प्रवासी सम्मेलन की तैयारियों की सीएम ने की समीक्षा

प्रवासी सम्मेलन की तैयारियों की सीएम ने की समीक्षा

13 नवंबर को दून विश्वविद्यालय में होगा तृतीय प्रवासी उत्तराखण्डी सम्मेलन, निवेश, पर्यटन, शिक्षा और स्वास्थ्य में प्रवासियों की भागीदारी पर होगा मंथन

हमारी पंचायत, देहरादून

उत्तराखण्ड के प्रवासियों को प्रदेश के विकास से जोड़ने के उद्देश्य से 13 नवंबर को दून विश्वविद्यालय में आयोजित होने वाले तृतीय प्रवासी उत्तराखण्डी सम्मेलन की तैयारियां तेज हो गई हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को मुख्यमंत्री आवास में अधिकारियों के साथ बैठक कर आयोजन की तैयारियों की समीक्षा की और सम्मेलन को भव्य, सुव्यवस्थित एवं परिणामोन्मुखी बनाने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश-दुनिया के विभिन्न क्षेत्रों में रह रहे प्रवासी उत्तराखण्डी अपनी प्रतिभा, परिश्रम और उपलब्धियों से प्रदेश का गौरव बढ़ा रहे हैं। उनके अनुभव, विशेषज्ञता और सुझाव राज्य के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। सम्मेलन के माध्यम से प्रवासियों को अपनी जड़ों से जोड़ने के साथ प्रदेश के विकास में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाना चाहिए।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सम्मेलन में प्रवासी उत्तराखण्डियों के साथ सार्थक संवाद की व्यवस्था की जाए और उनके सुझावों को गंभीरता से लिया जाए। राज्य में निवेश, स्वरोजगार, पर्यटन, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य क्षेत्रों में प्रवासियों के योगदान की संभावनाओं पर विशेष ध्यान देने को कहा।

सीएम ने कहा कि सम्मेलन में उत्तराखण्ड की समृद्ध लोकसंस्कृति, परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत की प्रभावी झलक दिखाई देनी चाहिए। उन्होंने आयोजन स्थल पर स्वच्छता, सौंदर्यीकरण, सुरक्षा और यातायात सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समयबद्ध तरीके से पूरी करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने और प्रत्येक व्यवस्था के लिए अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने को कहा। उन्होंने तैयारियों की नियमित समीक्षा करने के भी निर्देश दिए।

बैठक में अधिकारियों ने जानकारी दी कि सम्मेलन का आयोजन 13 नवंबर को दून विश्वविद्यालय स्थित डॉ. नित्यानन्द ऑडिटोरियम में किया जाएगा। इसमें विभिन्न सत्रों के माध्यम से प्रवासी उत्तराखण्डियों की भूमिका और उपलब्धियों पर चर्चा होगी। विकसित उत्तराखण्ड में प्रवासियों की भूमिका विषय पर विशेष सत्र आयोजित किया जाएगा। इसके अलावा हौसलों की उड़ान : उत्तराखण्ड के युवा संघर्ष से सफलता के शिखर तक विषय पर भी संवाद होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सम्मेलन का उद्देश्य केवल प्रवासी उत्तराखण्डियों को एक मंच पर एकत्रित करना नहीं है, बल्कि प्रदेश के विकास के साथ उनका स्थायी और भावनात्मक जुड़ाव मजबूत करना भी है। इसके लिए आयोजन को सार्थक बनाने और प्रवासियों के सुझावों को विकास योजनाओं से जोड़ने की दिशा में प्रभावी प्रयास किए जाएं।

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