देहरादून में 372 मामले, बच्चों को मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग की सलाह
हमारी पंचायत, देहरादून
उत्तराखंड में स्वाइन फ्लू यानी एच1एन1 संक्रमण के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार प्रदेश में अब तक 565 मामलों की पुष्टि हो चुकी है। इनमें 372 मामले देहरादून जिले के हैं। बढ़ते संक्रमण को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने स्कूलों के लिए एडवाइजरी जारी की है। इसमें बच्चों को एहतियात के तौर पर मास्क का इस्तेमाल करने, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने और फ्लू जैसे लक्षण होने पर स्कूल नहीं आने की सलाह दी गई है।
स्कूलों को सावधानी बरतने के निर्देश
देहरादून के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज कुमार शर्मा ने जिला शिक्षा अधिकारी समेत संबंधित अधिकारियों को एडवाइजरी के संबंध में पत्र भेजा है। इसमें स्कूलों में संक्रमण से बचाव के लिए आवश्यक सावधानी बरतने, मास्क के इस्तेमाल और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने की सलाह दी गई है। फ्लू जैसे लक्षण वाले विद्यार्थियों को स्कूल नहीं भेजने को भी कहा गया है। एडवाइजरी को संक्रमण की स्थिति के आधार पर तीन श्रेणियों में तैयार किया गया है।
एक दिन में मिले आठ नए मामले
18 सितंबर को सामने आई स्वास्थ्य विभाग की जानकारी के अनुसार देहरादून में एच1एन1 के आठ नए मामले मिले। इसके साथ प्रदेश में कुल संक्रमितों की संख्या 565 पहुंच गई। इनमें 372 मामले देहरादून के हैं, जबकि 193 मरीज अन्य जिलों या राज्यों से संबंधित बताए गए हैं। देहरादून और ऋषिकेश में 78 सक्रिय मरीजों का उपचार चल रहा है।
सितंबर में संक्रमण की रफ्तार भी तेज रही है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार 1 से 17 सितंबर के बीच 452 मामले सामने आए। 17 सितंबर को 24 नए मामले दर्ज किए गए थे।
रैपिड रिस्पॉन्स टीमों से बढ़ाई निगरानी
स्वास्थ्य विभाग ने संक्रमण वाले क्षेत्रों में स्क्रीनिंग बढ़ाने के साथ रैपिड रिस्पॉन्स टीमों को सक्रिय किया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी के अनुसार जहां से मरीज सामने आ रहे हैं, वहां टीमों को भेजकर स्क्रीनिंग की जा रही है और मरीजों की ट्रैवल हिस्ट्री भी जुटाई जा रही है। अस्पतालों को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार एच1एन1 ड्रॉपलेट संक्रमण से फैलने वाला वायरल संक्रमण है। ऐसे में फ्लू जैसे लक्षण दिखाई देने पर सावधानी बरतने, भीड़भाड़ वाली जगहों से बचने, मास्क का इस्तेमाल करने और हाथों की स्वच्छता का ध्यान रखने की सलाह दी गई है। सरकारी और निजी अस्पतालों में आइसोलेशन बेड चिह्नित किए गए हैं और फ्लू ओपीडी भी संचालित की जा रही हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से संक्रमण को लेकर घबराने के बजाय सावधानी बरतने की अपील की है। खासकर बच्चों और पहले से किसी बीमारी से जूझ रहे लोगों में फ्लू जैसे लक्षण दिखने पर चिकित्सकीय सलाह लेने पर जोर दिया गया है।

