राजा भरत की मूर्ति से सजेगा कण्वाश्रम, बनेगा वैदिक सभ्यता व पर्यटन का वैश्विक केंद्र
हमारी पंचायत, देहरादून
विधानसभा अध्यक्ष व क्षेत्रीय विधायक ऋतु खंडूरी ने वीरवार को ऐतिहासिक व धार्मिक महत्व वाले ‘कण्वाश्रम’ का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने आश्रम क्षेत्र की प्राचीन काष्ठ कला, विरासत और मालिनी नदी घाटी की अद्भुत प्राकृतिक सुंदरता का निरीक्षण किया।

उन्होंने कहा कि कण्वाश्रम केवल उत्तराखंड ही नहीं, बल्कि पूरे भारत की गौरवशाली धरोहर है। यहाँ वैदिक कालीन संस्कृति और परंपराओं की गहरी छाप है, जिसे वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाना उनकी प्राथमिकता है।
अगले माह लगेगी राजा भरत की प्रतिमा
विधानसभा अध्यक्ष ने घोषणा की कि अगले माह तक कण्वाश्रम में “शकुंतला-पुत्र चक्रवर्ती राजा भरत’ की भव्य मूर्ति स्थापित की जाएगी। उन्होंने कहा, “भारत देश का नाम जिन चक्रवर्ती भरत के नाम पर पड़ा, वे केवल उत्तराखंड ही नहीं, पूरे राष्ट्र के गौरव हैं। कण्वाश्रम का जीर्णोद्धार और इसे विश्व पटल पर स्थापित करना मेरा संकल्प है।”
धार्मिक और साहसिक पर्यटन को मिलेगी नई पहचान
उन्होंने बताया कि सरकार का लक्ष्य कण्वाश्रम को धार्मिक आस्था और साहसिक पर्यटन दोनों से जोड़ना है। यहाँ “सप्तऋषि मंडप” का निर्माण कर आश्रम पद्धति को पुनर्जीवित किया जाएगा, ताकि वैदिक कालीन सभ्यता का भव्य आभामंडल दुनिया के सामने प्रस्तुत हो सके।
मालिनी नदी के तट पर नित्य नदी आरती और वैदिक मंत्रोच्चारण गूंजेगा, जिससे यहाँ आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को अध्यात्म और शांति का अनुभव होगा।
वैज्ञानिक शोध और पुरातत्व अध्ययन जारी
उन्होंने बताया कि केंद्र और राज्य सरकार के सहयोग से भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग की टीम कण्वाश्रम क्षेत्र का गहन अध्ययन कर रही है। यहाँ मिली मूर्तियाँ ‘8वीं से 11वीं शताब्दी’ की मानी जा रही हैं, जिन पर शोध का कार्य जारी है।
सांसद अनिल बलूनी की सराहना
विधानसभा अध्यक्ष ने गढ़वाल लोकसभा सांसद अनिल बलूनी द्वारा कण्वाश्रम के संरक्षण और विकास को लेकर किए जा रहे प्रयासों की सराहना की और कहा कि केंद्र व राज्य सरकार के सामूहिक सहयोग से यह क्षेत्र नये स्वरूप में उभरेगा।
कण्वाश्रम से चंडा पर्वत शिखर – ट्रैक ऑफ द ईयर
पर्यटन विभाग ने वर्ष 2023 में “कण्वाश्रम से चंडा पर्वत शिखर तक का मार्ग” “ट्रैक ऑफ द ईयर” घोषित किया था, जिससे यहाँ साहसिक पर्यटन को नई दिशा मिली है।

