हंगामे के बीच 10 विधेयक पारित, सत्र स्थगित

हंगामे के बीच 10 विधेयक पारित, सत्र स्थगित

₹7,844.18 करोड़ का अनुपूरक बजट पास, रेखा आर्या प्रकरण पर विपक्ष का विरोध; 11 घंटे भी नहीं चला सदन

हमारी पंचायत, गैरसैंण

उत्तराखंड विधानसभा के भराड़ीसैंण में आयोजित सत्र के दूसरे दिन विपक्ष के जोरदार हंगामे के बीच ₹7,844.18 करोड़ का अनुपूरक बजट और 10 विधेयक पारित कर दिए गए। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी ने सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने की घोषणा कर दी। विपक्ष ने सत्र की अवधि कम रखने और जनहित के महत्वपूर्ण मुद्दों पर पर्याप्त चर्चा नहीं होने का आरोप लगाया।

सत्र के दौरान कांग्रेस विधायकों ने कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या से जुड़े कथित भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। विधायक काले झंडे लेकर सदन के वेल में पहुंचे और नारेबाजी की। विरोध के दौरान कागज फेंके जाने और लगातार हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही भी बाधित हुई। दूसरे दिन दोपहर करीब 1:10 बजे कार्यवाही स्थगित कर दी गई। इस तरह पूरा विधानसभा सत्र 11 घंटे भी नहीं चल पाया।

अनुपूरक बजट समेत 10 विधेयक पारित

विपक्ष के विरोध के बीच सरकार ने ₹7,844.18 करोड़ का अनुपूरक बजट पारित कराया। बजट पारित होने के साथ ही सदन में कुल 10 विधेयक भी पारित किए गए। कांग्रेस विधायकों की नारेबाजी के कारण प्रश्नकाल में कोई प्रश्न नहीं हो सका। शून्यकाल में भी सीमित चर्चा हो पाई।

विपक्ष ने आरोप लगाया कि इतने कम समय में प्रदेश के महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा संभव नहीं है। कांग्रेस विधायकों ने सरकार पर जवाबदेही से बचने और विपक्ष की आवाज दबाने का आरोप लगाया।

रेखा आर्या प्रकरण पर आमने-सामने सत्ता पक्ष और विपक्ष

सत्र के दूसरे दिन की कार्यवाही शुरू होने से पहले ही रेखा आर्या से जुड़े कथित भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई थी। कांग्रेस नेता प्रीतम सिंह ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई। विपक्षी विधायक नियम 310 के तहत इस मुद्दे पर चर्चा कराने की मांग करते रहे।

कांग्रेस विधायकों ने कथित 210 करोड़ रुपये के भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर नारेबाजी की। इसी दौरान सदन में ‘210 का झुमका कहां गिरा’ का नारा भी चर्चा में रहा। विपक्ष ने काले झंडे दिखाकर विरोध जताया और मामले में जवाब मांगा।

वहीं, कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कांग्रेस के आरोपों पर पलटवार करते हुए वर्ष 2012 से 2017 के कांग्रेस शासनकाल का उल्लेख किया। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्या ने सदन में महत्वपूर्ण जनहित के मुद्दों पर चर्चा कराने की जरूरत बताई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विपक्ष की ओर से काम रोको प्रस्ताव लाने की मंशा पर सवाल उठाए।

सत्ता पक्ष ने भी उठाया चकराता का मामला

सदन की कार्यवाही शुरू होते ही कांग्रेस विधायक काले झंडे लेकर वेल में पहुंच गए। इसके जवाब में सत्ता पक्ष के विधायकों ने चकराता में एक परिवार को कांग्रेस नेताओं की ओर से कथित धमकी दिए जाने का मामला उठाया। उन्होंने इस प्रकरण की जांच कर सख्त कार्रवाई की मांग की।

लगातार हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही बाधित होती रही। दोपहर 12 बजे कार्यवाही दोबारा शुरू होने पर भी कांग्रेस विधायकों का विरोध जारी रहा। अंततः अनुपूरक बजट और विधेयकों के पारित होने के बाद सदन अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया।

गैरसैंण में 231.91 करोड़ की विकास योजनाओं की सौगात

विधानसभा सत्र के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गैरसैंण में 231.91 करोड़ रुपये की 12 विकास योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इनमें 197.87 करोड़ रुपये की छह योजनाओं का शिलान्यास और 34.04 करोड़ रुपये की छह योजनाओं का लोकार्पण शामिल है।

इन योजनाओं में पेयजल, सड़क, शिक्षा, सुरक्षा और पुलिस अवस्थापना से संबंधित कार्य शामिल हैं। सरकार ने इन्हें क्षेत्र के विकास और बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

हालांकि, सत्र के समापन पर राजनीतिक टकराव और सीमित चर्चा को लेकर सवाल उठे। विपक्ष ने जहां सरकार पर जनहित के मुद्दों से बचने का आरोप लगाया, वहीं सत्ता पक्ष ने अपने विधायी और विकास कार्यों को आगे बढ़ाया।

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