ऋषिकेश में एमडीडीए की बड़ी कार्रवाई: अवैध निर्माण सील

ऋषिकेश में एमडीडीए की बड़ी कार्रवाई: अवैध निर्माण सील

बिना नक्शा पास बन रही बहुमंजिला इमारतों पर गिरी गाज, एक साथ पांच जगह चला अभियान

हमारी पंचायत, देहरादून

मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने ऋषिकेश में अवैध निर्माण और अनधिकृत प्लॉटिंग के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाइयों में से एक को अंजाम दिया। गंगा नगर से लेकर आमबाग क्षेत्र तक एक साथ पांच स्थानों पर सीलिंग और ध्वस्तीकरण अभियान चलाया गया, जिसमें बिना स्वीकृति बनाए जा रहे बहुमंजिला भवनों को सील कर दिया गया, जबकि कई बीघा भूमि पर विकसित की जा रही अवैध प्लॉटिंग को जेसीबी से ध्वस्त कर दिया गया।

एमडीडीए की प्रवर्तन टीम ने उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी के निर्देश पर सबसे पहले गंगा नगर स्थित परशुराम चौक के पास बिना मानचित्र स्वीकृति के बन रहे एक बहुमंजिला भवन को सील किया। निर्माण कार्य को तत्काल रोक दिया गया।

इसके बाद टीम आमबाग क्षेत्र पहुंची, जहां लगभग पांच बीघा भूमि पर की जा रही अवैध प्लॉटिंग को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया। मौके पर बनाई गई सड़कें, भूखंडों के सीमांकन और अन्य अवैध विकास कार्यों को जेसीबी से हटाया गया।

अभियान के दौरान आमबाग क्षेत्र के गायत्री विला और गली नंबर-2 में बिना अनुमति बनाए जा रहे दो अन्य बहुमंजिला भवनों को भी सील किया गया। अधिकारियों के अनुसार सभी निर्माण और प्लॉटिंग कार्य बिना मानचित्र स्वीकृति के किए जा रहे थे।

एमडीडीए अधिकारियों ने कहा कि ऋषिकेश क्षेत्र में लगातार अवैध कॉलोनियों और निर्माण की शिकायतें मिल रही थीं, जिनकी जांच में पुष्टि होने के बाद यह कार्रवाई की गई। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया कि अनधिकृत प्लॉटिंग भविष्य में शहरी सुविधाओं पर दबाव बढ़ाती है, इसलिए ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी।

एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में सुनियोजित शहरी विकास सरकार की प्राथमिकता है और अवैध निर्माण के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत कार्रवाई जारी रहेगी।

वहीं एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने नागरिकों से अपील की कि भवन निर्माण या प्लॉटिंग से पहले सभी आवश्यक स्वीकृतियां अनिवार्य रूप से लें, अन्यथा सीलिंग और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई तय है।

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