धामी कैबिनेट के 24 फैसले

धामी कैबिनेट के 24 फैसले

वर्ग-3 और वर्ग-4 के पट्टेदारों को भूमिधरी अधिकार, पंतनगर एयरपोर्ट के लिए 66.29 करोड़ मंजूर; 153 साल पुराना नहर कानून भी बदलेगा

हमारी पंचायत, बनबसा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में रविवार को एनएचपीसी बनबसा, चंपावत में हुई कैबिनेट बैठक में राज्यहित से जुड़े 24 प्रस्तावों पर मुहर लगी। इनमें वर्ग-3 और वर्ग-4 की भूमि के पट्टेदारों व कब्जाधारकों को भूमिधरी अधिकार देने, पंतनगर ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के विस्तार के लिए 66.29 करोड़ रुपये जारी करने और 153 साल पुराने उत्तरी भारत नहर एवं जल निकास अधिनियम, 1873 को निरस्त कर नया विधेयक लाने जैसे महत्वपूर्ण फैसले शामिल हैं।

भूमिधरी अधिकार को मंजूरी

कैबिनेट ने वर्ग-3 एवं वर्ग-4 की भूमि के पट्टेदारों और कब्जाधारकों को भूमिधरी अधिकार देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। नैनीताल के नगर पंचायत लालकुआं में संबंधित पट्टेदारों और कब्जाधारकों को संक्रमणीय भूमिधर अधिकार देने तथा देहरादून के परगना जौनसार-बावर में वर्ग-4 की भूमि के विनियमितीकरण का रास्ता भी साफ किया गया है। संबंधित भूमि का विनियमितीकरण एक वर्ष के लिए वर्ष 2004 के सर्किल रेट के आधार पर और इसके बाद प्रचलित सर्किल रेट के अनुसार किया जाएगा।

पंतनगर एयरपोर्ट के लिए 66.29 करोड़

ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट पंतनगर के विस्तारीकरण के लिए हस्तांतरित परिसंपत्तियों के संबंध में उत्तराखंड सीड्स एंड तराई डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड को 66.2916 करोड़ रुपये की अवशेष धनराशि जारी करने को मंजूरी दी गई। यह धनराशि नवनिर्माण और अन्य निर्धारित कार्यों पर खर्च होगी।

राजकोषीय घाटे की सीमा तीन प्रतिशत

कैबिनेट ने उत्तराखंड राजकोषीय उत्तरदायित्व एवं बजट प्रबंधन संशोधन विधेयक-2026 को मंजूरी दी। इसके तहत 2026-27 से 2030-31 तक वार्षिक राजकोषीय घाटे की सीमा जीएसडीपी के तीन प्रतिशत और कुल संचयी ऋण की अधिकतम सीमा 30 प्रतिशत तय की गई है। आपदा और सुरक्षा संबंधी परिस्थितियों में निर्धारित सीमा से अधिक घाटे के लिए नियमानुसार छूट का प्रावधान रहेगा।

153 साल पुराना नहर कानून बदलेगा

कैबिनेट ने वर्तमान परिस्थितियों में अप्रासंगिक हो चुके उत्तरी भारत नहर एवं जल निकास अधिनियम, 1873 को निरस्त करने और इसकी जगह राज्य की भौगोलिक परिस्थितियों के अनुरूप उत्तराखंड सिंचाई एवं जल निकासी विधेयक-2026 विधानसभा में रखने को मंजूरी दी।

युवाओं और उच्च शिक्षा पर भी फैसले

उच्च शिक्षा के विद्यार्थियों की रोजगार क्षमता और उद्यमिता बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा कौशल संवर्धन योजना-2026 को मंजूरी दी गई। इससे करीब 1.19 लाख विद्यार्थियों को लाभ मिलने का अनुमान है। योजना पर पांच वर्षों में करीब 200 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना के मानकों में भी संशोधन किया गया है। पर्वतीय क्षेत्रों में न्यूनतम 2,500 वर्गमीटर और मैदानी क्षेत्रों में न्यूनतम 20,000 वर्गमीटर निर्मित क्षेत्र की व्यवस्था की गई है।

वन, स्थानीय निकाय और प्रशासन से जुड़े फैसले

वन भूमि हस्तांतरण के तकनीकी परीक्षण और ऑनलाइन संरेखण की जांच के लिए वन संरक्षण नोडल कार्यालय में परियोजना प्रबंधन इकाई के गठन को मंजूरी दी गई। वन विभाग में विभागाध्यक्ष संबंधी व्यवस्था में बदलाव करते हुए मुख्य वन संरक्षक कुमाऊं और मुख्य वन संरक्षक गढ़वाल को विभागाध्यक्ष बनाया जाएगा।

छठवें राज्य वित्त आयोग की पंचायतीराज संस्थाओं और शहरी स्थानीय निकायों से जुड़ी रिपोर्ट आगामी विधानसभा सत्र में रखने को भी मंजूरी दी गई।

इसके अलावा संपत्ति के क्रय-विक्रय में दिए जाने वाले पैन के सत्यापन, कर्मचारियों की संपत्ति संबंधी आचरण नियमों में संशोधन, सतर्कता अधिष्ठान के पुनर्गठन, पशुपालन-डेयरी एवं मत्स्य पालन विभागों के लिए महानिदेशक का पद सृजित करने तथा वैक्टर जनित रोग नियंत्रण सेवा नियमावली-2026 समेत कई प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।

बनबसा-टनकपुर के लिए चार घोषणाएं

कैबिनेट बैठक के बाद मुख्यमंत्री धामी ने बनबसा-टनकपुर क्षेत्र के लिए चार घोषणाएं भी कीं। श्रेणी-1 ‘ख’ के पट्टे और तराई-भाभर स्टेट की पट्टे वाली भूमि के विनियमितीकरण की कार्यवाही जल्द करने, शारदा और कैनाल कॉरिडोर के तहत प्राचीन एवं पौराणिक मंदिरों के सौंदर्यीकरण व विस्तारीकरण, टनकपुर के एपीजे अब्दुल कलाम राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज के विस्तार के लिए 2.01 हेक्टेयर भूमि उपलब्ध कराने तथा प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के तहत बनबसा और टनकपुर में सरकारी भूमि पर रह रहे पात्र परिवारों को स्थायी आवास उपलब्ध कराने की घोषणा की।

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