कर्मचारियों का डीए 63% किया, 9.99 लाख पेंशनधारियों के खातों में 148.18 करोड़ रुपये भेजे
हमारी पंचायत, देहरादून
दिवाली से पहले उत्तराखंड की पुष्कर सिंह धामी सरकार ने कर्मचारियों और पेंशनधारियों को बड़ी राहत दी है। मुख्यमंत्री ने राज्य कर्मचारियों का महंगाई भत्ता (डीए) 3 प्रतिशत बढ़ाकर 63 प्रतिशत करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। वहीं, समाज कल्याण विभाग की विभिन्न पेंशन योजनाओं के तहत 9,99,484 लाभार्थियों के बैंक खातों में 148.18 करोड़ रुपये की धनराशि हस्तांतरित की गई है। सरकार के इन दोनों फैसलों से प्रदेश के लाखों परिवारों को आर्थिक राहत मिलेगी।
कर्मचारियों का डीए 60 से बढ़कर 63 प्रतिशत
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में 3 प्रतिशत वृद्धि के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की है। इसके साथ ही कर्मचारियों का डीए 60 प्रतिशत से बढ़कर 63 प्रतिशत हो गया है। बढ़ी हुई दर 1 जुलाई 2026 से प्रभावी होगी।
केंद्र सरकार ने सातवें केंद्रीय वेतन आयोग के तहत वेतन प्राप्त कर रहे कर्मचारियों का महंगाई भत्ता भी 3 प्रतिशत बढ़ाकर 63 प्रतिशत किया है। इसी क्रम में उत्तराखंड सरकार ने भी अपने कर्मचारियों को केंद्र के समान महंगाई भत्ता देने का निर्णय लिया है।
इसका लाभ राज्य सरकार के कार्मिकों के अलावा स्थानीय निकायों, सहायता प्राप्त शिक्षण संस्थानों, राजकीय विश्वविद्यालयों, प्राविधिक शिक्षण संस्थानों और यूजीसी वेतनमान के तहत कार्यरत पात्र कर्मचारियों को भी मिलेगा।
मुख्यमंत्री की स्वीकृति के अनुसार, 1 जुलाई से 31 अक्टूबर 2026 तक की अवधि के बढ़े हुए महंगाई भत्ते का अंतर एरियर के रूप में नकद दिया जाएगा।
गौरतलब है कि राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के प्रदेश अध्यक्ष अरुण पांडेय ने 4 नवंबर को मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव आरके सुधांशु से मुलाकात कर कर्मचारियों का डीए 63 प्रतिशत करने की मांग उठाई थी। उन्होंने केंद्र सरकार के फैसले के अनुरूप राज्य कर्मचारियों को भी बढ़ा हुआ महंगाई भत्ता देने का अनुरोध किया था।
9.99 लाख पेंशनधारियों को 148.18 करोड़
दूसरी ओर, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को कैंप कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान समाज कल्याण विभाग की विभिन्न पेंशन योजनाओं के अक्टूबर 2026 के भुगतान की धनराशि डीबीटी के माध्यम से लाभार्थियों के खातों में हस्तांतरित की। इस दौरान कुल 9,99,484 लाभार्थियों के खातों में 148 करोड़ 18 लाख 84 हजार 500 रुपये भेजे गए।
पेंशन योजनाओं के तहत वृद्धावस्था पेंशन के 6,24,616 लाभार्थियों को 93.69 करोड़ रुपये, विधवा पेंशन के 2,39,527 लाभार्थियों को 35.93 करोड़ रुपये और दिव्यांग पेंशन के 89,971 लाभार्थियों को 13.50 करोड़ रुपये दिए गए।
इसके अलावा किसान पेंशन के 27,092, परित्यक्ता पेंशन के 8,442, भरण-पोषण अनुदान के 7,461, तीलू रौतेली पेंशन के 2,248 और बौना पेंशन के 127 लाभार्थियों को भी धनराशि हस्तांतरित की गई।
अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाने पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार वृद्धजनों, विधवा महिलाओं, दिव्यांगजनों और समाज के कमजोर एवं वंचित वर्गों के सामाजिक-आर्थिक सशक्तीकरण के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार का प्रयास है कि प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पारदर्शी तरीके से और समय पर पहुंचे।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में केंद्र और राज्य सरकार समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए काम कर रही हैं। डीबीटी के माध्यम से सीधे बैंक खातों में धनराशि पहुंचने से पारदर्शिता बढ़ी है और भुगतान में देरी की आशंका कम हुई है।
मुख्यमंत्री के अनुसार, सरकार का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि जरूरतमंदों को सामाजिक सुरक्षा और सम्मान के साथ जीवन जीने का अवसर उपलब्ध कराना भी है।

