को भारी नुकसान पहुंचाया है। पहले से ही इस वर्ष सेब की फसल कमजोर मानी जा रही थी, ऐसे में अचानक पड़ी ओलों की मार ने स्थिति और बिगाड़ दी।

तहसील के हिमाचल सीमा से सटे गांव भाटगढ़, सासकीर, जाखड़ू, भगोट, छुमरा और रायगी में बड़े आकार के ओले गिरने से फसल के साथ-साथ सेब के पेड़ों को भी गंभीर क्षति हुई है। कई जगहों पर पेड़ों से कच्चे फल झड़ गए, जबकि शाखाएं भी टूट गईं।

भाटगढ़ गांव के परसराम शर्मा, भवानीदत्त शर्मा, लायक राम शर्मा, जगतराम शर्मा, चतर शर्मा, नीरज शर्मा, इन्दर सिंह और सुन्दर सिंह ने बताया कि ओलावृष्टि ने उनकी पूरी फसल बर्बाद कर दी। वहीं अन्य प्रभावित गांवों के बागवानों ने भी भारी नुकसान की पुष्टि की है।

बागवानों का कहना है कि इस बार उत्पादन पहले ही कम था और अब ओलावृष्टि के कारण फसल लगभग चौपट हो गई है। पेड़ों को हुए नुकसान के चलते अगले वर्ष की पैदावार पर भी असर पड़ने की आशंका है।

स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि प्रभावित क्षेत्रों का शीघ्र सर्वे कराया जाए और बागवानों को उचित मुआवजा दिया जाए, ताकि उन्हें इस आपदा से कुछ राहत मिल सके।
