बारिश के बीच परेड ग्राउंड से निकली रैली, हाथीबड़कला में पुलिस ने रोका
हमारी पंचायत, देहरादून
पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर रविवार को प्रदेशभर से जुटे कर्मचारियों ने देहरादून में प्रदर्शन किया। पुरानी पेंशन बहाली राष्ट्रीय आंदोलन के बैनर तले कर्मचारी परेड ग्राउंड में एकत्र हुए और जनसभा के बाद मुख्यमंत्री आवास के लिए कूच किया। हाथीबड़कला में पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर प्रदर्शनकारियों को रोक दिया। इसके बाद कर्मचारियों ने वहीं धरना-प्रदर्शन किया और अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी की।
बारिश के बावजूद सुबह से ही कर्मचारी परेड ग्राउंड पहुंचने लगे थे। यहां कर्मचारी नेताओं ने सभा को संबोधित किया। इसके बाद प्रदर्शनकारी नारेबाजी करते हुए मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़े। हाथीबड़कला में पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद कुछ प्रदर्शनकारी बैरिकेडिंग पर चढ़ गए और कर्मचारियों ने वहीं अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री के कोऑर्डिनेटर भुवन रावत को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करने की मांग उठाई।
एक अक्टूबर 2005 के बाद नियुक्त कर्मचारियों के लिए OPS की मांग
संगठन के प्रांतीय महामंत्री मुकेश रतूड़ी ने कहा कि कर्मचारियों की एकसूत्रीय मांग पुरानी पेंशन बहाली की है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में एक अक्टूबर 2005 के बाद नियुक्त कर्मचारियों को भी पुरानी पेंशन बहाली का लाभ दिया जाना चाहिए।
रतूड़ी ने कहा कि कर्मचारी लंबे समय से इस मांग को उठा रहे हैं और संगठन अपनी मांग पर कायम है। उन्होंने चेतावनी दी कि मांग पर सकारात्मक निर्णय नहीं होने पर आंदोलन को बड़े स्तर पर ले जाया जाएगा।
नई और यूनिफाइड पेंशन योजना पर सवाल
कर्मचारी नेताओं का कहना है कि केंद्र में एक जनवरी 2004 से नई पेंशन योजना लागू की गई, जबकि उत्तराखंड में इसे एक अक्टूबर 2005 से लागू किया गया। उनका दावा है कि नई पेंशन योजना और वर्तमान में लागू यूनिफाइड पेंशन योजना में कर्मचारियों का सेवानिवृत्ति के बाद का भविष्य सुरक्षित नहीं है।
कर्मचारी संगठनों का कहना है कि इन योजनाओं में बाजार आधारित व्यवस्था होने के कारण सेवानिवृत्ति के बाद मिलने वाली पेंशन को लेकर कर्मचारियों में असुरक्षा है। इसी आधार पर संगठन पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करने की मांग कर रहा है। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने सरकार से उनकी मांग पर निर्णय लेने की अपील की। संगठन ने स्पष्ट किया कि मांग पूरी होने तक पुरानी पेंशन बहाली का आंदोलन जारी रहेगा।

