उत्तराखंड में भाजपा का मिशन-65

उत्तराखंड में भाजपा का मिशन-65

अमित शाह ने दिया 65 सीटों का लक्ष्य, यूसीसी और अतिक्रमण के मुद्दों से कांग्रेस को घेरने की तैयारी

हमारी पंचायत, देहरादून

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उत्तराखंड में भाजपा के आगामी विधानसभा चुनाव अभियान का आगाज कर दिया है। राज्य स्थापना दिवस के आयोजन में देहरादून पहुंचे शाह ने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को इस बार 40-45 नहीं, बल्कि 65 विधानसभा सीटें जीतने का लक्ष्य दिया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी समेत प्रदेश सरकार के मंत्रियों, सांसदों और पूर्व मुख्यमंत्रियों की मौजूदगी में आयोजित कार्यक्रम को भाजपा ने शक्ति प्रदर्शन के रूप में पेश किया। करीब 25 हजार लोगों की भीड़ जुटने के दावे के बीच अमित शाह का संबोधन प्रदेश की सियासत में आगामी चुनाव की दिशा और भाजपा की रणनीति के संकेत दे गया।

विकास के साथ धार्मिक मुद्दों पर जोर

अमित शाह का संबोधन केवल धामी सरकार की उपलब्धियों तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने विकास कार्यों के साथ मस्जिद, मजार, मदरसा, तीन तलाक, समान नागरिक संहिता (यूसीसी) और जुमे की छुट्टी जैसे मुद्दे भी उठाए। अवैध अतिक्रमण के खिलाफ राज्य सरकार की कार्रवाई का समर्थन करते हुए उन्होंने सवाल किया कि यदि सरकार अवैध कब्जे हटा रही है तो किसी को परेशानी क्यों होनी चाहिए? इन मुद्दों के जरिए उन्होंने कांग्रेस को भी निशाने पर लिया।

शाह के भाषण से यह संकेत मिला कि भाजपा आगामी विधानसभा चुनाव में विकास और सरकार की उपलब्धियों के साथ धार्मिक-सांस्कृतिक मुद्दों को भी प्रमुखता देने की तैयारी में है। पार्टी इन विषयों के जरिए अपने समर्थक वर्ग को लामबंद करने और कांग्रेस को राजनीतिक रूप से घेरने की रणनीति पर आगे बढ़ सकती है।

यूसीसी और तीन तलाक पर सीधा सवाल

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की तारीफ करते हुए अमित शाह ने उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता और नकल विरोधी कानून लागू किए जाने को बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने जनता से सीधे सवाल किया कि क्या उत्तराखंड में अब कोई व्यक्ति तीन शादियां कर सकता है? इस सवाल के जरिए उन्होंने यूसीसी के प्रावधानों और उसके महत्व को जनता के सामने रखने की कोशिश की।

अतिक्रमण के मुद्दे पर भी उन्होंने लोगों से सवाल-जवाब किए। सभा में मौजूद लोगों ने उनके सवालों पर भाजपा के समर्थन में नारे लगाए। राजनीतिक दृष्टि से शाह का यह अंदाज जनता की प्रतिक्रिया परखने और पार्टी के प्रमुख मुद्दों के प्रति समर्थन प्रदर्शित करने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।

40-45 नहीं, अब 65 सीटों का लक्ष्य

अमित शाह के दौरे का सबसे बड़ा राजनीतिक संदेश मिशन-65 रहा। उन्होंने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को आगामी विधानसभा चुनाव में 65 सीटें जीतने का लक्ष्य दिया। वर्ष 2017 और उसके बाद के विधानसभा चुनावों में भाजपा की जीत का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इस बार पार्टी को 40-45 सीटों के लक्ष्य तक सीमित नहीं रहना है। भाजपा को 65 सीटों के साथ सरकार बनाने के संकल्प के साथ आगे बढ़ना होगा।

इस घोषणा के जरिए शाह ने प्रदेश संगठन को चुनावी तैयारी तेज करने का स्पष्ट संदेश दिया। साथ ही यह भी संकेत दिया कि केंद्रीय नेतृत्व उत्तराखंड में अगला चुनाव केवल सत्ता बचाने के लक्ष्य से नहीं, बल्कि बड़े बहुमत के दावे के साथ लड़ना चाहता है।

मदन कौशिक बोले, चुनावी शंखनाद हुआ

कार्यक्रम के बाद कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक ने अमित शाह के दौरे को पार्टी और कार्यकर्ताओं के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री के आगमन से कार्यकर्ताओं में उत्साह का संचार हुआ है। उनके भाषण का एक-एक शब्द आगामी विधानसभा चुनाव का शंखनाद था। कौशिक के अनुसार, कार्यक्रम के साथ ही भाजपा ने चुनावी तैयारी का बिगुल बजा दिया है और संगठन लक्ष्य हासिल करने के लिए पूरी ताकत से काम करेगा।

अमित शाह के संबोधन को केवल धार्मिक और राजनीतिक मुद्दों तक सीमित बताए जाने की चर्चाओं पर कौशिक ने कहा कि गृह मंत्री ने पार्टी की नीतियों, उत्तराखंड के विकास, देश की तरक्की और सीमाओं की सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी बात की। उनके मुताबिक, भाषण से कार्यकर्ताओं को नई ऊर्जा मिली है।

भाजपा के एजेंडे के बाद कांग्रेस की चुनौती

अमित शाह का देहरादून दौरा उत्तराखंड भाजपा के लिए महज एक आयोजन नहीं, बल्कि आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों का बड़ा राजनीतिक संकेत बनकर सामने आया है। धामी सरकार के यूसीसी, नकल विरोधी कानून और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को उपलब्धियों के रूप में पेश करने के साथ भाजपा ने धार्मिक-सांस्कृतिक मुद्दों को भी अपने चुनावी विमर्श में जगह दी है।

मिशन-65 के ऐलान ने प्रदेश संगठन के सामने बड़ी चुनौती रख दी है। अब निगाहें कांग्रेस पर होंगी कि वह भाजपा के इस चुनावी एजेंडे और बड़े लक्ष्य का मुकाबला किस रणनीति से करती है।

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