प्रति व्यक्ति आय 2.74 लाख रुपये पहुंचने का दावा; कांग्रेस का प्रदर्शन, यूकेडी ने तोड़े बैरिकेड
हमारी पंचायत, गैरसैंण
उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण के भराड़ीसैंण में मंगलवार को विधानसभा का दो दिवसीय सत्र शुरू हुआ। सत्र के पहले दिन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 7,844.18 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट सदन में पेश किया। सरकार ने इसे विकसित और आत्मनिर्भर उत्तराखंड के लक्ष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। मुख्यमंत्री ने वर्ष 2022 से अब तक राज्य की अर्थव्यवस्था और विकास से जुड़े आंकड़े भी पेश किए। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय बढ़कर 2.74 लाख रुपये हो गई है।

सत्र की शुरुआत दिवंगत पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल बीसी खंडूड़ी सहित अन्य दिवंगत नेताओं को श्रद्धांजलि देने के साथ हुई। सदन में भाजपा विधायकों ने खंडूड़ी से जुड़े संस्मरण साझा किए और उनके अनुशासन, ईमानदारी तथा प्रशासनिक कार्यशैली को याद किया। दूसरी ओर, विधानसभा के बाहर कांग्रेस, प्रधान संगठन और उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) ने विभिन्न मांगों और मुद्दों को लेकर प्रदर्शन किया। पुलिस ने कांग्रेस और प्रधान संगठन के प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोका, जबकि यूकेडी के प्रदर्शनकारियों ने दिवालीखाल में बैरिकेड तोड़कर विधानसभा के मुख्य गेट तक पहुंचने की कोशिश की।
प्रति व्यक्ति आय में बढ़ोतरी का दावा
मुख्यमंत्री धामी ने राज्य की आर्थिक प्रगति का विवरण देते हुए बताया कि वर्ष 2022 में उत्तराखंड का सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) लगभग 2.55 लाख करोड़ रुपये था। वर्ष 2026-27 में इसके बढ़कर लगभग 3.82 लाख करोड़ रुपये होने का अनुमान है। इसी अवधि में प्रति व्यक्ति आय लगभग 1.95 लाख रुपये से बढ़कर 2.74 लाख रुपये तक पहुंचने का दावा किया गया।
मुख्यमंत्री के अनुसार, राज्य में बहुआयामी गरीबी में कमी आई है। स्टार्टअप की संख्या 702 से बढ़कर 1,978 हो गई है, जबकि एमएसएमई इकाइयों की संख्या लगभग 60 हजार से बढ़कर एक लाख तक पहुंच गई है। सौर ऊर्जा क्षमता में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
धामी ने कहा कि सरकार का लक्ष्य वर्ष 2047 तक उत्तराखंड को विकसित, समृद्ध और आत्मनिर्भर राज्य बनाना है। अनुपूरक बजट में प्रदेश की मौजूदा जरूरतों के साथ भविष्य के विकास कार्यों को भी ध्यान में रखा गया है।
बजट में राजस्व मद के लिए 3,679 करोड़
7,844.18 करोड़ रुपये के अनुपूरक बजट में राजस्व मद के लिए 3,679.86 करोड़ रुपये और पूंजीगत मद के लिए 4,164.32 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
बजट में प्रमुख प्रावधान इस प्रकार हैं:
- ग्रामीण, शहरी और स्थानीय निकायों के लिए 721 करोड़ रुपये।
- अन्नपूर्ति योजना के तहत धान और गेहूं की खरीद के लिए 1,100 करोड़ रुपये।
- अवस्थापना विकास के लिए 500 करोड़ रुपये।
- जल जीवन मिशन के तहत ठेकेदारों के बकाया भुगतान के लिए 300 करोड़ रुपये।
- कुंभ मेला अवस्थापना विकास के लिए 290 करोड़ रुपये।
- उच्च शिक्षा और विद्यालयी शिक्षा में डिजिटल लर्निंग के लिए 200 करोड़ रुपये।
इसके अलावा गैरसैंण जलापूर्ति बांध परियोजना के लिए 122 करोड़ रुपये, नवीन स्टेट डेटा सेंटर के लिए 40 करोड़ रुपये और हरिद्वार-गंगा कॉरिडोर परियोजना के लिए 30 करोड़ रुपये प्रस्तावित हैं।
स्वास्थ्य क्षेत्र में आयुष्मान योजना के लिए 100 करोड़ और गोल्डन कार्ड के लिए 125 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। कल्याणकारी पेंशन योजनाओं के लिए 93 करोड़ रुपये रखे गए हैं। खुरपिया फार्म परियोजना की विद्युत व्यवस्था के लिए 270 करोड़ रुपये तथा पिथौरागढ़, रुद्रपुर मेडिकल कॉलेज और नर्सिंग कॉलेजों के लिए 160 करोड़ रुपये प्रस्तावित हैं।
अंकिता प्रकरण और महिला सुरक्षा पर सरकार को घेरेगी कांग्रेस
विधानसभा सत्र के पहले दिन कांग्रेस ने सरकार के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाया। कांग्रेस कार्यकर्ता प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा सहित अन्य नेताओं के नेतृत्व में विधानसभा घेराव के लिए पहुंचे। पुलिस ने बैरिकेड लगाकर उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया, जिसके बाद कांग्रेस कार्यकर्ता धरने पर बैठ गए।
