बदरीनाथ से देहरादून और अल्मोड़ा तक मोर्चेबंदी, गोदियाल, प्रीतम सिंह और यशपाल आर्य ने भाजपा सरकार को घेरा
हमारी पंचायत, देहरादून
उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने भाजपा सरकार के खिलाफ राजनीतिक अभियान तेज कर दिया है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर ‘उत्तराखंड न्याय यात्रा’ की शुरुआत बदरीनाथ धाम, देहरादून के टपकेश्वर महादेव मंदिर और अल्मोड़ा के गोल्ज्यू देवता चितई मंदिर से की गई। तीनों स्थानों पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने मोर्चा संभालते हुए प्रदेश सरकार पर भ्रष्टाचार, बेरोजगारी, महंगाई, महिला अपराध और जनसमस्याओं की अनदेखी के आरोप लगाए।
कांग्रेस इस यात्रा के माध्यम से प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में पहुंचकर जनता की समस्याएं उठाने और भाजपा सरकार को विभिन्न मुद्दों पर घेरने की तैयारी में है। पार्टी का कहना है कि अभियान के जरिए जनता के अधिकारों, न्याय और उत्तराखंड की अस्मिता से जुड़े सवालों को प्रमुखता से उठाया जाएगा।
बदरीनाथ से गणेश गोदियाल ने किया नेतृत्व
बदरीनाथ धाम में भगवान बदरी विशाल की पूजा-अर्चना के बाद कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में न्याय यात्रा का शुभारंभ हुआ। इस दौरान बदरीनाथ विधायक लखपत बुटोला, प्रतापनगर विधायक विक्रम सिंह, प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष ज्योति रौतेला समेत पार्टी के अन्य नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
गणेश गोदियाल ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि प्रदेश में भ्रष्टाचार, दुराचार और अन्याय के मामले गंभीर चिंता का विषय हैं। उन्होंने कहा कि बदरीनाथ धाम से उठी न्याय की आवाज को गढ़वाल, कुमाऊं और तराई तक पहुंचाया जाएगा।
गोदियाल ने कहा कि कांग्रेस जनता के अधिकारों और उत्तराखंड की अस्मिता से जुड़े सवालों को लेकर संघर्ष करेगी। पार्टी का लक्ष्य लोगों की समस्याओं को सामने लाकर सरकार को जवाबदेह बनाना है।
देहरादून में प्रीतम सिंह ने संभाली कमान
देहरादून में टपकेश्वर महादेव मंदिर में पूजा-अर्चना के साथ न्याय यात्रा की शुरुआत हुई। यहां कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और वर्तमान चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने नेतृत्व किया। कांग्रेस भवन से शुरू हुए इस अभियान के तहत राजपुर रोड और मसूरी विधानसभा क्षेत्रों में भी जनसंपर्क कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
कांग्रेस नेताओं के मुताबिक, यात्रा के दौरान लोगों से संवाद कर उनकी समस्याएं, अपेक्षाएं और स्थानीय मुद्दे सुने जाएंगे। पार्टी ने कानून-व्यवस्था, भ्रष्टाचार, बेरोजगारी, भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और अधूरे विकास कार्यों को सरकार के खिलाफ अपने अभियान के प्रमुख मुद्दों में शामिल किया है।
कांग्रेस का प्रयास है कि इन मुद्दों को केवल राजनीतिक आरोपों तक सीमित न रखकर जनता के बीच चर्चा का विषय बनाया जाए। इसके लिए प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में वरिष्ठ नेताओं के नेतृत्व में अभियान चलाने की योजना है।
अल्मोड़ा में यशपाल आर्य ने सरकार को घेरा
कुमाऊं क्षेत्र में न्याय यात्रा की शुरुआत अल्मोड़ा के गोल्ज्यू देवता चितई मंदिर से हुई। यहां नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य के नेतृत्व में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पूजा-अर्चना कर प्रदेश की समस्याओं को लेकर न्याय की गुहार लगाई। इस दौरान भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की गई।
यशपाल आर्य ने प्रदेश सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार जनता की अपेक्षाओं पर खरी नहीं उतर रही है। उन्होंने महंगाई, महिला अपराध और जल, जंगल तथा जमीन से जुड़े मुद्दों को उठाते हुए सरकार की नीतियों पर सवाल खड़े किए।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि न्याय यात्रा के माध्यम से आम जनता की समस्याओं को सामने लाया जाएगा और सरकार से जवाब मांगा जाएगा। पार्टी का आरोप है कि प्रदेश में आम लोग महंगाई और अन्य समस्याओं से जूझ रहे हैं, जबकि सरकार इन मुद्दों पर अपेक्षित समाधान देने में विफल रही है।
चुनाव से पहले कांग्रेस की रणनीति
तीन अलग-अलग स्थानों से न्याय यात्रा की शुरुआत को कांग्रेस की प्रदेशव्यापी राजनीतिक लामबंदी के प्रयास के तौर पर देखा जा रहा है। पार्टी भ्रष्टाचार, रोजगार, महिला सुरक्षा, महंगाई और विकास कार्यों जैसे मुद्दों के जरिए सरकार को घेरना चाहती है।
हालांकि, इस अभियान का राजनीतिक असर इस बात पर निर्भर करेगा कि कांग्रेस जनता के सवालों को कितनी प्रभावी ढंग से उठाती है और उन्हें ठोस समाधान के विकल्पों से कैसे जोड़ती है। वहीं, भाजपा के सामने विपक्ष के आरोपों का जवाब देने और अपने कामकाज को जनता के सामने रखने की चुनौती रहेगी। आने वाले दिनों में न्याय यात्रा के विस्तार और जनता के बीच उसकी पहुंच पर राजनीतिक दलों की नजर रहेगी।

