ग्राम सभा ने सर्वसम्मति से ठोस अपशिष्ट प्रबंधन एवं स्वच्छता उपविधियां-2026 को दी मंजूरी
हमारी पंचायत, उत्तरकाशी/भटवाड़ी
पर्यटन और पर्यावरण की दृष्टि से महत्वपूर्ण झाला गांव ने स्वच्छता एवं प्रकृति संरक्षण की दिशा में एक अहम कदम बढ़ाया है। ग्राम पंचायत झाला की ग्राम सभा की बैठक में “ग्राम पंचायत झाला ठोस अपशिष्ट प्रबंधन एवं स्वच्छता उपविधियां-2026” को सर्वसम्मति से अनुमोदित एवं पारित किया गया। इसके साथ ही ग्राम पंचायत क्षेत्र में सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया गया है।
ग्राम प्रधान की अध्यक्षता में हुई बैठक में गांव में बढ़ते ठोस अपशिष्ट के उचित संग्रहण, पृथक्करण, परिवहन और निस्तारण को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। उपविधियों के अनुमोदन से इन व्यवस्थाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने का रास्ता साफ हुआ है। ग्राम पंचायत क्षेत्र में कचरा फैलाने और प्रतिबंधित प्लास्टिक के इस्तेमाल पर नियमानुसार कार्रवाई का प्रावधान किया गया है।

पर्यटन के साथ पर्यावरण संरक्षण पर जोर
झाला गांव पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण होने के कारण यहां स्थानीय निवासियों के अलावा बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। गांव में होम-स्टे, होटल, दुकानें और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान भी संचालित होते हैं। इससे ठोस कचरे की मात्रा बढ़ती है। ऐसे में नदियों, प्राकृतिक जलस्रोतों और आसपास के हिमालयी पर्यावरण को प्रदूषण से बचाने के लिए ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और स्वच्छता से जुड़े नियमों को प्रभावी बनाना जरूरी माना गया।
ग्राम पंचायत के अनुसार, नए प्रावधानों के तहत प्रत्येक घर, दुकान, होटल और होम-स्टे संचालक को अपने स्तर पर कचरे के उचित निस्तारण की जिम्मेदारी निभानी होगी। कचरे को निर्धारित व्यवस्था के अनुसार एकत्र करने और अलग-अलग करने पर भी जोर दिया जाएगा, ताकि उसके निस्तारण की प्रक्रिया व्यवस्थित हो सके।
सक्षम प्राधिकारी से अनुमोदन की प्रक्रिया
ग्राम पंचायत ने बताया कि यह उपविधियां जिला पंचायती राज अधिकारी (DPRO) कार्यालय और पंचायती राज निदेशालय के निर्देशों के क्रम में तैयार की गई हैं। इन्हें उत्तराखंड पंचायती राज अधिनियम, 2016 की सुसंगत धाराओं के तहत सक्षम प्राधिकारी के अग्रिम अनुमोदन के लिए भेजा जा रहा है। अनुमोदन के बाद नियमों को ग्राम पंचायत क्षेत्र में प्रभावी रूप से लागू किया जाएगा।
‘थैंक यू नेचर’ अभियान की विरासत
झाला गांव पर्यावरण संरक्षण के लिए पहले से ही अपनी अलग पहचान रखता है। स्वच्छ भारत मिशन से प्रेरित ‘थैंक यू नेचर अभियान’ की शुरुआत के लिए जाना जाने वाला यह गांव अब ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और प्लास्टिक प्रतिबंध के माध्यम से स्वच्छता अभियान को नया आयाम देने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
ग्राम पंचायत प्रशासन ने ग्रामीणों, स्थानीय व्यापारियों, होटल एवं होम-स्टे संचालकों के साथ पर्यटकों से भी सहयोग की अपील की है। पंचायत का उद्देश्य गांव को स्वच्छ, सुंदर और प्लास्टिक-मुक्त बनाए रखने के साथ प्राकृतिक जलस्रोतों और हिमालयी पर्यावरण का संरक्षण करना है।
