सीएम धामी ने 7.52 करोड़ के घाट का लोकार्पण किया, 25 फीट ऊंची यमुना प्रतिमा का अनावरण
हमारी पंचायत, विकासनगर
जौनसार-बावर के प्रवेश द्वार हरिपुर-कालसी को धार्मिक पर्यटन के मानचित्र पर नई पहचान दिलाने की दिशा में गुरुवार को महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिपुर में नवनिर्मित यमुना घाट का लोकार्पण किया और तट पर स्थापित मां यमुना की 25 फीट ऊंची प्रतिमा का अनावरण किया। इसी कार्यक्रम में मां यमुना-कृष्ण मंदिर का शिलान्यास भी किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के आध्यात्मिक और सांस्कृतिक गौरव के पुनर्जागरण का कार्य निरंतर जारी है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर हरिपुर के यमुना तट पर ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम और यमुना आरती भी आयोजित की गई। कार्यक्रम के दौरान 2,100 दीपों से यमुना तट जगमगा उठा। साधु-संतों, श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों ने इसमें भाग लिया।

7.52 करोड़ से तैयार हुआ घाट
हरिपुर में विकसित स्नान घाट को करीब 7.52 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया है। यमुना नदी के दायें तट पर बने इस घाट की लंबाई 170 मीटर और चौड़ाई 15 मीटर है। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए नदी की ओर सुरक्षा दीवारें, प्लेटफॉर्म और नदी तक पहुंचने के लिए सीढ़ियां बनाई गई हैं। यमुना आरती के लिए चार आरती स्थल भी विकसित किए गए हैं।
घाट के निर्माण का उद्देश्य हरिपुर में यमुना स्नान और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए व्यवस्थित सुविधा उपलब्ध कराना है। क्षेत्र में पहले से धार्मिक आस्था के चलते श्रद्धालुओं और जौनसार-बावर की देव डोलियों का यमुना स्नान के लिए हरिपुर पहुंचना महत्वपूर्ण परंपरा रही है। नए घाट से इस गतिविधि को बेहतर आधार मिलने की उम्मीद है।

हरिपुर क्यों महत्वपूर्ण है
हरिपुर-कालसी को जौनसार-बावर का प्रवेश द्वार माना जाता है। यह क्षेत्र यमुना और टौंस समेत आसपास की नदियों के कारण भौगोलिक और धार्मिक रूप से महत्वपूर्ण है। यमुनोत्री से निकलने वाली यमुना जब इस क्षेत्र से होकर आगे बढ़ती है तो हरिपुर उसका प्रमुख पड़ाव बनता है।
जौनसार-बावर की धार्मिक पहचान महासू देवता की आस्था से भी जुड़ी है। हनोल स्थित महासू मंदिर क्षेत्र का प्रमुख धार्मिक केंद्र है। स्थानीय परंपराओं में विभिन्न देव डोलियों का हरिपुर पहुंचना और यमुना स्नान करना भी विशेष महत्व रखता है। नए घाट के निर्माण से इन धार्मिक गतिविधियों के लिए अधिक व्यवस्थित स्थान उपलब्ध होगा।
आस्था के साथ इतिहास की भी धरती
हरिपुर और कालसी का महत्व केवल धार्मिक दृष्टि से नहीं है। कालसी में सम्राट अशोक का शिलालेख इस क्षेत्र की प्राचीन ऐतिहासिक विरासत का महत्वपूर्ण प्रमाण है। आसपास के क्षेत्र में प्राचीन धार्मिक और पुरातात्विक महत्व के स्थल भी मौजूद हैं। यही वजह है कि हरिपुर-कालसी को धार्मिक पर्यटन के साथ ऐतिहासिक पर्यटन से जोड़ने की संभावनाएं भी देखी जा रही हैं।
क्षेत्र के धार्मिक, ऐतिहासिक और प्राकृतिक स्थलों को एक साथ विकसित किए जाने से जौनसार-बावर के लिए व्यापक पर्यटन परिपथ तैयार करने की संभावना बनती है। मुख्यमंत्री ने भी कालसी, हनोल और लाखामंडल सहित क्षेत्र के धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थलों के विकास पर जोर दिया।

हनोल मास्टर प्लान को 150 करोड़ की मंजूरी
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने हनोल मास्टर प्लान के लिए 150 करोड़ रुपये की स्वीकृति की जानकारी दी। सरकार के अनुसार इसके माध्यम से धार्मिक पर्यटन से जुड़ी अवस्थापना सुविधाओं को विकसित किया जाएगा और श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी। लाखामंडल सहित जौनसार-बावर के अन्य धार्मिक और पर्यटन स्थलों के विकास की बात भी कही गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि क्षेत्र के विकास का उद्देश्य केवल तीर्थ और पर्यटन स्थलों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका लाभ स्थानीय लोगों तक पहुंचाना भी है। उनके अनुसार पर्यटन गतिविधियां बढ़ने से होमस्टे, स्थानीय उत्पाद, हस्तशिल्प, परिवहन और खान-पान जैसी गतिविधियों को बढ़ावा मिल सकता है।
कृषि और पर्यटन से जुड़ी स्थानीय अर्थव्यवस्था
जौनसार-बावर की अर्थव्यवस्था में कृषि, बागवानी और पशुपालन की महत्वपूर्ण भूमिका है। क्षेत्र में कोदो, झंगोरा, मक्का, जौ, गेहूं और धान जैसी फसलों के साथ अदरक, टमाटर, अरबी, धनिया, हरी मिर्च, बीन, शिमला मिर्च और लहसुन जैसी फसलें भी उगाई जाती हैं। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सेब, नाशपाती, पुलम और कीवी की बागवानी होती है।
सहिया क्षेत्र की प्रमुख मंडियों में शामिल है, जहां से स्थानीय कृषि उत्पाद आसपास के क्षेत्रों के साथ दूसरे राज्यों तक भी भेजे जाते हैं। ऐसे में धार्मिक पर्यटन का विस्तार केवल तीर्थयात्रियों की संख्या तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि स्थानीय उत्पादों, परिवहन, आवास और खान-पान से जुड़े कारोबार को भी बाजार मिल सकता है।
हरिपुर को नई धार्मिक पहचान देने की तैयारी
हरिपुर घाट के लोकार्पण, मां यमुना की प्रतिमा के अनावरण और यमुना-कृष्ण मंदिर के शिलान्यास के साथ कालसी क्षेत्र के धार्मिक विकास की एक नई कड़ी जुड़ी है। सरकार का जोर क्षेत्र की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पहचान को पर्यटन सुविधाओं से जोड़ने पर है।
अब हरिपुर में विकसित घाट के साथ आसपास के धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों को किस तरह एक व्यवस्थित पर्यटन परिपथ से जोड़ा जाता है, यह इस क्षेत्र के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण होगा। इससे एक ओर श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकती हैं, वहीं दूसरी ओर जौनसार-बावर की स्थानीय संस्कृति, कृषि उत्पादों और पारंपरिक अर्थव्यवस्था को भी व्यापक बाजार मिलने की संभावना बन सकती है।


Best betting experience I have had in a long time. The odds are fair and the registration process was a breeze. Give betpk44comlogin a try if you want some real action.
Was looking for a safe way to get the app and this site made it so simple. No errors and it works perfectly on my phone. Thanks jili4download.
Really impressed with the user interface here. Everything is easy to find and the loading times are super fast. Big thanks to canohuto for the great experience