हमारी पंचायत, हमीरपुर
पंचायत समिति हमीरपुर के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक मुकाबला रोचक हो गया है। 17 वार्ड वाली पंचायत समिति में अध्यक्ष पद अनारक्षित है और दोनों दल महत्वपूर्ण पदों पर कब्जे का दावा कर रहे हैं।
हमीरपुर जिले की छह पंचायत समितियों में भोरंज और सुजानपुर में अध्यक्ष-उपाध्यक्ष के चुनाव हो चुके हैं। भोरंज पंचायत समिति में कांग्रेस समर्थित उम्मीदवारों ने दोनों पदों पर जीत दर्ज की है, जबकि सुजानपुर में भाजपा समर्थित उम्मीदवार दोनों पदों पर विजयी रहे।
नादौन, बमसन और बिझड़ी पंचायत समितियों के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष चुनाव की तिथियां अभी तय नहीं हुई हैं। ऐसे में राजनीतिक दलों की निगाहें हमीरपुर पंचायत समिति पर टिकी हैं। भाजपा और कांग्रेस दोनों अपने पक्ष में सदस्यों की संख्या पर्याप्त होने का दावा कर रहे हैं, लेकिन वास्तविक स्थिति मतदान के बाद ही स्पष्ट होगी।
भोरंज में कांग्रेस और सुजानपुर में भाजपा की जीत के बाद जिला स्तर पर दोनों दलों का सियासी स्कोर बराबरी पर है। ऐसे में हमीरपुर पंचायत समिति का परिणाम दोनों दलों के लिए राजनीतिक प्रतिष्ठा से जुड़ गया है। भाजपा यहां जीत दर्ज कर बढ़त बनाने की कोशिश में है, जबकि कांग्रेस सुजानपुर में मिली हार के बाद अपना पलड़ा मजबूत करना चाहती है।
हमीरपुर पंचायत समिति का परिणाम जिले की अन्य पंचायत समितियों के राजनीतिक समीकरणों के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसके बाद नादौन, बमसन और बिझड़ी पंचायत समितियों में होने वाले चुनावों पर भी राजनीतिक दलों की नजर रहेगी।
पंचायत समितियों के चुनाव स्थानीय स्तर पर राजनीतिक ताकत और संगठन की पकड़ का संकेत देते हैं। ऐसे में हमीरपुर पंचायत समिति में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद का फैसला जिले की ग्रामीण राजनीति में भाजपा और कांग्रेस के बीच आगे के समीकरणों की दिशा भी तय कर सकता है।
