ग्राम समाज सुधार समिति का गठन, “शराब नहीं संस्कार” अभियान को मिला नया बल
हमारी पंचायत, टिहरी
विकासखंड चम्बा की चामनी ग्राम पंचायत ने सामाजिक सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए शादी-विवाह, धार्मिक कार्यक्रमों, मुंडन संस्कार तथा अन्य सामुदायिक आयोजनों में शराब के उपयोग और परोसने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया है। ग्राम प्रधान सरोजनी देवी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में यह प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया।
बैठक में ग्रामीणों ने चिंता व्यक्त की कि शराब की बढ़ती प्रवृत्ति से सामाजिक और पारिवारिक वातावरण प्रभावित हो रहा है। इसे देखते हुए गांव में नशामुक्त माहौल तैयार करने तथा नई पीढ़ी को बेहतर संस्कार देने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया। निर्णय के अनुसार सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीकर अनुचित व्यवहार करने वालों के खिलाफ भी सामाजिक स्तर पर कार्रवाई की जाएगी।
इस अवसर पर गांव में सामाजिक जागरूकता और सुधार संबंधी गतिविधियों को आगे बढ़ाने के लिए ग्राम समाज सुधार समिति का गठन किया गया। समिति में बबीता देवी को अध्यक्ष, राजमती देवी को उपाध्यक्ष, गीता देवी को सचिव, मंजू देवी को सहसचिव तथा सूर्यप्रकाश को कोषाध्यक्ष चुना गया। इसके अलावा रुचि देवी, नम्रता देवी, सुमित्रा देवी, जयपाल सिंह, आरती देवी और मनमोहन सिंह को सदस्य बनाया गया, जबकि ग्राम प्रधान सरोजनी देवी को संरक्षक की जिम्मेदारी सौंपी गई।
ग्राम प्रधान सरोजनी देवी ने कहा कि पंचायत स्वस्थ और संस्कारित समाज के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है तथा यह निर्णय गांव में सकारात्मक सामाजिक वातावरण बनाने में मददगार साबित होगा।
अभियान के संयोजक सुशील बहुगुणा ने कहा कि उत्तराखंड के विभिन्न गांवों में सामाजिक आयोजनों को नशामुक्त बनाने की पहल लगातार मजबूत हो रही है और चामनी ग्राम पंचायत का यह निर्णय अन्य गांवों के लिए भी प्रेरणा बनेगा।
बैठक के अंत में ग्रामीणों ने गांव को नशामुक्त बनाने और सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ मिलकर काम करने का सामूहिक संकल्प लिया। इस अवसर पर रवीश चमोली और लक्ष्मी बहुगुणा सहित अनेक ग्रामीण उपस्थित रहे।