कांग्रेस ने अंकिता भंडारी हत्याकांड, महिलाओं की सुरक्षा और चंदा चोरी सहित विभिन्न मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी की है। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने उत्तराखंड के पारंपरिक खाना बनाने वाले बर्तनों के साथ नारेबाजी भी की।
प्रधान संगठन ने भी अपनी मांगों को लेकर भराड़ीसैंण कूच किया, लेकिन पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोक दिया। कुछ प्रदर्शनकारियों को बसों से अस्थायी जेल मालसी ले जाया गया।
उधर, यूकेडी के प्रदर्शनकारियों ने दिवालीखाल में बैरिकेड तोड़ दिए और भराड़ीसैंण विधानसभा के मुख्य गेट तक पहुंच गए। इससे सत्र के पहले दिन विधानसभा परिसर के बाहर राजनीतिक तनाव बढ़ गया।
विपक्ष के प्रदर्शन पर मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि विरोध करना विपक्ष का धर्म है। उन्होंने कहा कि विपक्ष का विरोध सरकार को और बेहतर काम करने के लिए प्रेरित करता है।
बीसी खंडूड़ी को याद कर भावुक हुए विधायक
सदन में दिवंगत पूर्व मुख्यमंत्री बीसी खंडूड़ी के योगदान और उनके साथ जुड़े अनुभवों का विशेष रूप से उल्लेख किया गया। मुख्यमंत्री धामी ने उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि विधानसभा अध्यक्ष के सामने खड़े होकर खंडूड़ी को याद करना उनके लिए भावुक क्षण है।
भाजपा विधायक भरत सिंह चौधरी ने कहा कि जब वह लगातार पांच चुनाव हारकर निराश हो गए थे, तब खंडूड़ी ने उन्हें प्रोत्साहित किया। उनके अनुसार, खंडूड़ी ने सेना से सेवानिवृत्ति के बाद 58 वर्ष की उम्र में राजनीति में आने का उदाहरण देते हुए उन्हें भी निराश न होने की सीख दी थी। चौधरी ने कहा कि खंडूड़ी ने उन्हें राजनीतिक जीवनदान दिया।
पूर्व मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने खंडूड़ी के अनुशासन का उदाहरण देते हुए बताया कि वह निर्धारित समय पर कार्यक्रम में पहुंचने के लिए प्रतिबद्ध रहते थे। उन्होंने कहा कि खंडूड़ी से समय की पाबंदी और अनुशासन की सीख लेने की जरूरत है।
भाजपा विधायक शक्ति लाल शाह ने भी खंडूड़ी से जुड़ा संस्मरण साझा किया। विधायक फकीर राम टम्टा ने बताया कि खंडूड़ी एक व्यक्ति के घर पहुंचे तो वहां बैठने के लिए केवल चारपाई थी। वह उसी पर बैठकर उनका हालचाल जानने लगे।
विधायक मुन्ना सिंह चौहान ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता लाने के लिए खंडूड़ी ने महत्वपूर्ण कदम उठाए थे। वहीं, विधायक अरविंद पांडे ने कहा कि खंडूड़ी तराई क्षेत्र में बंदूक संस्कृति समाप्त करने के लिए युवाओं को रोजगार और आर्थिक आत्मनिर्भरता के अवसर देने पर जोर देते थे।
गैरसैंण में इस साल दो बार हुआ सत्र
मुख्यमंत्री धामी ने बताया कि वर्ष 2026 में गैरसैंण के भराड़ीसैंण विधानसभा भवन में दूसरी बार सत्र आयोजित किया जा रहा है। इससे पहले मार्च में यहां बजट सत्र हुआ था।
उन्होंने कहा कि गैरसैंण में नियमित रूप से विधानसभा सत्र आयोजित करने से ग्रीष्मकालीन राजधानी के रूप में इसकी महत्ता बढ़ती है। इससे पर्वतीय क्षेत्रों की बुनियादी समस्याओं, क्षेत्रीय विकास और स्थानीय लोगों की आकांक्षाओं को सरकार के सामने रखने का अवसर भी मिलता है।
मुख्यमंत्री ने गैरसैंण में आयोजित पिछले सत्रों का विवरण भी दिया। उनके अनुसार, वर्ष 2014 में यहां विधानसभा सत्र आयोजित करने की शुरुआत हुई थी। वर्ष 2019 और 2022 में यहां सत्र आयोजित नहीं हुआ, जबकि 2023 और 2024 में तीन दिवसीय सत्र हुए। वर्ष 2025 में बजट और मानसून सत्र आयोजित किए गए।
हालांकि, स्थानीय लोगों और राज्य आंदोलनकारियों ने गैरसैंण को जिला घोषित करने की मांग उठाई। क्षेत्रवासियों ने केवल दो दिन का सत्र आयोजित किए जाने पर भी नाराजगी जताई और गैरसैंण में केंद्रीय विद्यालय खोलने की मांग की।
सदन में अध्यादेश और आयोगों की रिपोर्ट भी होगी पेश
सत्र के दौरान वित्तीय और प्रशासनिक विषयों से जुड़ी रिपोर्टें भी सदन के पटल पर रखी जानी हैं। इनमें छठे राज्य वित्त आयोग की रिपोर्ट और उत्तराखंड मानवाधिकार आयोग की वर्ष 2019-22 की वार्षिक एवं विशेष रिपोर्ट पर सरकार की कार्रवाई से संबंधित प्रतिवेदन शामिल हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी उत्तराखंड माल एवं सेवा कर (संशोधन) अध्यादेश, 2026 को सदन के पटल पर रखेंगे। इसके साथ ही अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा अधिनियम (संशोधन) अध्यादेश, 2026 प्रस्तुत करेंगे।
दो दिवसीय सत्र के पहले दिन जहां सरकार ने अनुपूरक बजट के जरिए विकास और आर्थिक प्रगति का एजेंडा सामने रखा, वहीं विपक्ष ने राज्य के ज्वलंत मुद्दों को लेकर सरकार पर दबाव बढ़ाया। अब दूसरे दिन सदन की कार्यवाही और बजट पर होने वाली चर्चा पर नजर रहेगी।

