12 में से 6 जिलों में महिला आरक्षण, तीन सीटें दो कार्यकाल बाद हुईं ओपन
हमारी पंचायत, शिमला
हिमाचल प्रदेश में पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव को लेकर तैयारियां अब निर्णायक चरण में पहुंच गई हैं। इसी क्रम में पंचायतीराज विभाग ने जिला परिषद चेयरमैन पदों के लिए आरक्षण रोस्टर जारी कर दिया है। इससे पहले पंचायत प्रधान, वार्ड सदस्य, बीडीसी सदस्य और जिला परिषद वार्डों का आरक्षण तय किया जा चुका था।

नए रोस्टर के अनुसार राज्य के 12 जिलों में से 6 जिलों में चेयरमैन पद महिलाओं के लिए आरक्षित किए गए हैं, जो स्थानीय राजनीति में महिला भागीदारी को मजबूती देने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। वहीं 4 जिलों में ये पद सामान्य (ओपन) श्रेणी के लिए रखे गए हैं, जबकि 2 जिलों में एससी और एसटी वर्ग को प्रतिनिधित्व दिया गया है।
जारी सूची के मुताबिक सिरमौर और सोलन में एससी (महिला), मंडी में एससी, किन्नौर में एसटी और लाहौल-स्पीति में एसटी (महिला) के लिए पद आरक्षित किए गए हैं। कांगड़ा में ओबीसी (महिला) तथा हमीरपुर और चंबा में सामान्य महिला के लिए चेयरमैन पद तय किया गया है। वहीं शिमला, कुल्लू, ऊना और बिलासपुर जिलों में यह पद ओपन श्रेणी के लिए रखे गए हैं।
पंचायतीराज विभाग के अधिकारियों का कहना है कि रोस्टर पूरी तरह नियमानुसार तैयार किया गया है, जिसमें सामाजिक न्याय और क्षेत्रीय संतुलन का विशेष ध्यान रखा गया है। प्रक्रिया को पारदर्शी रखते हुए सभी वर्गों को समान अवसर देने का प्रयास किया गया है।
गौरतलब है कि जिला परिषद चेयरमैन का चुनाव सीधे जनता द्वारा नहीं किया जाता, बल्कि पहले सदस्य चुने जाते हैं और फिर उन्हीं में से चेयरमैन का चयन होता है।
इस बार के रोस्टर में एक अहम बदलाव यह भी है कि शिमला, ऊना और बिलासपुर की सीटें, जो पिछले दो कार्यकाल (2015 और 2020) से आरक्षित थीं, अब ओपन कर दी गई हैं। रोस्टर जारी होते ही प्रदेश में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है और संभावित उम्मीदवारों ने अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रियता बढ़ा दी है।
