बागेश्वर में लोनिवि की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
हमारी पंचायत, बागेश्वर
बारिश में सड़क पर डामरीकरण और फिर उसी डामर को जेसीबी से उखाड़ने की कार्रवाई ने लोक निर्माण विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कांडा-रावतसेरा-बांसपटान मोटर मार्ग पर प्रतिकूल मौसम में डामरीकरण किए जाने का वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय लोगों और टैक्सी चालकों ने विरोध जताया। मामला बढ़ने पर विभाग ने सड़क पर किए गए डामरीकरण को हटाना शुरू कर दिया।
जानकारी के अनुसार, कांडा-रावतसेरा-बांसपटान मोटर मार्ग पर भारी बारिश के दौरान डामरीकरण का काम कराया जा रहा था। इस दौरान बनाए गए वीडियो में बारिश के बीच सड़क पर डामर बिछाने का मामला सामने आया। मौसम के अनुकूल नहीं होने के बावजूद निर्माण कार्य किए जाने पर स्थानीय लोगों और टैक्सी चालकों ने नाराजगी जताई। उन्होंने सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए निर्धारित मानकों का पालन करने और सरकारी धन के दुरुपयोग को रोकने की मांग की।
स्थानीय लोगों के विरोध के बाद शनिवार को लोक निर्माण विभाग ने संबंधित सड़क पर किए गए डामरीकरण को जेसीबी की मदद से उखाड़ना शुरू कर दिया। विभाग की इस कार्रवाई के बाद निर्माण कार्य की गुणवत्ता और उसे कराए जाने की परिस्थितियों को लेकर सवाल और गहरे हो गए हैं।
काम सही था तो सड़क उखाड़ने की नौबत क्यों आई?
स्थानीय लोगों का सवाल है कि जब बारिश डामरीकरण के अनुकूल नहीं थी, तो आखिर किसके निर्देश पर काम कराया जा रहा था? यदि निर्माण कार्य निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुसार किया गया था, तो उसे हटाने की जरूरत क्यों पड़ी? लोगों ने मामले की जांच कर यह स्पष्ट करने की मांग की है कि निर्माण कार्य में लापरवाही किस स्तर पर हुई।
लोगों का कहना है कि सड़क निर्माण पर खर्च होने वाला पैसा जनता की गाढ़ी कमाई से आता है। ऐसे में निर्माण कार्यों में गुणवत्ता की अनदेखी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जा सकती। खराब मौसम में जल्दबाजी में कराया गया काम यदि टिकाऊ नहीं है, तो इससे सरकारी धन की बर्बादी के साथ आम लोगों को भी परेशानी उठानी पड़ सकती है।
स्थानीय लोगों ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों से पूरे मामले की जांच कराने और जिम्मेदारी तय करने की मांग की है। उनका कहना है कि केवल डामर उखाड़ देना पर्याप्त नहीं है। यह भी सामने आना चाहिए कि काम किन परिस्थितियों में कराया गया और इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों ने दिए कार्रवाई के निर्देश
लोक निर्माण विभाग के अवर अभियंता मो. अहमद ने कहा कि भारी बारिश में किए गए डामरीकरण के मामले को गंभीरता से लिया गया है। संबंधित ठेकेदार को सख्त निर्देश दिए गए हैं और मानकों के विपरीत किए गए डामरीकरण को जेसीबी से हटाया जा रहा है। उन्होंने भविष्य में इस तरह की लापरवाही होने पर कठोर कार्रवाई करने की बात कही।
इस मामले ने एक बार फिर सड़क निर्माण कार्यों की निगरानी और गुणवत्ता सुनिश्चित करने की जरूरत को सामने ला दिया है। अब देखना होगा कि विभाग केवल खराब डामरीकरण हटाने तक सीमित रहता है या पूरे प्रकरण की जांच कर जिम्मेदारों के खिलाफ भी कार्रवाई करता है।

