सीमांत नीति घाटी में दौड़ा रोमांच, 933 धावकों ने दिखाई दमखम

सीमांत नीति घाटी में दौड़ा रोमांच, 933 धावकों ने दिखाई दमखम

‘नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन’ से फिट इंडिया अभियान और सीमांत पर्यटन को मिली नई रफ्तार

हमारी पंचायत, चमोली

भारत-तिब्बत सीमा से सटे नीति घाटी क्षेत्र में आयोजित ‘नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन’ ने रोमांच, खेल और पर्यटन का अनूठा संगम प्रस्तुत किया। तीन दिवसीय इस साहसिक आयोजन में देश के 28 राज्यों से पहुंचे 933 धावकों ने हिस्सा लेकर सीमांत क्षेत्र को खेल गतिविधियों का बड़ा केंद्र बना दिया।

पर्यटन विभाग द्वारा भारतीय सेना और आईटीबीपी के सहयोग से आयोजित प्रतियोगिता का शुभारंभ कैबिनेट मंत्री एवं जनपद प्रभारी मंत्री भरत सिंह चौधरी ने फ्लैग ऑफ कर किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सीमांत क्षेत्रों में पर्यटन, रोजगार और आधारभूत सुविधाओं के विस्तार के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उनके अनुसार यह आयोजन प्रधानमंत्री की फिट इंडिया मुहिम को सीमांत गांवों तक पहुंचाने के साथ ही स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती देगा।

जिला पर्यटन अधिकारी अरविंद गौड़ ने बताया कि 31 मई से 2 जून तक आयोजित इस प्रतियोगिता में विभिन्न श्रेणियों की दौड़ और एडवेंचर स्पर्धाएं रखी गई हैं। पहले दिन रिमखिम-नीति-मलारी मार्ग पर 75 किलोमीटर अल्ट्रा रन आयोजित हुई, जिसमें 117 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। वहीं 42 किलोमीटर अल्ट्रा रन में 118 धावकों ने अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया।

आयोजन के अगले चरणों में 5, 10 और 21 किलोमीटर की दौड़ प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं, जबकि समापन पर गमसाली से मलारी तक 30 किलोमीटर की माउंटेन बाइकिंग (एमटीबी) चैलेंज प्रतियोगिता भी रखी गई। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और ऊंचाई वाले क्षेत्र में आयोजित यह आयोजन प्रतिभागियों के लिए चुनौतीपूर्ण होने के साथ-साथ यादगार अनुभव भी बना।

प्रतियोगिता के साथ स्थानीय संस्कृति और परंपराओं को भी प्रमुखता दी गई। मलारी गांव में आयोजित सांस्कृतिक संध्या में लोकगायक किशन महिपाल की प्रस्तुतियों ने समां बांध दिया। वहीं गमसाली गांव के ग्रामीणों ने धावकों के स्वागत और रात्रिभोज की व्यवस्था कर अपनी पारंपरिक मेहमाननवाजी का परिचय दिया।

आयोजकों का मानना है कि ऐसे आयोजन सीमांत गांवों को पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान दिलाने के साथ-साथ स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर भी बढ़ाएंगे। नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन ने एक बार फिर साबित किया कि उत्तराखंड की सीमांत घाटियां साहसिक खेलों और पर्यटन की अपार संभावनाओं से भरपूर हैं।

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