लालढांग रेंज के गोदाम से दांत गायब होने के मामले में जांच पूरी, रेंजर से वन आरक्षी तक की लापरवाही उजागर; तीन अन्य पर कार्रवाई की तैयारी
हमारी पंचायत, देहरादून
लैंसडाउन वन प्रभाग के लालढांग रेंज स्थित सरकारी गोदाम से हाथी के दांत गायब होने के मामले में विभागीय जांच पूरी हो गई है। हरिद्वार के डीएफओ की अध्यक्षता में गठित जांच कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में चार वन अधिकारियों और कर्मचारियों की लापरवाही उजागर की है। इनमें रेंजर, प्रभारी रेंजर, वन दारोगा और वन आरक्षी शामिल हैं। कमेटी ने संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की संस्तुति की है।
मामले में वन दारोगा को पहले ही निलंबित किया जा चुका है, जबकि शेष तीन कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई पर विभागीय स्तर पर विचार किया जा रहा है। जांच रिपोर्ट गढ़वाल के चीफ कंजरवेटर को सौंप दी गई है। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
दरअसल, लालढांग रेंज के सरकारी गोदाम में सुरक्षित रखे गए हाथी के दांत गायब होने का मामला सामने आने के बाद वन विभाग में हड़कंप मच गया था। विभागीय अभिरक्षा में रखे वन्यजीव अंगों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठे थे। इसके बाद विभाग ने जांच कमेटी गठित की थी। साथ ही मामले में पुलिस में मुकदमा भी दर्ज कराया गया, ताकि दांत गायब होने की घटना के आपराधिक पहलू की भी जांच हो सके।
यह मामला उस समय सामने आया, जब वन मुख्यालय ने प्रदेशभर में वन्यजीवों के अंगों के रिकॉर्ड और उनकी भौतिक मौजूदगी का सत्यापन करने के निर्देश दिए थे। इसी क्रम में लालढांग रेंज के गोदाम में हाथी दांतों का मिलान किया गया तो रिकॉर्ड में दर्ज संख्या के मुकाबले कई दांत गायब मिले। निरीक्षण और जांच के बावजूद अब तक गायब हाथी दांतों का कोई सुराग नहीं मिल पाया है।
जांच कमेटी ने भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की सिफारिश भी की है। इसके तहत गोदामों में सीसीटीवी कैमरे लगाने और चौकीदार की नियमित तैनाती जैसे उपाय सुझाए गए हैं।
कंजरवेटर ऑफ फॉरेस्ट शिवालिक राजीव धीमान के अनुसार, जांच पूरी कर रिपोर्ट गढ़वाल चीफ को सौंप दी गई है। फिलहाल विभागीय प्रक्रिया जारी है और रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

