टिहरी से शुरू होंगी प्रवासी पंचायतें

टिहरी से शुरू होंगी प्रवासी पंचायतें


रिवर्स पलायन को बढ़ावा देने के लिए सरकार का बड़ा कदम, प्रवासियों को मिलेगा सीधे संवाद का मंच

हमारी पंचायत, देहरादून

उत्तराखंड में रिवर्स पलायन को गति देने और प्रवासियों को अपने गांवों से जोड़ने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने एक नई पहल की शुरुआत की है। इस कड़ी में पहली “प्रवासी पंचायत” का आयोजन 24 अप्रैल 2026 को नई टिहरी में किया जाएगा। यह पहल प्रदेशभर के सभी जनपदों में क्रमवार आयोजित की जाएगी।

इस कार्यक्रम का उद्देश्य उन प्रवासियों को एक मंच देना है, जो अपने मूल गांव या आसपास के क्षेत्रों में उद्यम शुरू करना चाहते हैं। प्रवासी पंचायत में उन्हें जिला स्तर के अधिकारियों, विभिन्न विभागों और योजनाओं से जुड़े प्रतिनिधियों के साथ सीधे संवाद का अवसर मिलेगा, जिससे वे अपने व्यवसायिक विचारों को जमीन पर उतारने के लिए आवश्यक जानकारी और सहयोग प्राप्त कर सकेंगे।

आयोग के उपाध्यक्ष डॉ. एस.एस. नेगी के अनुसार, टिहरी में आयोजित होने वाली इस पहली पंचायत में 100 से अधिक प्रवासी शामिल होंगे। इनमें देश के विभिन्न राज्यों, विदेशों और राज्य के बड़े शहरों में रह रहे लोग भी शामिल हैं। खास बात यह है कि पांच ऐसे प्रवासी भी इस कार्यक्रम का हिस्सा होंगे, जिन्होंने पहले ही रिवर्स पलायन कर अपने गांवों में सफल उद्यम स्थापित किए हैं। वे अपनी सफलता की कहानियां साझा कर अन्य प्रवासियों को प्रेरित करेंगे।

यह पहल केवल संवाद तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसे जन-आंदोलन का रूप देने की भी तैयारी है। गर्मियों के मौसम में जब बड़ी संख्या में प्रवासी अपने गांवों में आयोजित सामूहिक पूजन और पारिवारिक कार्यक्रमों में शामिल होते हैं, तब सरकार के प्रतिनिधि और अधिकारी भी इन आयोजनों में पहुंचकर योजनाओं की जानकारी देंगे और लोगों को गांव लौटकर रोजगार सृजन के लिए प्रेरित करेंगे। इस दौरान ब्लॉक स्तर के अधिकारी भी सक्रिय भूमिका निभाएंगे।

सरकार का दावा है कि उसके प्रयासों से राज्य में रिवर्स पलायन का सकारात्मक ट्रेंड सामने आने लगा है। अब तक छह हजार से अधिक प्रवासी अपने गांवों में लौटकर स्वरोजगार या व्यवसाय शुरू कर चुके हैं, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं।

इसके साथ ही, भारत की जनगणना 2027 के पहले चरण के दौरान भी प्रवासियों को अपने मूल गांव में ही गणना दर्ज कराने के लिए प्रेरित किया जाएगा, ताकि गांवों की वास्तविक जनसंख्या और संसाधनों की सही तस्वीर सामने आ सके।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य के प्रवासियों के पास देश-विदेश में काम करने का व्यापक अनुभव है, जिसे गांवों के विकास में उपयोग किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि पहले राज्य स्तर पर प्रवासी सम्मेलन आयोजित किया गया था और अब उसी अनुभव के आधार पर जनपद स्तर पर प्रवासी पंचायतों की शुरुआत की जा रही है, जिससे प्रवासी सीधे प्रशासन से जुड़कर अपने विचारों को अमल में ला सकें।

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