हिमाचल में चुनावी बिगुल तैयार, पक्षपात पर होगी सख्त कार्रवाई

हिमाचल में चुनावी बिगुल तैयार, पक्षपात पर होगी सख्त कार्रवाई

अगले हफ्ते जारी हो सकता है शेड्यूल, पंचायत चुनाव तीन चरणों में और निकाय चुनाव एक साथ

हमारी पंचायत, शिमला

हिमाचल प्रदेश में पंचायत और शहरी निकाय चुनाव को लेकर सरगर्मियां तेज हो गई हैं। राज्य निर्वाचन आयोग ने तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है और संकेत दिए हैं कि 20 अप्रैल या इसके बाद कभी भी चुनाव कार्यक्रम घोषित किया जा सकता है। पंचायत चुनाव तीन चरणों में कराए जाएंगे, जबकि शहरी निकायों के चुनाव एक ही चरण में संपन्न होंगे।

राज्य निर्वाचन आयुक्त अनिल खाची ने सभी जिलों के उपायुक्तों और पुलिस अधीक्षकों के साथ वर्चुअल बैठक कर चुनाव तैयारियों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि चुनाव प्रक्रिया में किसी भी प्रकार का पक्षपात बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि किसी अधिकारी पर किसी दल विशेष का समर्थन करने की शिकायत मिलती है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

करीब डेढ़ घंटे चली इस बैठक में बैलेट पेपर की छपाई, मतदाता सूचियों का अद्यतन, मतपेटियों की उपलब्धता, कर्मचारियों की तैनाती और सुरक्षा व्यवस्था जैसे अहम बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा की गई। जिला अधिकारियों ने आयोग को भरोसा दिलाया कि चुनाव से जुड़ी अधिकांश तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और बाकी काम भी जल्द पूरा कर लिया जाएगा।

मतदाता सूचियों के अंतिम प्रकाशन की प्रक्रिया जारी है और त्रुटियों को दूर करने के लिए विशेष ध्यान दिया जा रहा है। आयोग के अनुसार, अब नए मतदाता नहीं बनाए जाएंगे, बल्कि 20 अप्रैल तक दावों और आपत्तियों का निस्तारण किया जाएगा। इसके बाद 24 अप्रैल को अंतिम मतदाता सूची जारी होगी। अनुमान है कि इस बार करीब 20 हजार नए मतदाता जुड़ेंगे, जिससे कुल मतदाताओं की संख्या लगभग 55.39 लाख तक पहुंच सकती है।

सुरक्षा के लिहाज से भी व्यापक इंतजाम किए जा रहे हैं। पुलिस विभाग ने संवेदनशील और अतिसंवेदनशील मतदान केंद्रों की पहचान कर वहां अतिरिक्त बल तैनात करने की योजना बनाई है। साथ ही, चुनाव से जुड़ी शिकायतों के लिए विशेष कक्ष भी स्थापित किए जाएंगे, ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।

आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि आचार संहिता लागू होने के बाद किसी भी प्रकार की लापरवाही या नियमों के उल्लंघन को सख्ती से लिया जाएगा। वहीं, 80 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्ग मतदाताओं को मतदान में सुविधा देने के लिए विशेष प्रबंध किए जाएंगे, ताकि वे अपने परिजनों के साथ मतदान केंद्र तक पहुंच सकें।

इस बार पंचायतीराज संस्थाओं के साथ ही चार नगर निगम—मंडी, सोलन, धर्मशाला और पालमपुर सहित कुल 53 शहरी निकायों में भी चुनाव कराए जाएंगे। निकाय चुनाव इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) से होंगे, जबकि पंचायत चुनाव पारंपरिक प्रक्रिया के तहत संपन्न होंगे।

चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही प्रदेश में राजनीतिक गतिविधियां और तेज होने की संभावना है, और ग्रामीण से लेकर शहरी क्षेत्रों तक चुनावी माहौल पूरी तरह गर्माने के आसार हैं।

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