रीप परियोजना के सहयोग से कल्पना बिष्ट ने खड़ा किया 40 लाख सालाना कारोबार, 9 महिलाओं को मिला रोजगार
हमारी पंचायत, देहरादून
देहरादून जनपद के विकासनगर ब्लॉक के ग्राम सोरना डोभरी की रहने वाली कल्पना बिष्ट आज ग्रामीण महिला उद्यमिता की एक मजबूत मिसाल बन चुकी हैं। राज्य सरकार की योजनाओं और ग्रामोत्थान (रीप) परियोजना के सहयोग से शुरू हुई उनकी “स्वाभिमान महिला बेकरी यूनिट” अब स्थानीय महिलाओं के आत्मनिर्भर बनने का बड़ा माध्यम बन गई है। पारंपरिक मिलेट्स और पहाड़ी स्वाद को आधुनिक पैकेजिंग के साथ बाजार तक पहुंचाकर इस यूनिट ने अपनी अलग पहचान बनाई है।

कल्पना बिष्ट लंबे समय से स्वाभिमान महिला क्लस्टर लेवल फेडरेशन से जुड़ी रही हैं। वर्ष 2024-25 में उन्होंने करीब 10 लाख रुपये की लागत से बेकरी यूनिट स्थापित की। इसमें रीप परियोजना से 6 लाख रुपये की सहायता, 3 लाख रुपये का बैंक ऋण और स्वयं का अंशदान शामिल रहा। आज यह यूनिट सालाना लगभग 40 लाख रुपये का कारोबार कर रही है और 9 महिलाओं को रोजगार देकर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बना रही है।
पहाड़ी स्वाद को मिला नया बाजार
स्वाभिमान बेकरी में मांडवे के बिस्कुट, गुड़-मक्खन कुकीज, मिल्क रस, हनी ओट्स बिस्कुट और झंगोरे से बने कई उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं। स्थानीय अनाज और मिलेट्स से बने इन उत्पादों की मांग लगातार बढ़ रही है। यूनिट के कई उत्पाद “हाउस ऑफ हिमालय” तक भी पहुंच चुके हैं। इसके अलावा कल्पना बिष्ट पहाड़ी दालों और कच्ची घानी सरसों तेल का कारोबार भी कर रही हैं, जिससे स्थानीय उत्पादों को नया बाजार मिल रहा है।

राष्ट्रीय खेलों में भी दिखा दम
38वें राष्ट्रीय खेलों के दौरान स्वाभिमान बेकरी ने खिलाड़ियों और आगंतुकों को मिलेट्स आधारित उत्पाद उपलब्ध कराए। इस दौरान यूनिट ने करीब 27 क्विंटल उत्पादों की बिक्री कर लगभग 10 लाख रुपये की आय अर्जित की। हाल ही में आयोजित वसंत उत्सव में भी यूनिट के स्टॉल को लोगों का अच्छा प्रतिसाद मिला।
देहरादून से टिहरी-उत्तरकाशी तक पहुंच
शुरुआत में बेकरी का कारोबार केवल विकासनगर और देहरादून क्षेत्र तक सीमित था, लेकिन अब इसके उत्पाद टिहरी और उत्तरकाशी तक पहुंच रहे हैं। हर सप्ताह इन क्षेत्रों से मांडवे के बिस्कुट और मिल्क रस की मांग बढ़ रही है। उत्पादों की सप्लाई को आसान बनाने के लिए महिला समूह ने शून्य प्रतिशत ब्याज पर एक इको वैन भी खरीदी है।
पैकेजिंग ने बढ़ाई पहचान
फैशन डिजाइनिंग का अनुभव रखने वाली कल्पना बिष्ट खुद अपने उत्पादों की पैकेजिंग डिजाइन करती हैं। आकर्षक और प्रीमियम पैकिंग ने ग्राहकों के बीच उत्पादों की अलग पहचान बनाई है।
मुख्यमंत्री ने भी किया सम्मानित
कल्पना बिष्ट ने बताया कि वर्ष 2021 में महिला समूह के उत्कृष्ट कार्यों को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने समूह को 5 लाख रुपये की सहायता राशि दी थी। इस राशि का उपयोग मार्केटिंग और पैकेजिंग को मजबूत करने में किया गया।

जिला परियोजना प्रबंधक सोनम गुप्ता के अनुसार स्वाभिमान महिला बेकरी यूनिट अब दूसरे महिला समूहों के लिए रोल मॉडल बन चुकी है। इसकी सफलता को देखते हुए अन्य विकासखंडों में भी इसी तरह की यूनिट स्थापित करने की तैयारी की जा रही है। ग्रामीण महिलाओं को रोजगार और आत्मनिर्भरता से जोड़ने में यह मॉडल अहम भूमिका निभा रहा है।
