डिजिटल व्यवस्था से आसान हुआ जीवन प्रमाण पत्र सत्यापन

डिजिटल व्यवस्था से आसान हुआ जीवन प्रमाण पत्र सत्यापन

देहरादून में 1.84 लाख से अधिक पेंशनरों ने उठाया ऑनलाइन सुविधा का लाभ

हमारी पंचायत, देहरादून

प्रदेश के पेंशनरों के लिए जीवन प्रमाण पत्र (लाइफ सर्टिफिकेट) का सत्यापन अब पहले की तुलना में अधिक आसान और सुविधाजनक हो गया है। डिजिटल तकनीक के उपयोग से वरिष्ठ नागरिक घर बैठे ही अपना डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट जमा कर पा रहे हैं, जिससे उन्हें कार्यालयों के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं पड़ रही।

राज्य सरकार की पहल के तहत जीवन प्रमाण और आधार फेस आरडी तकनीक के माध्यम से पेंशनरों को ऑनलाइन सत्यापन की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। इस व्यवस्था से पेंशनरों को समय और संसाधनों की बचत होने के साथ-साथ प्रक्रिया में पारदर्शिता भी सुनिश्चित हुई है।

देहरादून कचहरी स्थित मुख्य कोषाधिकारी कार्यालय में स्थापित पेंशनर फैसिलिटेशन हॉल इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। यहां पेंशनरों को डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट जमा करने के साथ-साथ ऑनलाइन प्रक्रिया का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। एक अप्रैल 2024 से अब तक इस केंद्र के माध्यम से 1.84 लाख से अधिक पेंशनरों का डिजिटल सत्यापन किया जा चुका है।

अधिकारियों के अनुसार प्रदेश में बड़ी संख्या में पेंशनर डिजिटल माध्यमों से जुड़ रहे हैं। पेंशनर स्वयं भी जीवन प्रमाण ऐप के माध्यम से ऑपरेटर आईडी बनाकर अपना सत्यापन कर सकते हैं। इसके लिए आधार का अद्यतन होना तथा मोबाइल नंबर और कोषागार रिकॉर्ड से लिंक होना आवश्यक है।

आईएफएमएस (इंटीग्रेटेड फाइनेंशियल मैनेजमेंट सिस्टम) ऐप के जरिए पेंशनर अपनी सत्यापन स्थिति की जानकारी प्राप्त करने के साथ पेंशन स्टेटमेंट भी डाउनलोड कर सकते हैं। इससे उन्हें विभिन्न जानकारियों के लिए कार्यालयों पर निर्भर नहीं रहना पड़ता।

पेंशनरों की सहायता के लिए कोषागार निदेशालय की ओर से हेल्पलाइन सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। अधिकारियों ने पेंशनरों से अपील की है कि ऑनलाइन सत्यापन के दौरान प्राप्त ओटीपी किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ साझा न करें तथा केवल अधिकृत ऑपरेटरों की सेवाएं ही लें।

पेंशनर फैसिलिटेशन हॉल में प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके वरिष्ठ नागरिकों का कहना है कि डिजिटल व्यवस्था ने जीवन प्रमाण पत्र जमा करने की प्रक्रिया को बेहद सरल बना दिया है। इससे भविष्य में घर बैठे ही सत्यापन कर पाना संभव होगा, जो विशेष रूप से बुजुर्गों के लिए बड़ी राहत साबित हो रहा है।

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