डॉ. बिसेन होंगे नए राज्यपाल

मध्य प्रदेश के पूर्व मंत्री और सांसद रहे बिसेन लेंगे गुरमीत सिंह का स्थान

हमारी पंचायत, देहरादून

उत्तराखंड को नया राज्यपाल मिल गया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने मध्य प्रदेश के वरिष्ठ भाजपा नेता और पूर्व सांसद डॉ. ढाल सिंह बिसेन को राज्य का नया राज्यपाल नियुक्त किया है। वह लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) का स्थान लेंगे। राष्ट्रपति भवन ने 12 अक्टूबर को राज्यपालों की नियुक्ति और फेरबदल की घोषणा की। डॉ. बिसेन की नियुक्ति उनके पदभार ग्रहण करने की तारीख से प्रभावी होगी।

चार बार विधायक, मंत्री और सांसद

डॉ. ढाल सिंह बिसेन का जन्म 14 मई 1952 को मध्य प्रदेश के सिवनी जिले के पिपरिया गांव में हुआ था। पेशे से चिकित्सक और कृषक रहे बिसेन ने पंचायत स्तर से अपना राजनीतिक सफर शुरू किया। बाद में वह मध्य प्रदेश की राजनीति में सक्रिय हुए और वर्ष 1990, 1993, 1998 तथा 2003 में बरघाट विधानसभा सीट से विधायक चुने गए। इस तरह उन्होंने चार बार विधानसभा में अपने क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया।

वर्ष 2003 से 2005 तक उन्होंने मध्य प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री के रूप में जिम्मेदारी निभाई। इस दौरान वन, परिवहन, खनिज संसाधन, स्कूल शिक्षा और जेल विभागों से जुड़े दायित्व उनके पास रहे। वर्ष 2012 से 2013 तक वह मध्य प्रदेश राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष भी रहे।

आयुर्वेद चिकित्सा से संसद तक

डॉ. बिसेन ने छत्तीसगढ़ के रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ आयुर्वेदिक कॉलेज से आयुर्वेद विज्ञानाचार्य तथा आधुनिक चिकित्सा एवं शल्य चिकित्सा से संबंधित शिक्षा प्राप्त की। उनके पास ट्रॉमा और बायोकेमिस्ट्री में डिप्लोमा भी है। चिकित्सा और कृषि से जुड़े पेशेवर जीवन के बाद उन्होंने राजनीति में अपनी पहचान बनाई।

वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने उन्हें बालाघाट सीट से प्रत्याशी बनाया। चुनाव जीतकर वह 17वीं लोकसभा के सदस्य बने और वर्ष 2024 तक सांसद रहे। संसद में रहते हुए वह शिक्षा, पर्यावरण, वन तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी से संबंधित संसदीय समितियों से भी जुड़े रहे। अब उनका राजनीतिक और विधायी अनुभव उत्तराखंड के राजभवन की नई जिम्मेदारी के साथ जुड़ने जा रहा है।

सैन्य पृष्ठभूमि के बाद राजनीतिक अनुभव

निवर्तमान राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) ने 15 सितंबर 2021 को उत्तराखंड के राज्यपाल का पद संभाला था। सैन्य पृष्ठभूमि से आने वाले गुरमीत सिंह के बाद अब राजनीतिक और विधायी अनुभव रखने वाले डॉ. बिसेन राजभवन की जिम्मेदारी संभालेंगे।

राज्यपाल का पद संवैधानिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। विधानसभा से पारित विधेयकों, सरकार गठन से जुड़ी परिस्थितियों और विश्वविद्यालयों से संबंधित जिम्मेदारियों में राज्यपाल की भूमिका रहती है। उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्य में उच्च शिक्षा, आपदा प्रबंधन और सीमांत क्षेत्रों से जुड़े विषय भी महत्वपूर्ण हैं। नए राज्यपाल के सामने संवैधानिक मर्यादाओं के अनुरूप अपने दायित्वों का निर्वहन करने की जिम्मेदारी होगी।

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