राज्य के छह जिलों का करेगी दौरा
हमारी पंचायत, देहरादून
राज्य में क्षति का जायजा लेने के लिए अंतर मंत्रालय केंद्रीय टीम आठ सितंबर से दौरे पर है। बीते दिनों उत्तराखंड में मानसून ने खूब कहर बरपाया। कई जिलों में बारिश से तबाही मचाई, जिससे प्रदेश को आर्थिक नुकसान पहुंचा है। ऐसे में सरकार ने केंद्र से मुआवजे की मांग की है। इसी क्षति का जायजा लेने के लिए केंद्रीय टीम आई है। यह टीम शासन में अधिकारियों के साथ बैठक करने के साथ प्रदेश के छह जिलों में निरीक्षण के लिए भी जा रही है। साथ ही आपदा से हुई वास्तविक क्षति का आकलन करने के लिए पीडीएनए यानी पोस्ट डिजास्टर नीड एसेसमेंट की कार्रवाई भी जल्द की जाएगी।
अंतर मंत्रालय केंद्रीय टीम उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, पौड़ी, बागेश्वर व नैनीताल में जाएगी। राज्य के स्तर पर सभी तैयारियां पूरी हो गईं हैं। इस टीम का नेतृत्व गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव आर. प्रसना करेंगे। टीम के साथ अन्य छह सदस्य भी है, जिनमें उप निदेशक महेश कुमार, अधीक्षण अभियंता सुधीर कुमार, उप निदेशक विकास सचान, मुख्य अभियंता पंकज सिंह, निदेशक डॉ. वीरेंद्र सिंह शामिल हैं। यह टीम दो दिनों तक क्षेत्रों में पहुंच कर स्थिति को देखेगी। आपदा प्रभावित क्षेत्रों को देखने के साथ प्रभावितों से बातचीत भी करेगी। इसके बाद जिला प्रशासन प्रेजेंटेशन के माध्यम से जिले में हुए नुकसान के बारे में भी बताएंगे।
राज्य में 574 एमएम बरसात हुई
इस वर्ष अभी तक 574 मिमी बारिश हुई है, जो पिछले कुछ वर्षों में सर्वाधिक है। बारिश अधिक होने के कारण नुकसान भी ज्यादा हुआ है। इस वर्ष मानसून के दौरान हुई क्षति की प्रतिपूर्ति तथा भविष्य में अवस्थापना संरचनाओं को संभावित नुकसान से बचाने के लिए भारत सरकार से 5702.15 करोड़ रुपये की विशेष सहायता का अनुरोध किया गया है।
क्षतिग्रस्त परिसंपत्तियों के पुनर्निर्माण में 1944.15 करोड़ के साथ-साथ परिसम्पत्तियों को बचाने तथा अनेक ऐसी परिसंपत्तियां, मार्ग, आबादी वाले क्षेत्र तथा अन्य अवस्थापना संरचानाओं को जो आपदा से क्षतिग्रस्त होने की कगार पर हैं को स्थिर करने के लिए 375 करोड़ की सहायता देने का अनुरोध किया है। सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने बताया कि वह केंद्रीय टीम को आपदा से जुड़ी जानकारी देंगे, केंद्रीय टीम के वापस आने के बाद देहरादून में बैठक होगी।

