15 से 25 प्रतिशत कटौती का आरोप, जेई तबादले पर माने
हमारी पंचायत, चंपावत
लोहाघाट से कांग्रेस विधायक खुशाल सिंह अधिकारी ने पंचायत प्रतिनिधियों के उत्पीड़न और विकास कार्यों में अनियमितता के आरोप लगाते हुए बृहस्पतिवार को मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) कार्यालय में धरना दिया। करीब ढाई घंटे तक चले धरने के दौरान विधायक की पीडी और एपीडी अधिकारियों से तीखी बहस भी हुई। विधायक ने पंचायत कार्यों के भुगतान में कमीशन लिए जाने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की।
विधायक जनप्रतिनिधियों के साथ सीडीओ कार्यालय पहुंचे और कार्रवाई की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री के आदर्श जिले में विकास कार्यों में भ्रष्टाचार और कमीशन का खेल चल रहा है। विधायक के अनुसार ग्राम प्रधानों और उनके वित्त से होने वाले कार्यों के भुगतान में 15 से 25 प्रतिशत तक की कटौती की जा रही है।
विधायक ने कहा कि विकास कार्यों में भ्रष्टाचार से संबंधित शिकायतें पहले भी जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) के समक्ष रखी गई थीं। उस समय कार्रवाई का आश्वासन दिया गया था, लेकिन दो माह से अधिक समय बीतने के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने डीपीआरओ पर भी मामले में शामिल होने का आरोप लगाया। विधायक ने कहा कि जब भ्रष्टाचार चरम पर होगा तो विकास कार्य धरातल पर कैसे दिखाई देंगे।
फार्म मशीनरी बैंक पर भी सवाल
विधायक ने पाटी ब्लॉक में फार्म मशीनरी बैंक के मामले में भी अनियमितता के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि शिकायत के बावजूद मामले में कार्रवाई नहीं हुई। विधायक का आरोप था कि विभाग की ओर से उपलब्ध कराई गई मशीनें बेच दी गई हैं। उन्होंने कहा कि इस संबंध में कई बार मौखिक और लिखित रूप से अधिकारियों को अवगत कराया गया, लेकिन स्थिति में सुधार नहीं हुआ।
जेई के तबादले की मांग पर अड़े
विधायक ने पाटी ब्लॉक में तैनात उपनल संविदा के जेई के स्थानांतरण की मांग भी उठाई। उन्होंने कहा कि इससे पहले भी कार्रवाई का आश्वासन दिया गया था, लेकिन उस पर अमल नहीं हुआ। कार्रवाई नहीं होने पर विधायक ने धरने पर डटे रहने की चेतावनी दी।
विधायक के दबाव के बाद डीपीआरओ महेश कुमार ने करीब 10 मिनट में कार्रवाई संबंधी पत्र लाने की बात कही और कार्यालय से चले गए। काफी देर बाद भी उनके वापस नहीं लौटने पर विधायक नाराज हो गए और उन्हें तलाशने निकल पड़े। डीएम कार्यालय के बाहर डीपीआरओ के मिलने पर विधायक ने तत्काल कार्रवाई करने को कहा। इसके बाद डीपीआरओ उनके साथ सीडीओ कार्यालय पहुंचे।
जेई के स्थानांतरण का आदेश जारी होने के बाद विधायक को इसकी प्रति दी गई। आदेश मिलने के बाद उन्होंने धरना समाप्त कर दिया। इस दौरान सीडीओ कार्यालय परिसर में करीब ढाई घंटे तक गहमागहमी बनी रही।
कमेटी गठित कर होगी जांच
सीडीओ डॉ. जीएस खाती ने कहा कि लोहाघाट विधायक की ओर से लगाए गए आरोप गंभीर हैं। उन्होंने कहा कि विधायक की ओर से लगाए गए सभी आरोपों की गहनता से जांच कराई जाएगी। दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। जल्द ही कमेटी गठित कर टीम को जांच के लिए भेजा जाएगा।
ये भी रहे मौजूद
धरने में यूथ कांग्रेस जिलाध्यक्ष सक्षम अधिकारी, ग्राम प्रधान संगठन के अध्यक्ष प्रकाश मेहरा, ग्राम प्रधान संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष अमर कोटियाल, एनएसयूआई जिलाध्यक्ष अजय बिष्ट, ललित वर्मा, पुष्कर सामंत, भुवन बोरा, विमलेश थापा, अजय गोरखा, भैरव राम समेत कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
