उत्तराखंड की 4792 ग्राम पंचायतों में फिर चुनावी सरगर्मी

उत्तराखंड की 4792 ग्राम पंचायतों में फिर चुनावी सरगर्मी

15 अक्टूबर से पहले उपचुनाव कराने की तैयारी

हमारी पंचायत, देहरादून

उत्तराखंड में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव पूरे होने के बावजूद 4792 ग्राम पंचायतों में अभी तक गठन अधर में लटका है। वजह यह है कि ग्राम पंचायत सदस्य के हजारों पद खाली रह गए, जिसके चलते ग्राम प्रधानों का शपथ ग्रहण भी टल गया है। अब राज्य निर्वाचन आयोग इन रिक्त पदों को भरने के लिए अगले माह उपचुनाव कराने की तैयारी कर रहा है। लक्ष्य है कि 15 अक्टूबर से पहले चुनाव प्रक्रिया पूरी हो जाए।

हाल ही में 12 जिलों (हरिद्वार को छोड़कर) की 7499 ग्राम पंचायतों, 89 क्षेत्र पंचायतों और 12 जिला पंचायतों के चुनाव कराए गए थे। क्षेत्र और जिला पंचायतों में शपथ ग्रहण और बैठकें भी हो चुकी हैं, लेकिन ग्राम पंचायतों की तस्वीर अलग है। 27 अगस्त को हुए शपथ ग्रहण में केवल 2707 पंचायतें ही गठित हो पाईं। शेष 4792 ग्राम पंचायतें सदस्य पद खाली रहने की वजह से अधूरी हैं।

राज्य निर्वाचन आयोग के मुताबिक, इन पंचायतों में ग्राम पंचायत सदस्य के 33,468 पद खाली हैं। इनमें से 20 ग्राम पंचायतों में प्रधान का पद भी रिक्त है, जबकि 4772 पंचायतों में केवल प्रधान निर्वाचित हुए हैं। पंचायत गठन के लिए दो-तिहाई सदस्य होना जरूरी है, ऐसे में विकास कार्य पूरी तरह प्रभावित हो रहे हैं।

पूर्व में योजना थी कि 20 सितंबर तक उपचुनाव करा लिए जाएं, लेकिन प्राकृतिक आपदा और पितृपक्ष के कारण चुनाव टल गए। अब आयोग और शासन का प्रयास है कि अक्टूबर के पहले पखवाड़े में ही उपचुनाव पूरे कर लिए जाएं, ताकि पंचायतें जल्द कार्यशील हो सकें।

पंचायतों में रिक्त पद

ग्राम पंचायत सदस्य: 33,468
ग्राम प्रधान: 20
क्षेत्र पंचायत सदस्य: 2

इन उपचुनावों के बाद ग्राम पंचायतों का गठन पूरा होगा और गांवों में रुके हुए विकास कार्यों को गति मिलेगी।

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