केदारनाथ उपचुनाव में भाजपा ने मतों का बनाया नया रिकॉर्ड

केदारनाथ उपचुनाव में भाजपा ने मतों का बनाया नया रिकॉर्ड

पीएम मोदी की प्रतिष्ठा से जुड़े केदारनाथ में भाजपा ने कांग्रेस को हराया

मतदान से 72 घण्टे पहले कांग्रेस के चक्रव्यूह को भेद गए सीएम धामी

हमारी पंचायत, देहरादून

कांग्रेस पार्टी केदारनाथ में बदरीनाथ व मंगलौर उपचुनाव का इतिहास नहीं दोहरा सकी। 5622 के अंतर से भाजपा केदारनाथ उपचुनाव जीत गयी। बदरीनाथ व मंगलौर उपचुनाव की हार के बाद केदारनाथ की जीत भाजपा को संजीवनी भी दे गई। निर्दलीय त्रिभुवन ने 9 हजार से अधिक मत बटोर शानदार मौजूदगी दर्ज कराई।

कुल 14 राउंड की गिनती के बाद भाजपा प्रत्याशी आशा नौटियाल ने 5622 मतों के अंतर उपचुनाव जीता। कांग्रेस प्रत्याशी मनोज रावत की हार कांग्रेस के लिए बड़ा झटका मानी जा रही है। उपचुनाव में छह प्रत्याशी शिरकत कर रहे थे।

आशा नौटियाल ने पहले राउंड से ही बढ़त बना ली थी। लगभग छह राउंड तक निर्दलीय चौहान भी मजबूती से वोट लेते दिखाई दिए। इसके बाद मुख्य मुकाबला भाजपा व कांग्रेस के बीच सिमट कर गय्या।

इस उपचुनाव के परिणाम के बाद जहां सीएम धामी , संगठन अध्यक्ष महेंद्र भट्ट व अन्य नेताओं के नम्बर बढ़े वहीं कांग्रेस में एक बार फिर महाभारत होने की संभावना बढ़ गयी है।

दो उपचुनाव में हार के बाद केदारनाथ उपचुनाव सीएम धामी के साथ पीएम मोदी के लिए भी प्रतिष्ठा का चुनाव माना जा रहा था। सीएम धामी व संगठन की कई महीनों की मेहनत के बाद केदारनाथ उपचुनाव का परिणाम अनुकूल आया।

सीएम धामी ने उपचुनाव से पहले केदारनाथ क्षेत्र के लिए करोड़ों की विकास घोषणाएं की थी। यही नहीं, पांच जनसभाओं के अलावा दो रैली के जरिये भाजपा के लिए वोट मांगे। हालांकि, भाजपा के पूर्व सीएम,कई मंत्री, विधायक व अन्य नेता भी केदारनाथ क्षेत्र में प्रचार करते देखे गए। मोदी की प्रतिष्ठा से जुड़े केदारनाथ धाम की यह जीत भाजपा कैम्प के लिए सुकून भरी मानी जा रही है।

कांग्रेस नेता हरीश रावत व गणेश गोदियाल ने मनोज रावत को प्रत्याशी बनाने के लिए हाईकमान को विशेष रूप से समझाया था। हालांकि, करण माहरा की पसंद हरक सिंह रावत बताए जा रहे थे। लेकिन पूर्व विधायक मनोज रावत पर ही कांग्रेस ने दांव खेला।

इस उपचुनाव में कांग्रेस के सभी दिग्गज गांव गांव घूमे। केदारनाथ धाम से जुड़े सवालों पर भाजपा को घेरा। सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग का आरोप भी चस्पा किया। नेता एकजुट भी दिखे। हार के बाद कांग्रेस खेमा निर्दलीय त्रिभुवन को भाजपा की जीत की मुख्य वजह करार दे रहा है।

इस उपचुनाव में उपचुनाव में निर्दलीय त्रिभुवन चौहान ने दोनों दलों को चौंकाते हुए उम्दा प्रदर्शन किया। लगभग 10 हजार वोट ले गए। बेरोजगार संघ के अध्यक्ष बॉबी पंवार भी चौहान के समर्थन में केदारनाथ उपचुनाव में कूद पड़े थे। युवाओं का जोर पत्रकार व निर्दलीय प्रत्याशी चौहान के पक्ष में देखा गया। निर्दलीय चौहान ने भाजपा-कांग्रेस में सेंध लगाते हुए सम्मानजनक वोट बटोरे।

उक्रांद प्रत्याशी आशुतोष भंडारी का प्रदर्शन बेहद कमजोर रहा। यह उक्रांद के लिए चिंता का विषय है। बाकी निर्दलीय कुछ मतों के इर्द गिर्द ही सिमट गए। इस जीत के बाद सीएम धामी को बधाई देने का सिलसिला शुरू हो गया। भाजपा कैम्प में मिठाई व आतिशबाजी का दौर भी शुरू हो गया।

90 हजार से अधिक मतदाताओं वाली केदारनाथ विधानसभा में 58.89 मतदाताओं ने हिस्सा लिया। शनिवार की सुबह आठ बजे अगस्त्यमुनि में कड़ी सुरक्षा के बीच मतगणना शुरू हुई। और दोपहर 1 बजे तक चुनाव परिणाम सामने आ गया।

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